
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में गर्मी ने मार्च महीने में ही अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं. अमरावती और अकोला जिले इस समय विदर्भ ही नहीं, बल्कि पूरे महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा गर्म स्थान बनकर उभरे हैं. भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शुक्रवार को अमरावती में 41.2 डिग्री सेल्सियस और अकोला में 41.1 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया, जो राज्य में सबसे अधिक रहा है. ऐसे में बढ़ती मार्च में बढ़ते हुए पारा से लोग काफी परेशान हैं.
मौसम विभाग (IMD) के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि वर्तमान में महाराष्ट्र में दर्ज किए जा रहे तापमानों में अमरावती और अकोला शीर्ष पर हैं. यह स्थिति मार्च महीने के लिहाज से असामान्य मानी जा रही है, जहां आमतौर पर इतनी तीव्र गर्मी अप्रैल के मध्य या अंत में देखने को मिलती है.
पिछले सप्ताह विदर्भ के कई हिस्सों में तेज हवाओं, बारिश और ओलावृष्टि के कारण तापमान गिरकर करीब 35 डिग्री तक आ गया था, जिससे रबी की कई फसलों को भी भारी नुकसान हुआ था, लेकिन मौसम साफ होते ही तापमान ने अचानक छलांग लगाई और महज तीन-चार दिनों में 40 डिग्री के पार पहुंच गया है.
शुक्रवार को आसमान में हल्के बादल छाए रहने के बावजूद सूरज की तीखी किरणों ने लोगों को झुलसा दिया है. उमस और तेज धूप के कारण दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा नजर आया और लोग घरों में रहने को मजबूर दिख रहे हैं.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, आने वाले दिनों में तापमान में और वृद्धि संभव है. यदि यही स्थिति बनी रही, तो अप्रैल की शुरुआत में ही पारा 42 से 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. ऐसे में अमरावती और अकोला में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने यह संकेत दे दिया है कि इस साल विदर्भ में गर्मी का प्रकोप जल्दी और ज्यादा तीव्र होने वाला है. मार्च में ही बने ये हालात प्रशासन और आम जनता और किसानों के लिए चिंता का विषय बन गया है.