
भारत मौसम विज्ञान विभाग (India Meteorological Department) ने कहा है कि आज 30 मार्च को देश के कई हिस्सों में मौसम काफी सक्रिय रहेगा. खासकर कश्मीर घाटी में भारी बारिश और बर्फबारी की चेतावनी जारी की गई है. साथ ही उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के कई राज्यों में ओलावृष्टि की आशंका बनी हुई है. पूर्वोत्तर भारत में 30 मार्च से 1 अप्रैल के बीच भारी बारिश और आंधी-तूफान का असर रहेगा. कई क्षेत्रों में तेज हवाएं 50-60 किमी प्रति घंटा तक चल सकती हैं.
30 मार्च को उत्तर भारत में बादल छाए रहेंगे और कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश देखने को मिलेगी. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का असर बना रहेगा. बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं और बिजली के साथ बारिश की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है. मध्य भारत के कुछ हिस्सों में गरज-चमक और ओलावृष्टि की स्थिति बन सकती है.
दिल्ली-एनसीआर में 30 मार्च को आंशिक बादल छाए रहेंगे और दोपहर से शाम के बीच हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं. अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री के बीच रह सकता है. 31 मार्च को भी हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है. तापमान में गिरावट देखने को मिलेगी. 1 अप्रैल को मौसम सामान्य होता हुआ आंशिक बादल के साथ बना रहेगा और तापमान सामान्य के आसपास रहेगा.
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बारिश और बर्फबारी का असर बना रहेगा. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक, तेज हवाएं और बारिश की संभावना है. कुछ इलाकों में ओलावृष्टि फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है.
असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी है. पश्चिम बंगाल, बिहार और झारखंड में तेज हवाओं और आंधी के साथ बारिश हो सकती है. कुछ जगहों पर हवाओं की रफ्तार 60-70 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकती है.
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की संभावना है. महाराष्ट्र, गुजरात और मराठवाड़ा में भी तेज हवाओं और बिजली के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है.
तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और केरल में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ इलाकों में बिजली गिरने का खतरा बना रहेगा.
मछुआरों को अगले कुछ दिनों तक समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है. खासकर बंगाल की खाड़ी और अरब सागर के संवेदनशील इलाकों में मछुुआरों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है. वहीं, किसानों को ओलावृष्टि और तेज हवाओं को देखते हुए पकी फसलों की कटाई कर सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है. खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें.