
बिहार के मौसम में बीते चौबीस घंटों के दौरान बदलाव देखने को मिला है. जहां बीते कुछ दिनों से ठंड का असर कम देखने को मिल रहा था. वहीं बीते चौबीस घंटों के दौरान राज्य के कई जिलों में हुई हल्की बारिश की वजह से अधिकतम तापमान में कमी देखने को मिली है. मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना व्यक्त की गई है. पटना, गया, नवादा, वैशाली, भोजपुर, औरंगाबाद, रोहतास सहित अन्य जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है. इस समय बारिश सब्जी सहित अन्य फसलों के लिए फायदेमंद है. लेकिन जिन फसलों में अधिक मात्रा में फूल आ गए हैं, उनके लिए यह बारिश नुकसान पहुंचा सकती है.
बता दें कि मौसम विभाग के अनुसार फरवरी महीने में सामान्य से अधिक बारिश होने की संभावना है. जहां साल के दूसरे महीने फरवरी के शुरुआती सप्ताह में बारिश हुई थी जिसके बाद से कई फसलों पर इसका सीधा असर देखने को मिला था. वहीं बारिश होने की वजह से आने वाले 48 घंटों के दौरान अधिकतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट होने की उम्मीद है. इसके साथ ही आने वाले पांच दिन के दौरान अधिकतम तापमान 26 से 28 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है जबकि न्यूनतम तापमान 12 से 14 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकती है. वहीं औसतन 5-6 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पछिया हवा चलने की संभावना है.
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले 23 फरवरी तक राज्य के अधिकांश जिलों में बारिश होने की संभावना है. वहीं 22 फरवरी गुरुवार को सभी जिलों में बारिश होने की उम्मीद है. इसके साथ ही पटना, गया, नवादा, वैशाली, भोजपुर, औरंगाबाद, रोहतास सहित अन्य जिलों में बारिश को लेकर येलो अलर्ट घोषित किया गया है. मौसम विभाग ने अनुसार अगले पांच दिनों तक न्यूनतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने के आसार नहीं हैं. इसके साथ 23 फरवरी को दक्षिण मध्य और दक्षिण पूर्व बिहार के एक दो स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है. वहीं राजधानी पटना सहित कैमूर, रोहतास, वैशाली सहित अन्य जिलों में देर रात से ही हल्की बारिश हो रही है.
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भोजपुर कृषि विज्ञान केंद्र के हेड डॉ प्रवीण कुमार द्विवेदी बताते हैं कि फरवरी के तीसरे सप्ताह में हुई बारिश रबी फसल के लिए काफी फायदा देने वाली है. वहीं जिन फसलों में अभी फूल आए हैं, उनके लिए यह बारिश नुकसान पहुंचा सकती है. इसके साथ ही लीची और आम के पेड़ में मंजर भी आना शुरू हो चुके हैं. वहीं यह बारिश इन पेड़ों के पत्तों पर लगे धूल को हटाने में काफी मददगार साबित होगी.