Assam Flood: असम में बाढ़ से 7 और मौतें, लाखों लोग अब भी प्रभावित, सरकार ने बढ़ाई राहत राशि

Assam Flood: असम में बाढ़ से 7 और मौतें, लाखों लोग अब भी प्रभावित, सरकार ने बढ़ाई राहत राशि

असम में बाढ़ से हालात अभी भी गंभीर बने हुए हैं. पिछले 24 घंटे में 7 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की संख्या 75 पहुंच गई है. राज्य के 7 जिले अब भी बाढ़ की चपेट में हैं और 3.32 लाख लोग प्रभावित हैं.

Assam floodsAssam floods
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 29, 2026,
  • Updated Jul 29, 2026, 12:58 PM IST

बीते कुछ हफ्तों से बाढ़ संकट झेल रहे असम में अभी संकट पूरी तरह से नहीं टला है. राज्‍य में पिछले 24 घंटे के दौरान 7 और लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिससे बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 75 हो गई है. वहीं, कई क्षेत्रों में जलस्‍तर कम होने से आपदा से प्रभावित लोगों की संख्या घटकर 3.32 लाख रह गई है, लेकिन कई इलाकों में हालात अब भी सामान्य नहीं हो पाए हैं. राज्य के शिवसागर, चराइदेव, गोलाघाट, जोरहाट, नगांव, सोनितपुर और कामरूप मेट्रोपॉलिटन जिले अब भी बाढ़ से प्रभावित हैं. इन जिलों के 21 राजस्व सर्किल और 622 गांवों में पानी का असर बना हुआ है. सबसे ज्यादा 1.42 लाख लोग चराइदेव जिले में प्रभावित हैं. इसके बाद शिवसागर में 97,074 और जोरहाट में 57,371 लोग बाढ़ से जूझ रहे हैं.

राहत शिविरों में हजारों लोगों का ठिकाना

बाढ़ प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राज्य में 81 राहत शिविर संचालित किए जा रहे हैं, जहां 32,477 विस्थापित लोगों ने शरण ली है. इसके अलावा 34 राहत वितरण केंद्रों के माध्यम से जरूरतमंदों तक खाने का सामान और अन्य जरूरी सामान पहुंचाया जा रहा है. सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विस और लोकल वॉलिंटियर लगातार राहत और बचाव अभियान चला रहे हैं.

फसलों और बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान

लगातार जलभराव के कारण 45,341.98 हेक्टेयर कृषि भूमि पानी में डूब गई है. कई स्थानों पर मकान, पशुशालाएं, स्कूल और आंगनवाड़ी केंद्र भी प्रभावित हुए हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में जनजीवन पर व्यापक असर पड़ा है.

शिवसागर जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लोगों की संचार सुविधा बनाए रखने के लिए इंट्रा सर्किल रोमिंग (ICR) सेवा की मियाद 30 जुलाई की रात 11:59 बजे तक या अगले आदेश जारी होने तक बढ़ा दी गई है. इस व्यवस्था के तहत अगर किसी एक टेलीकॉम कंपनी का नेटवर्क बंद हो जाता है तो दूसरे नेटवर्क के जरिए भी उपभोक्ता मोबाइल सेवा का इस्‍तेमाल कर सकेंगे.

मृतकों के परिजनों को अब 9 लाख रुपये की सहायता

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बाढ़ में जान गंवाने वालों के परिजनों के लिए राहत राशि बढ़ाने का ऐलान किया है. अब हर मृतक के परिवार को कुल 9 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मिलेगी. इसमें पहले से मिलने वाले 4 लाख रुपये के अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से अतिरिक्त 5 लाख रुपये दिए जाएंगे.

साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट जमा करने की अनिवार्यता भी खत्‍म कर दी गई है और अब सर्किल अधिकारी का प्रमाणपत्र काफी होगा. राज्‍य सरकार ने यह भी तय किया है कि अगर बाढ़ में लापता व्यक्ति का शव एक महीने तक नहीं मिलता है तो उसके परिवार को भी 9 लाख रुपये की सहायता प्रदान की जाएगी. इसके लिए सर्किल अधिकारी जरूरी प्रमाणपत्र जारी करेंगे.

शिवसागर, चराइदेव, जोरहाट और गोलाघाट जैसे सबसे अधिक प्रभावित जिलों के गंभीर रूप से प्रभावित परिवारों को घरेलू जरूरतों के लिए 15,000 रुपये की अंतरिम सहायता दी जाएगी. वहीं, शिवसागर और चराइदेव के छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म, पाठ्यपुस्तकें और उच्च माध्यमिक, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के विद्यार्थियों को किताबें खरीदने के लिए आर्थिक मदद भी उपलब्ध कराई जाएगी.

राहत शिविरों में बच्चों पर खास ध्यान

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि राहत शिविरों में बच्चों के लिए पढ़ाई और खेलकूद की अलग व्यवस्था की जा रही है, ताकि बाढ़ की परिस्थितियों का उनकी शिक्षा और बचपन पर कम से कम असर पड़े. सरकार की कोश‍िश है कि राहत शिविरों में बच्चों के लिए सामान्य और सुरक्षित माहौल बनाए रखा जाए. (पीटीआई)

MORE NEWS

Read more!