अमरेली में भारी बारिश से किसानों की फसल बर्बाद, खेत बहे, सरकार से मुआवजे की मांग

अमरेली में भारी बारिश से किसानों की फसल बर्बाद, खेत बहे, सरकार से मुआवजे की मांग

गुजरात के अमरेली जिले में हुई भारी बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. कई गांवों में खेत पानी में डूब गए, खेती की जमीन कट गई और बोए गए बीज बह गए. किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. प्रभावित किसान सरकार से जल्द सर्वे कराने, मुआवजा देने और राहत सहायता उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं.

बारिश से फसल बर्बाद (सांकेतिक फोटो)बारिश से फसल बर्बाद (सांकेतिक फोटो)
क‍िसान तक
  • Amreli,
  • Jul 09, 2026,
  • Updated Jul 09, 2026, 7:52 AM IST

गुजरात के अमरेली जिले में दो दिन पहले हुई तेज बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. बारिश इतनी ज्यादा हुई कि कई गांवों के खेत पानी में डूब गए. कई जगहों पर तेज बहाव के कारण खेती की जमीन कट गई और खेतों की मेड़ भी टूट गई. जिन किसानों ने मॉनसून की शुरुआत से पहले ही बुआई कर दी थी, उनके खेतों में बोए गए बीज भी पानी के साथ बह गए. इससे किसानों को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है. अब किसान सरकार से जल्द मदद की मांग कर रहे हैं.

कई तालुका में खेतों को हुआ भारी नुकसान

अमरेली जिले के लगभग सभी तालुका इस भारी बारिश से प्रभावित हुए हैं. राजुला, जाफराबाद, खंभा, धारी, सावरकुंडला, लाठी, लिलिया, बगसरा और वाडिया जैसे इलाकों में सबसे ज्यादा नुकसान देखने को मिला है. कई गांवों में खेत पूरी तरह पानी से भर गए हैं. स्थानीय नदियों में पानी बढ़ने के कारण खेतों का बड़ा हिस्सा बह गया. कई जगह खेतों के किनारे टूट गए, जिससे खेती करना और भी मुश्किल हो गया है.

चरखड़िया गांव के किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान

सावरकुंडला तालुका के चरखड़िया गांव में किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ है. यहां कई किसानों ने बारिश आने से पहले ही अपने खेतों में बीज बो दिए थे. लेकिन तेज बारिश और पानी के तेज बहाव की वजह से बीज बह गए और खेतों को भी नुकसान पहुंचा. किसानों का कहना है कि अब उन्हें दोबारा बुआई करनी पड़ेगी. इसके लिए उन्हें फिर से बीज और दूसरे कृषि सामान खरीदने होंगे, जिससे उनका खर्च काफी बढ़ जाएगा.

किसान कर रहे हैं सरकार से मदद की मांग

भारी नुकसान के बाद किसान सरकार से मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं. उनका कहना है कि जल्द से जल्द सरकारी टीम गांवों में आकर नुकसान का सर्वे करे और जिन किसानों की फसल और जमीन को नुकसान हुआ है, उन्हें आर्थिक सहायता दी जाए. किसानों का कहना है कि समय पर मदद मिलने से वे दोबारा खेती शुरू कर सकेंगे और उनका नुकसान कुछ हद तक कम हो सकेगा.

नेताओं ने भी सरकार को लिखा पत्र

भारी बारिश के बाद कई जनप्रतिनिधि भी किसानों के समर्थन में सामने आए हैं. जिला पंचायत अध्यक्ष दक्षाबेन चोडवाडिया ने ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर किसानों के नुकसान का जायजा लिया. वहीं अमरेली के पूर्व सांसद नारन कछड़िया, बगसरा के विधायक जे.वी. कछड़िया और जिला भाजपा अध्यक्ष अतुल कनानी ने सरकार को पत्र लिखकर किसानों को जल्द राहत देने की मांग की है. चरखड़िया गांव के सरपंच ने भी अपने गांव के किसानों को हुए नुकसान की जानकारी सरकार तक पहुंचाई है.

जल्द सर्वे और राहत का इंतजार

फिलहाल अमरेली जिले के किसान सरकार की ओर से सर्वे और राहत की घोषणा का इंतजार कर रहे हैं. किसानों का कहना है कि अगर जल्दी मदद नहीं मिली तो उन्हें दोबारा खेती शुरू करने में काफी परेशानी होगी. लगातार बदलते मौसम और भारी बारिश ने किसानों की चिंता और बढ़ा दी है. अब सभी की नजर इस बात पर है कि सरकार कब तक प्रभावित किसानों को राहत और मुआवजा देती है. (फारुकभाई दादामीया सैय्यदकादरी का इनपुट)

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