
महाराष्ट्र का अकोला रविवार को देश का सबसे गर्म शहर बनकर सामने आया है, जहां तापमान 46.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. भीषण गर्मी का आलम ऐसा है कि तेज धूप में महज 20 से 22 मिनट में तवे और छत की फर्श पर डोसा तक पकने लगा. अकोला के साथ अमरावती भी 46.8 डिग्री तापमान के साथ बेहद करीब रहा, जिससे साफ है कि पूरा विदर्भ इस समय भीषण गर्मी और ‘हीट डोम’ की चपेट में है. गर्मी की वजह से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है. अकोला में दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और हालात किसी कर्फ्यू जैसे नजर आए. शादी-ब्याह के मुहूर्त वाले दिन भी बाजारों में भीड़ नहीं दिखी. लोग जरूरी काम होने पर ही घरों से बाहर निकल रहे हैं.
विदर्भ के अन्य शहरों में भी तापमान काफी अधिक दर्ज किया गया. यवतमाल में 46.0 डिग्री, नागपुर में 45.4 डिग्री, चंद्रपुर में 45.0 डिग्री, गडचिरोली और वाशिम में 44.6 डिग्री, गोंदिया में 44.4 डिग्री, ब्रह्मपुरी में 44.2 डिग्री, भंडारा में 44.0 डिग्री और बुलढाणा में 43.5 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया.
महाराष्ट्र के पड़ोसी राज्यों में भी गर्मी का असर देखने को मिल रहा है. मध्य प्रदेश के खरगोन में 45.0 डिग्री, नर्मदापुरम में 44.4 डिग्री, छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में 44.4 डिग्री और रायपुर में 44.2 डिग्री तापमान दर्ज किया गया.
भीषण गर्मी का सबसे ज्यादा असर रोज कमाने-खाने वाले लोगों पर पड़ रहा है. अकोला के ऑटो चालक बबलू पाटिल ने बताया कि धूप इतनी तेज है कि बाहर रहना मुश्किल हो गया है. लोग घरों से निकल नहीं रहे, जिससे सवारी मिलना भी बंद हो गया है. वहीं, डॉक्टरों ने भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. फिजिशियन डॉ. रणजीत कोरडे ने कहा कि बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलें. अगर बाहर जाना जरूरी हो तो लगातार पानी पीते रहें और शरीर को हाइड्रेट रखें. खासकर मजदूरों, किसानों और मेहनतकश लोगों को ज्यादा सावधानी बरतने की जरूरत है.
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने विदर्भ के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है. विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान में हल्की गिरावट संभव है, लेकिन दोपहर की झुलसाने वाली गर्मी और रात की उमस से लोगों को अभी राहत मिलने की उम्मीद कम है. फिलहाल अकोला और अमरावती ‘हीट डोम’ के सबसे बड़े उदाहरण बन चुके हैं. मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सावधानी और बचाव ही सबसे बड़ा उपाय है.