
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 2 अगस्त के लिए देश के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. गुजरात में अब बारिश की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने की संभावना है, जबकि हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, पूर्वी उत्तर प्रदेश, बिहार, ओडिशा, झारखंड, पूर्वोत्तर राज्यों और दक्षिण भारत के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है. वहीं, राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश और कई जगहों पर बिजली गिरने, 30 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और जलभराव की स्थिति बनने की आशंका है.
मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर में 2 अगस्त को पूरे दिन आसमान में बादल छाए रहने का अनुमान है. अलग-अलग इलाकों में सुबह से दोपहर के बीच हल्की बारिश हो सकती है, जबकि शाम और रात में भी कहीं-कहीं बूंदाबांदी की संभावना बनी रहेगी. इस दौरान अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है. दक्षिण-पूर्व दिशा से 10 से 20 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिससे उमस में कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
आईएमडी का कहना है कि उत्तर भारत में मॉनसून की सक्रियता बनी हुई है. हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में कई जगहों पर भारी बारिश जारी रहने की संभावना है. पंजाब, हरियाणा और दिल्ली में 2 अगस्त से बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी बारिश का दायरा बढ़ेगा, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अगले दिन से अधिक असर देखने को मिल सकता है.
वहीं, पश्चिम और पूर्वी राजस्थान के कुछ हिस्सों में भी तेज बारिश और गरज-चमक की संभावना है. मध्य भारत में पश्चिम मध्य प्रदेश में बारिश का असर कम हो सकता है, लेकिन छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश में अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश हाेने के आसार हैं.
बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में 2 अगस्त से बारिश का दायरा और बढ़ने का अनुमान है. कई स्थानों पर भारी बारिश के साथ बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है. पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में लगातार बारिश का दौर जारी रहेगा. कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश भी हो सकती है, जिससे निचले क्षेत्रों में जलभराव और छोटी नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी की आशंका बनी हुई है.
गुजरात में 1 अगस्त को अत्यधिक भारी बारिश के बाद 2 अगस्त को भी कई इलाकों में भारी बारिश जारी रह सकती है. सौराष्ट्र, कच्छ, कोंकण और गोवा में भी तेज बारिश की संभावना है. दक्षिण भारत में केरल, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा. कुछ क्षेत्रों में गरज-चमक, तेज हवाओं और स्थानीय जलभराव की स्थिति बन सकती है.
मौसम विभाग ने सलाह दी है कि लगातार बारिश वाले क्षेत्रों में किसान खेतों से अतिरिक्त पानी की निकासी की व्यवस्था बनाए रखें, ताकि धान, मक्का, सोयाबीन, कपास और दलहन जैसी खरीफ फसलों की जड़ों में पानी जमा न हो. जिन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी है, वहां उर्वरक और कीटनाशक का छिड़काव फिलहाल टालना बेहतर रहेगा.
इसके अलावा तेज हवा और बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में किसान सब्जियों, बागवानी फसलों और केले, पपीते जैसी फसलों को सहारा देकर सुरक्षित रखें. खेतों की नियमित निगरानी करें और जलभराव होने पर तुरंत निकासी की व्यवस्था करें, ताकि फसल को नुकसान कम हो सके. भारी बारिश और बिजली चमकने के दौरान खेतों में काम करने से बचें.