
महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र के अकोला, अमरावती समेत पूरे क्षेत्र में मौसम ने एक ही दिन में दो अलग-अलग रंग दिखाए. दिन में जहां तेज धूप और भीषण गर्मी से लोगों का हाल बेहाल रहा, वहीं शाम होते-होते मौसम ने अचानक करवट बदल ली. तेज हवाएं, बिजली की कड़क और झमाझम बारिश ने गर्मी से राहत तो दी, लेकिन किसानों के लिए नई मुसीबत खड़ी कर दी. मौसम विभाग के अनुसार, विदर्भ में सबसे अधिक तापमान वर्धा में 41.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया.
इसके बाद नागपुर, अमरावती और अकोला में भी तापमान 41 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया. तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण दोपहर में जनजीवन प्रभावित रहा. लेकिन शाम के समय अचानक मौसम बदला और कई इलाकों में तेज आंधी के साथ बारिश शुरू हो गई. अमरावती जिले के मेलघाट क्षेत्र में तो दोपहर के वक्त ही जोरदार बारिश हुई, जिससे खेतों में खड़ी और कटाई के लिए तैयार रबी फसलों को भारी नुकसान हुआ.
किसानों ने कहा कि गेहूं की फसल कटाई के कगार पर थी, लेकिन अचानक आई बारिश से फसल भीग गई. इसके अलावा प्याज और तरबूज जैसी नकदी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है. कई खेतों में पानी भरने से उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है.
मौसम में यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के प्रभाव के कारण देखा जा रहा है. मौसम विभाग ने पहले ही तेज हवाओं, बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई थी, जो अब सच साबित हुई. हालांकि इस बारिश से शहरों में लोगों को भीषण गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली, लेकिन किसानों के चेहरे पर चिंता साफ नजर आ रही है.
रबी की फसल जब खेत से निकलने ही वाली थी, ठीक उसी वक्त बारिश ने मेहनत पर पानी फेर दिया. फिलहाल मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में भी इसी तरह के बदलाव की संभावना जताई है, जिससे किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.