
देश में मौसम के दो अलग-अलग रंग दिखाई दे रहे हैं. उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत भीषण गर्मी की चपेट में हैं, जबकि दक्षिण और पूर्वोत्तर राज्यों में तेज बारिश और आंधी का दौर जारी है. भारत मौसम विज्ञान विभाग ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और विदर्भ में अगले कई दिनों तक लू और गंभीर लू की चेतावनी दी है. दूसरी तरफ केरल, तमिलनाडु, असम, मेघालय और सिक्किम समेत कई इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है.
इस बीच, दक्षिण-पश्चिम मॉनसून भी धीरे-धीरे आगे बढ़ रहा है. मॉनसून अब अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर के कई हिस्सों तक पहुंच चुका है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले कुछ दिनों में इसके और आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी रहेंगी.
24 मई को उत्तर और मध्य भारत में गर्मी का असर और तेज हो सकता है. कई शहरों में अधिकतम तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है. राजस्थान और विदर्भ के कुछ हिस्सों में पारा इससे ऊपर भी जा सकता है. गर्म हवाओं के साथ रात का तापमान भी सामान्य से ज्यादा बना रहेगा, जिससे लोगों को दिन और रात दोनों समय परेशानी झेलनी पड़ सकती है.
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में गर्मी के साथ उमस बढ़ने की संभावना है. हालांकि, कहीं-कहीं तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ हल्की बारिश राहत दे सकती है. पश्चिम बंगाल और सिक्किम के पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है. वहीं, पूर्वोत्तर राज्यों में बारिश की गतिविधियां मजबूत बनी रहेंगी.
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है. कुछ इलाकों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है. इसके अलावा दक्षिण भारत में केरल, तमिलनाडु, कर्नाटक और तेलंगाना में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है. तटीय इलाकों में तेज हवाओं का असर भी देखने को मिल सकता है.
इधर, दिल्ली-एनसीआर में 24 मई को मौसम साफ रहने की संभावना है, लेकिन गर्मी लोगों को बेहाल कर सकती है. अधिकतम तापमान 43 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. दिन के समय तेज और गर्म हवाएं चलने की संभावना है. मौसम विभाग ने कुछ इलाकों में लू की स्थिति बनने की आशंका जताई है.
25 और 26 मई को भी राजधानी में गर्मी का असर जारी रह सकता है. हालांकि, दोपहर या शाम के समय हल्के बादल बनने और कहीं-कहीं गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं. इसके बावजूद तापमान सामान्य से काफी ऊपर बना रहने का अनुमान है.
मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर भारत के पर्वतीय इलाकों में 28 मई के बाद मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है. जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में बादल छाने और हल्की बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं. इसके असर से मैदानी इलाकों में भी कुछ राहत मिलने की उम्मीद है.
मध्य भारत में अभी गर्मी से राहत के संकेत नहीं हैं. मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में अगले कई दिनों तक लू चलने की संभावना बनी हुई है. वहीं, पूर्वी भारत में 27 मई के बाद तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है.
दक्षिण भारत में मॉनसूनी गतिविधियों के बढ़ने से केरल और आसपास के इलाकों में बारिश का दायरा बढ़ सकता है. तटीय राज्यों में तेज हवाओं और बिजली गिरने की घटनाओं को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
मौसम विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि गर्मी वाले इलाकों में फसलों को जरूरत के अनुसार, हल्की सिंचाई देते रहें और खेतों में नमी बनाए रखने के उपाय करें. तेज गर्मी से सब्जियों और बागवानी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है. इसलिए मल्चिंग और छायादार व्यवस्था करने की सलाह दी गई है. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में खेतों से पानी निकालने की उचित व्यवस्था बनाए रखने को कहा गया है.
पशुपालकों को पशुओं के लिए पर्याप्त पानी और छांव की व्यवस्था रखने की सलाह दी गई है. वहीं, मछुआरों को अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के कई हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक समुद्र में नहीं जाने की चेतावनी दी गई है, क्योंकि समुद्र में तेज हवाएं और ऊंची लहरें उठ सकती हैं.