
महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं. सोमवार को हुई तेज बारिश और ओलों की मार से क्षेत्र के 230 गांवों में फसलें प्रभावित हुई हैं, जबकि आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की मौत हो गई. प्रशासन की प्रारंभिक रिपोर्ट के मुताबिक, लातूर, बीड और नांदेड़ जिलों में कुल लगभग 19 हजार हेक्टेयर कृषि भूमि पर खड़ी फसल को नुकसान पहुंचा है. इस प्राकृतिक आपदा से 27 हजार से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं.
सबसे ज्यादा असर लातूर जिले में देखा गया, जहां अकेले 15 हजार हेक्टेयर से ज्यादा क्षेत्र में फसल क्षति दर्ज की गई. लातूर के 136 गांव, बीड के 53 गांव और नांदेड़ के 41 गांवों में बारिश और ओलावृष्टि का व्यापक असर हुआ है. इस दौरान जान-माल का भी नुकसान हुआ.
लातूर के उदगीर इलाके के 60 वर्षीय दिगंबर बेलकुंडे और नांदेड़ के हिमायतनगर की रहने वाली विशाखा येलकेवाड़ की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई. इसके अलावा बीड और नांदेड़ जिलों में चार मवेशियों की भी जान चली गई.
रिपोर्ट के मुताबिक, 14 कच्चे मकानों को आंशिक नुकसान पहुंचा है. प्रशासन की ओर से नुकसान का आकलन जारी है और प्रभावित किसानों को राहत देने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है.
बीड जिले में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं ने किसानों की मेहनत पर पानी फेर दिया. परली और अंबाजोगाई इलाकों में अचानक आए आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ हुई बारिश से कटाई के लिए तैयार ज्वार, गेहूं और चने की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई, जबकि आम और तरबूज के बागानों को भी नुकसान पहुंचा.
हालात की गंभीरता को देखते हुए परली विधायक धनंजय मुंडे ने जिला प्रशासन को तुरंत नुकसान का आकलन कर पंचनामा तैयार करने और सरकार को विस्तृत रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं. फसलें तैयार अवस्था में नष्ट होने से किसान गहरे संकट में हैं और प्रभावित गांवों में चिंता का माहौल बना हुआ है.
इधर, महाराष्ट्र में बेमौसम बारिश से प्रभावित धान किसानों को राहत देने की तैयारी तेज हो गई है. विधानसभा में चर्चा के दौरान राज्य के मंत्री योगेश कदम ने मंगलवार को बताया कि पूर्वी विदर्भ के किसानों के लिए सब्सिडी से जुड़ा प्रस्ताव जल्द ही कैबिनेट के सामने रखा जाएगा. उन्होंने कहा कि चंद्रपुर, गडचिरोली, भंडारा और गोंदिया जिलों में बेमौसम बारिश के कारण धान की फसल को भारी नुकसान हुआ है.
सरकार पहले ही प्रति हेक्टेयर 20 हजार रुपये की सहायता की घोषणा कर चुकी है, लेकिन भुगतान में देरी को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए. इस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया कि किसान पंजीकरण प्रक्रिया में खामियों को दूर किया जा रहा है और सत्यापन पूरा होने के बाद सब्सिडी की राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर करने का प्रस्ताव मंजूरी के लिए कैबिनेट में भेजा जाएगा.(पीटीआई)