
विकसित भारत-जी राम जी योजना को लेकर बिहार सरकार की ओर से एक अहम निर्णय लिया गया है. हाल के दिनों में सरकार की ओर से कृषि कार्यों के दौरान मजदूरों की कमी न हो, इसे देखते हुए राज्य सरकार ने योजना पर 10 दिसंबर 2026 तक के लिए रोक लगा दी थी. लेकिन सरकार की ओर से अब इसमें सुधार करते हुए इसे फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है. वहीं, ग्रामीण विकास विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि बिहार बाढ़ आपदा से प्रभावित रहा है. इसमें सड़कें, पुल, पुलिया, रास्ते, तटबंध आदि व्यापक पैमाने पर क्षतिग्रस्त हुए हैं. क्षतिग्रस्त अधोसंरचनाओं की मरम्मत अति आवश्यक है, ताकि विकास कार्यों को गति दी जा सके.
ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बिहार में बाढ़ की वजह से 22 जिले प्रभावित हुए थे. साथ ही, करीब 16 जिले सूखे की चपेट में थे. पूर्व में कृषि कार्यों को देखते हुए, ताकि कृषि कार्य प्रभावित न हों, कार्य विराम अवधि के तहत 22 अक्टूबर से 10 दिसंबर 2026 के बीच निर्माण कार्यों पर रोक लगाई गई थी. लेकिन हाल के दिनों में राज्य में आपदा की स्थिति को देखते हुए अब इस रोक को हटा दिया गया है, ताकि लोगों को रोजगार मिल सके और क्षतिग्रस्त संरचनाओं की पुनर्स्थापना हो सके.
विभागीय आदेश के अनुसार, इस वर्ष अरवल, बेगूसराय, भागलपुर, भोजपुर, बक्सर, दरभंगा, गोपालगंज, कटिहार, खगड़िया, लखीसराय, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पटना, पूर्वी चंपारण, पूर्णिया, सहरसा, समस्तीपुर, सारण, सुपौल और वैशाली बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं. वहीं, अररिया, औरंगाबाद, बांका, गयाजी, जमुई, जहानाबाद, कैमूर, किशनगंज, मधुबनी, नालंदा, नवादा, रोहतास, शेखपुरा, शिवहर, सीतामढ़ी और सीवान जैसे जिलों में सामान्य से कम वर्षा होने की वजह से सूखे जैसी स्थिति रही. वहीं, सूखाग्रस्त रहने के कारण खरीफ की फसल बर्बाद हो गई.इससे कृषि श्रमिकों की मांग काफी कम हो गई है.
राज्य के जिन इलाकों में बाढ़ और सूखे की वजह से लोगों को नुकसान हुआ है, वहां सरकार की ओर से विकसित भारत-जी राम जी योजना के तहत लोगों को रोजगार मिल सके, इसको लेकर विभाग की ओर से इस योजना को फिर से शुरू कर दिया गया है. अधोसंरचनाओं का निर्माण, मरम्मत और अन्य विकास कार्य किए जाएंगे. ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, बिहार के बाढ़ प्रभावित 22 जिलों में क्षतिग्रस्त अधोसंरचनाओं की मरम्मत और पुनर्स्थापना जरूरी है.आपदा को देखते हुए कृषि कार्यों के लिए निर्धारित कार्य विराम अवधि में छूट दी गई है, ताकि श्रमिकों को रोजगार गारंटी के तहत 125 दिनों का काम मिल सके.
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