Banana City में जल्द तैयार होगा 'बनाना क्लस्टर', किसानों को मिलेगा ये फायदा

Banana City में जल्द तैयार होगा 'बनाना क्लस्टर', किसानों को मिलेगा ये फायदा

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि बनाना सिटी में लंबे समय से प्रस्तावित 'बनाना क्लस्टर' परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है. ऐसे में जल्द ही यहां इतने करोड़ रुपये की लागत से क्लस्टर विकसित किया जा रहा है.

जल्द तैयार होगा 'बनाना क्लस्टर'जल्द तैयार होगा 'बनाना क्लस्टर'
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 20, 2026,
  • Updated Mar 20, 2026, 9:56 AM IST

महाराष्ट्र के केला किसानों के लिए खुशखबरी है. दरअसल, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुड़ी पड़वा के मौके पर जलगांव में केला उगाने वाले किसानों से मुलाकात की और उनसे बातचीत की. इस बीच उन्होंने जिले में बनाना क्लस्टर बनाने का जिक्र किया. उन्होंने किसानों को गुड़ी पड़वा की शुभकामनाएं दीं और कहा कि सरकार किसानों की आय बढ़ाने और खेती से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी तरह काम कर रही है. शिवराज सिंह चौहान ने यह भी बताया कि जलगांव को “स्वर्ण नगरी” और “बनाना सिटी” के नाम से जाना जाता है, क्योंकि यहां केले की खेती बड़े पैमाने पर होती है और इसका देश की बागवानी में बड़ा योगदान है. 

200 करोड़ रुपये में बनाया जाएगा केला क्लस्टर

कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि जलगांव में लंबे समय से प्रस्तावित बनाना क्लस्टर परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है और इसे 200 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया जा रहा है. इस क्लस्टर के अंतर्गत गुड एग्रीकल्चर प्रैक्टिस, मैकेनाइजेशन, बायो-कंट्रोल, फ्रूट कवर और प्री-कूलिंग जैसी सुविधाएं विकसित की जाएगी. साथ ही कोल्ड स्टोरेज, राइपनिंग चेंबर, रेफ्रिजरेटेड वैन, प्रोसेसिंग और निर्यात से जुड़ी अधोसंरचना भी तैयार की जाएगी. MIDH और एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के तहत इन सुविधाओं के लिए सब्सिडी उपलब्ध कराई जाएगी जिससे किसानों को अधिक लाभ मिलेगा.

किसानों को मिलने वाले कम दाम पर जताई चिंता

केंद्रीय मंत्री ने किसानों को मिलने वाले कम दाम और शहरों में ऊंची कीमतों के बीच बड़े अंतर पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि कई बार किसानों को टमाटर जैसे उत्पाद बहुत कम कीमत पर बेचने पड़ते हैं, जबकि शहरों में वही उत्पाद कई गुना अधिक दाम पर बिकता है. ऐसे में उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर इस दाम के अंतर को कम करने के लिए प्रभावी तंत्र विकसित करेगी, ताकि किसानों को उनकी उपज का उचित दाम मिल सके.

केला किसानों के लिए वैकल्पिक मॉडल तलाश रही सरकार

शिवराज सिंह चौहान ने यह भी कहा कि केला जैसी फसलें MSP पर खरीदकर लंबे समय तक रखी नहीं की जा सकती है, इसलिए सरकार एक ऐसे वैकल्पिक मॉडल पर विचार कर रही है, जिसमें बाजार मूल्य अत्यधिक कम होने पर किसानों को लागत या निर्धारित मॉडल मूल्य और बाजार भाव के बीच का अंतर दिया जा सके. उन्होंने बताया कि इस प्रकार के प्रयोग मिर्च और आम जैसी फसलों में किए गए हैं और ‘पीएम-आशा’ योजना के तहत भी नए मॉडल विकसित किए जा रहे हैं.

कृषि मंत्री ने की प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की अपील

कृषि मंत्री अत्यधिक रासायनिक खाद और कीटनाशकों के उपयोग से मिट्टी की बिगड़ती सेहत पर चिंता जताते हुए कहा कि इससे ऑर्गेनिक कार्बन की कमी हो रही है, मित्र कीट नष्ट हो रहे हैं और मिट्टी की उर्वरता घट रही है. उन्होंने किसानों से अपील की कि वे प्राकृतिक खेती को अपनाएं और शुरुआत छोटे स्तर पर प्रयोग के रूप में करें. उन्होंने विश्वास जताया कि सही तरीके से की गई प्राकृतिक खेती से उत्पादन में कमी नहीं आती, बल्कि भूमि की क्षमता और उत्पादकता बढ़ती है.

जलगांव के केले को वैश्विक स्तर पहचान दिलाने की तैयारी

उन्होंने कहा कि किसानों से प्राप्त सुझावों और समस्याओं के समाधान के लिए एक व्यापक रोडमैप तैयार किया जाएगा और जलगांव के केले को वैश्विक स्तर पर नई पहचान दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे. भारतीय संस्कृति के मूल भाव का उल्लेख करते हुए उन्होंने सभी के कल्याण और समृद्धि की कामना की. साथ ही किसानों को आत्मनिर्भर और समृद्ध बनाने के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई. 

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