UP में 1.56 करोड़ लाभार्थियों को मिला राशन का लाभ, जानें क्या है डिजिटल निगरानी मॉडल

UP में 1.56 करोड़ लाभार्थियों को मिला राशन का लाभ, जानें क्या है डिजिटल निगरानी मॉडल

Ration Distribution System: लाभार्थी को पोषण सामग्री उपलब्ध कराते समय OTP आधारित सत्यापन की व्यवस्था भी लागू है. इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि सामग्री निर्धारित लाभार्थी तक ही पहुंचे. पूरी प्रक्रिया में डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से निगरानी करने वाले अधिकारियों के लिए भी व्यवस्था को ट्रैक करना आसान हुआ है.

जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड और ओटीपी से वितरण की निगरानीजीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड और ओटीपी से वितरण की निगरानी
क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Aug 11, 2026,
  • Updated Aug 11, 2026, 8:53 AM IST

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार ने टेक होम राशन व्यवस्था को तकनीक से जोड़कर आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी और वितरण की पारदर्शिता को मजबूत किया गया है. इस पहल से बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं तक पोषण पहुंचाने में बड़ी मदद हुई है. बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग से मिली जानकारी मुताबिक, करीब 1.56 करोड़ लाभार्थियों तक पहुंच रही इस व्यवस्था में जीपीएस ट्रैकिंग, क्यूआर कोड और ओटीपी आधारित सत्यापन जैसे डिजिटल उपायों को शामिल किया गया है. इस व्यवस्था का उद्देश्य पोषण सामग्री को उत्पादन यूनिट से लेकर वास्तविक लाभार्थी तक सुरक्षित और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार पहुंचाना है. जबकि परिवहन के दौरान वाहनों की GPS के जरिए निगरानी की जाती है. इससे आपूर्ति में लगे वाहनों की आवाजाही पर नजर रखना संभव हुआ है. वहीं पैकेट पर लगाए गए QR कोड के जरिए सामग्री की पहचान और वितरण संबंधी जानकारी को डिजिटल प्रक्रिया से जोड़ा गया है.

जरूरत के अनुरूप उपलब्ध हो रहा अनुपूरक पोषण

लाभार्थी को पोषण सामग्री उपलब्ध कराते समय OTP आधारित सत्यापन की व्यवस्था भी लागू है. इससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिलती है कि सामग्री निर्धारित लाभार्थी तक ही पहुंचे. पूरी प्रक्रिया में डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होने से निगरानी करने वाले अधिकारियों के लिए भी व्यवस्था को ट्रैक करना आसान हुआ है. सरकार ने टेक होम राशन के लिए अलग-अलग आयु और जरूरत के अनुसार पोषण उत्पाद भी तैयार किए हैं. वहीं, 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को उनकी जरूरत के अनुरूप अनुपूरक पोषण उपलब्ध कराया जा रहा है.

गड़बड़ी की पहचान करना हुआ आसान

बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के मुताबिक, पोषण व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल का महत्वपूर्ण पहलू जवाबदेही है. उत्पादन, परिवहन और वितरण के अलग-अलग स्तरों पर डिजिटल निगरानी होने से व्यवस्था में किसी स्तर पर होने वाली गड़बड़ी की पहचान करना पहले की तुलना में आसान हुआ है. इससे विभागीय निगरानी को भी मजबूती मिली है.

राशन व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल

योगी सरकार ने पोषण को स्वास्थ्य और सुशासन से जोड़ते हुए व्यवस्था में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाया है.सरकार का जोर केवल अधिक से अधिक लाभार्थियों तक सामग्री पहुंचाने पर नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने पर भी है कि पोषण सामग्री समय पर, निर्धारित गुणवत्ता के साथ और सही व्यक्ति तक पहुंचे.

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