
महाराष्ट्र में फसल बीमा योजना के तहत किसानों के रजिस्ट्रेशन की संख्या बढ़कर 81.40 लाख हो गई है, लेकिन यह पिछले साल के मुकाबले कम है. राज्य सरकार की ओर से रजिस्ट्रेशन की समयसीमा में 10 दिन की बढ़ोतरी किए जाने के बाद किसानों की संख्या में करीब 19.6 लाख का इजाफा हुआ है. राज्य सहकारिता विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, 10 अगस्त तक कुल 81,40,913 किसान फसल बीमा के लिए रजिस्ट्रेशन करा चुके हैं. राज्य में इस साल फसल बीमा को लेकर किसानों की भागीदारी पिछले साल की तुलना में बड़ी गिरावट देखी गई है. जुलाई के अंत तक केवल 61,82,218 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था, जबकि पिछले साल इसी योजना के तहत करीब 95 लाख किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. इसके बाद सरकार ने किसानों को राहत देते हुए रजिस्ट्रेशन के लिए 10 दिन की अतिरिक्त समयसीमा दी.
कुल रजिस्ट्रेशन में गैर-कर्जदार किसानों की संख्या सबसे ज्यादा है. ऐसे 77,16,246 किसान हैं, जिन्होंने फसल लोन नहीं लिया है और अपनी फसल का बीमा कराया है. इन किसानों की बीमित राशि को मिलाकर योजना के तहत कुल 30,281 करोड़ रुपये की फसल बीमा राशि कवर हुई है.
जिन किसानों ने फसल ऋण लिया है, उनके पंजीकरण की प्रक्रिया अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है. बैंकों को अगस्त के अंत तक कर्जदार किसानों का विवरण बीमा कंपनियों को भेजने और उनके बीमा प्रीमियम का भुगतान करने की अनुमति दी गई है. ऐसे किसानों के मामले में बैंक लोन राशि से बीमा प्रीमियम काटकर संबंधित फसल बीमा कंपनी को जमा करेंगे और बाकी रकम किसान को लोन के रूप में दी जाएगी.
राज्य में पिछले साल जुलाई के अंत तक करीब 31 लाख किसानों ने फसल लोन लिया था. इनमें लगभग 16 लाख किसान गन्ने की खेती के लिए कर्जदार थे. गन्ना फसल बीमा योजना के दायरे में शामिल नहीं है. ऐसे में इस साल बचे हुए कर्जदार किसानों में से करीब 10 लाख के फसल बीमा योजना से जुड़ने का अनुमान लगाया जा रहा है.
इस साल रजिस्ट्रेशन की धीमी रफ्तार के पीछे किसानों की ओर से पिछले साल फसल बीमा योजना से अपेक्षित लाभ नहीं मिलने और मौजूदा सीजन में पात्रता के नियमों को अधिक सख्त किए जाने को प्रमुख वजह माना गया. जुलाई के अंत तक रजिस्ट्रेशन की संख्या काफी कम रहने के बाद सरकार ने 10 दिन की अतिरिक्त मोहलत देने का फैसला किया.
जिलों की बात करें तो नांदेड रजिस्ट्रेशन के मामले में सबसे आगे रहा. यहां 9,48,736 किसानों ने फसल बीमा कराया है. इसके बाद बीड में 9,34,802, लातूर में 6,21,776, परभणी में 5,23,392 और अहिल्यानगर में 5,00,232 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है.
दूसरी ओर, महाराष्ट्र के कुछ जिलों में फसल बीमा के लिए किसानों की भागीदारी काफी कम रही. रत्नागिरी में सबसे कम 10,426 रजिस्ट्रेशन हुए हैं. इसके बाद कोल्हापुर में 11,182, रायगढ़ में 16,034, सिंधुदुर्ग में 24,225 और गढ़चिरौली में 25,182 किसानों ने रजिस्ट्रेशन कराया है.
गैर-कर्जदार किसानों के लिए रजिस्ट्रेशन की समयसीमा खत्म हो चुकी है, जबकि कर्जदार किसानों के मामलों में अगस्त के अंत तक बैंक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं. इसके बाद महाराष्ट्र में इस सीजन फसल बीमा योजना से जुड़े किसानों की अंतिम संख्या स्पष्ट होगी. (पीटीआई)