बिहार में पशुपालकों को बड़ी राहत! लोन के ब्याज पर 100% सब्सिडी, 500 करोड़ की नई चीनी मिल भी मंजूर

बिहार में पशुपालकों को बड़ी राहत! लोन के ब्याज पर 100% सब्सिडी, 500 करोड़ की नई चीनी मिल भी मंजूर

बिहार कैबिनेट ने 24 जरूरी प्रस्तावों को मंजूरी दी है. पशुपालकों के लिए मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना के तहत बैंक लोन के ब्याज पर 100% सब्सिडी मिलेगी. नवादा में 500 करोड़ रुपये से अधिक की नई चीनी मिल को मंजूरी मिली है. कोसी में डेयरी विकास, पुलिस आधुनिकीकरण और शिक्षा से जुड़े कई फैसले भी लिए गए हैं.

बिहार में पशुपालकों की बल्ले-बल्ले!बिहार में पशुपालकों की बल्ले-बल्ले!
क‍िसान तक
  • Patna,
  • Sep 23, 2026,
  • Updated Sep 23, 2026, 6:10 PM IST

बिहार कैबिनेट की बैठक में बुधवार को कुल 24 एजेंडों पर मुहर लगी. सरकार ने पशुपालकों, किसानों, डेयरी सेक्टर, पुलिस और शिक्षा से जुड़े कई अहम फैसले लिए. मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत बैंक लोन के ब्याज पर 100 फीसदी सब्सिडी मिलेगी. इसके अलावा नवादा के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल लगाने और कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास की परियोजनाओं को भी मंजूरी दी गई.

पशुपालकों के लिए बड़ी योजना को मंजूरी

बिहार सरकार ने पशुपालकों को आर्थिक मदद देने के लिए मुख्यमंत्री गो-धन विकास ऋण योजना को मंजूरी दी है. इस योजना के तहत पशुपालक बैंक से लोन लेकर अपने पशुपालन से जुड़े काम को बढ़ा सकेंगे. सबसे बड़ी बात यह है कि इस लोन पर लगने वाले ब्याज की 100 फीसदी सब्सिडी सरकार देगी. यानी लाभुकों को ब्याज की रकम नहीं चुकानी होगी और उन्हें सिर्फ लोन की मूल रकम वापस करनी होगी. सरकार ने इस योजना के लिए तीन साल में 160 करोड़ रुपये से अधिक खर्च करने की मंजूरी दी है. इस योजना का उद्देश्य पशुपालकों को आसानी से वित्तीय मदद देना और राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देना है.

कोसी क्षेत्र में डेयरी का होगा विस्तार

कैबिनेट ने कोसी क्षेत्र में डेयरी विकास से जुड़ी 8 परियोजनाओं को मंजूरी दी है. इसके लिए सरकार ने 126.07 करोड़ रुपये की राशि स्वीकृत की है. इस योजना के तहत क्षेत्र में डेयरी से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर किया जाएगा. इसके साथ ही 500 नई दुग्ध सहकारी समितियों के गठन और डेयरी सुविधाओं के विकास पर भी काम किया जाएगा. इससे दूध उत्पादन और दूध से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है. इससे पशुपालकों को अपने दूध की बिक्री के लिए बेहतर व्यवस्था मिल सकती है.

नवादा में लगेगी नई चीनी मिल

बिहार कैबिनेट ने नवादा जिले के वारिसलीगंज में नई चीनी मिल स्थापित करने को भी मंजूरी दी है. इस परियोजना में 500 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश होने की बात कही गई है. नई चीनी मिल से नवादा के साथ-साथ नालंदा, शेखपुरा और जमुई जिले के किसानों को फायदा मिलेगा. इन जिलों के गन्ना किसानों के लिए स्थानीय स्तर पर गन्ने की बिक्री का एक नया विकल्प तैयार होगा. चीनी मिल शुरू होने के बाद गन्ने की खरीद, परिवहन और इससे जुड़े दूसरे कामों में भी गतिविधियां बढ़ सकती हैं.

पशु चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने का फैसला

कैबिनेट ने बिहार पशु चिकित्सा अवसंरचना एवं सेवा सुदृढ़ीकरण नीति को भी सैद्धांतिक मंजूरी दी है. इसका मकसद राज्य में पशुओं के इलाज और पशु चिकित्सा से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाना है. इससे पशुपालकों को अपने पशुओं के इलाज के लिए बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में काम किया जाएगा. हालांकि, इस नीति के तहत आगे की विस्तृत व्यवस्था और परियोजनाओं की जानकारी अलग से सामने आ सकती है.

बेगूसराय में बनेगा रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय

शिक्षा के क्षेत्र में भी कैबिनेट ने बड़ा फैसला लिया है. उच्च शिक्षा विभाग के तहत बेगूसराय में रामधारी सिंह दिनकर विश्वविद्यालय की स्थापना को मंजूरी दी गई है. इससे बेगूसराय और आसपास के छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए स्थानीय स्तर पर नया विश्वविद्यालय मिलने का रास्ता साफ होगा. वहीं पटना में ‘माँ सीता’ विश्वविद्यालय के नाम में बदलाव को भी मंजूरी दी गई है. अब इसका नाम ‘माता सीता विश्वविद्यालय’ किया जाएगा.

पुलिस के लिए उपकरण और 50 ड्रोन खरीदे जाएंगे

बिहार में पुलिस व्यवस्था को मजबूत करने के लिए भी कैबिनेट ने कई फैसले लिए हैं. पुलिस के सुदृढ़ीकरण और जरूरी उपकरणों की खरीद के लिए 33.68 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इसके अलावा पुलिस आधुनिकीकरण के तहत 50 ड्रोन खरीदने के लिए 24.50 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं. ड्रोन का इस्तेमाल पुलिस निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कामों में कर सकेगी.

बिहार जल संसाधन विकास निगम बनेगा

कैबिनेट ने बिहार जल संसाधन विकास निगम लिमिटेड के गठन को भी मंजूरी दी है. इस निगम के जरिए राज्य में जल संसाधनों के विकास और उनसे जुड़े कामों को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जाएगा.

पूर्व बिहार विद्युत बोर्ड के कर्मचारियों से जुड़ा फैसला

कैबिनेट ने पूर्ववर्ती बिहार विद्युत बोर्ड के टर्मिनल बेनिफिट के लिए 757.63 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की मंजूरी दी है. टर्मिनल बेनिफिट का संबंध कर्मचारियों को सेवा समाप्ति या सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाले लाभों से होता है.

पटना नगर निगम के पुराने कर्ज को लेकर फैसला

पटना नगर निगम के 41 करोड़ रुपये से अधिक के पुराने ऋण को अनुदान में समायोजित करने की मंजूरी दी गई है. इससे नगर निगम पर पुराने कर्ज का वित्तीय बोझ कम करने में मदद मिलेगी. बिहार कैबिनेट ने पटना के GPO गोलंबर सब-वे का नाम आचार्य किशोर कुणाल के नाम पर रखने को मंजूरी दी है. यह सब-वे पटना जंक्शन को मल्टी मॉडल हब से जोड़ता है. नाम बदलने के फैसले के बाद यह सब-वे आचार्य किशोर कुणाल के नाम से जाना जाएगा.

मछुआरा आयोग के मानदेय में बदलाव

कैबिनेट ने मछुआरा आयोग के पदाधिकारियों के मानदेय और दूसरी सुविधाओं के पुनर्निर्धारण को भी मंजूरी दी है. इसके अलावा विभिन्न आयोग, बोर्ड, निगम और पर्षद के पदाधिकारियों को मिलने वाले भत्तों में संशोधन को भी स्वीकृति दी गई है. कुल मिलाकर बिहार कैबिनेट की इस बैठक में किसानों, पशुपालकों, डेयरी क्षेत्र, शिक्षा, पुलिस, जल संसाधन और शहरी विकास से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं. खास तौर पर पशुपालकों के लिए ब्याज पर 100 फीसदी सब्सिडी वाली गो-धन विकास ऋण योजना और चार जिलों के किसानों को लाभ पहुंचाने वाली नई चीनी मिल की मंजूरी को महत्वपूर्ण फैसलों में देखा जा रहा है. (शशिभूषण का इनपुट )

ये भी पढ़ें: 

CM फडणवीस के सामने रो पड़ा किसान, गले लगाकर संभाला, किसानों ने उठाई 1 लाख रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवजे की मांग
किसानों की फसल और आमदनी बचाने पर जोर, डॉ. ज्ञानेन्द्र शुक्ला बने क्रॉपलाइफ इंडिया के अध्यक्ष

MORE NEWS

Read more!