Loan Waiver: महाराष्‍ट्र में 2017 कर्जमाफी में लाखों किसानों के मामले अब भी अटके, मंत्री ने कही ये बात

Loan Waiver: महाराष्‍ट्र में 2017 कर्जमाफी में लाखों किसानों के मामले अब भी अटके, मंत्री ने कही ये बात

महाराष्ट्र विधानसभा में बताया गया कि 2017 की कर्जमाफी योजना के तहत अब तक 44 लाख से अधिक किसानों को लाभ मिल चुका है, जबकि 6.56 लाख पात्र किसानों के मामलों की प्रक्रिया जारी है. जानिए मंत्री ने और क्‍या कहा...

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 27, 2026,
  • Updated Feb 27, 2026, 4:21 PM IST

महाराष्ट्र में 2017 हुई किसान कर्जमाफी योजना का दायरा भले ही बड़ा रहा हो, लेकिन अब भी बड़ी संख्या में पात्र किसान इसके लाभ से बाहर हैं. विधानसभा में शुक्रवार को दी गई जानकारी में यह बात सामने आई. राज्य के सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने बताया कि छह लाख से ज्‍यादा ऐसे किसान हैं, जिन्हें अब तक कर्जमाफी का लाभ नहीं मिल पाया है. हालांकि, सरकार की ओर से प्रक्रिया जारी है. मंत्री ने बताया कि छत्रपति शिवाजी महाराज शेतकरी सन्मान योजना के तहत कुल 50.60 लाख पात्र किसानों में से 44.04 लाख किसानों को अब तक कर्जमाफी का लाभ दिया जा चुका है.

शेष 6.56 लाख किसानों के मामलों में दस्तावेजी और प्रक्रियात्मक स्तर पर काम चल रहा है. राज्‍य सरकार का दावा है कि इन किसानों को भी चरणबद्ध तरीके से योजना के दायरे में लाया जाएगा. इसी तरह महात्मा ज्योतिराव फुले शेतकरी कर्जमुक्ती योजना के अंतर्गत लगभग पूरी कवरेज हासिल कर ली गई है. इस योजना में 32.42 लाख पात्र किसानों में से 32.29 लाख किसानों को लाभ मिल चुका है.

30 अक्‍टूबर 2025 को हुआ हाईलेवल कमेटी का गठन

इसके अलावा फसल लोन का समय पर भुगतान करने वाले किसानों के लिए घोषित प्रोत्साहन सब्सिडी का भी जिक्र किया गया. आधार प्रमाणीकरण के बाद 14.50 लाख किसानों को यह राशि दी जा चुकी है. कर्ज संकट की व्यापक स्थिति को समझने के लिए राज्य सरकार ने 30 अक्टूबर 2025 को एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया था.

यह समिति किसानों पर बकाया कर्ज की स्थिति का अध्ययन कर अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपाय सुझाने के लिए बनाई गई है. बैंकों से 54.63 लाख ओवरड्यू खातों का डेटा अपेक्षित था, जिसमें से 52.80 लाख खातों की जानकारी मिल चुकी है और उसका विश्लेषण किया जा रहा है. हालांकि, समिति की रिपोर्ट अभी आना बाकी है.

NPA माफी पर मंत्री ने दी सफाई

मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि औद्योगिक एनपीए माफ किए जाने को लेकर राज्य सरकार पर लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं. उन्‍होंने कहा कि उद्योगों के एनपीए से जुड़े फैसले केंद्र सरकार के अधिकार क्षेत्र में आते हैं और राज्य सरकार की इसमें कोई भूमिका नहीं है.

2025 के खरीफ सीजन में अतिवृष्टि और बाढ़ से प्रभावित किसानों को लेकर भी सदन में जानकारी दी गई. प्रभावित तहसीलों में सहकारी फसल लोन के पुनर्गठन और कृषि लोन वसूली पर एक वर्ष की मोहलत देने के निर्देश जारी किए गए हैं.

अत‍िरिक्‍त राहत पर सिफारिशों के बाद होगा फैसला

वित्तीय प्रावधानों की बात करें तो 2017 की कर्जमाफी योजना के लिए शीतकालीन सत्र 2025 में अनुपूरक मांगों के जरिए 500 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे. इसके अलावा 2026-27 के लिए 5,975.51 करोड़ रुपये की मांग प्रस्तावित की गई है. सरकार का कहना है कि आगे किसी अतिरिक्त राहत पर निर्णय उच्चस्तरीय समिति की सिफारिशों के बाद ही लिया जाएगा. (पीटीआई)

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