
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार द्वारा राज्य में कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने और किसानों की सुविधाओं में विस्तार के लिए विभिन्न महत्वपूर्ण योजनाओं के लिए भारी-भरकम वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है. इस निर्णय का मुख्य उद्देश्य किसानों को संसाधन संपन्न बनाकर उनकी आय में वृद्धि करना और प्रदेश में दलहन उत्पादन एवं उन्नत बीज संवर्धन को नई गति प्रदान करना है. प्रदेश के कृषि निदेशक डॉ पंकज कुमार त्रिपाठी ने बताया कि कृषि उत्पादन में आशातीत वृद्धि के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए किसानों के निजी नलकूपों को बिना किसी बाधा के बिजली की आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी. इसके लिए उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने 600 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति जारी कर दी गई है, जिससे प्रदेश के लाखों किसानों को सीधे तौर पर लाभ प्राप्त होगा.
कृषि निदेशक ने बताया कि इसके साथ ही, राज्य में दलहन के उत्पादन और प्रसार को बढ़ावा देने के लिए 'उत्तर प्रदेश निःशुल्क दलहन बीज मिनीकिट वितरण एवं प्रसार कार्यक्रम' के अंतर्गत 30 करोड़ रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई है. वहीं, कृषि उत्पादन बढ़ाने के उद्देश्य से प्रक्षेत्र प्रदर्शन और बीज संवर्धन प्रक्षेत्र योजना के सुचारु संचालन के लिए भी 2 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है. उन्होंने बताया कि इन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन से किसानों को उन्नत तकनीक और बेहतर बीज उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी.
इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में सरकार ने बड़ा निर्णय लेते हुए किसानों के निजी नलकूपों पर बिजली बिल में शत-प्रतिशत तक की छूट दे दी है तथा इस निर्णय से प्रदेश के डेढ़ करोड़ किसानों को सीधा लाभ मिलेगा.
प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बताया कि राज्य में लगभग 14 लाख 73 हजार ग्रामीण नलकूप हैं, जबकि शहरी नलकूपों की संख्या 5,188 हैं. उन्होंने कहा कि इन दोनों ही तरह के नलकूपों पर किसानों को बिजली बिल पर छूट का लाभ मिलेगा. किसानों की लागत कम करने और उनकी आय बढ़ाने और दोगुनी करने की दिशा में यह एक और कदम है.
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