बारिश से खराब गेहूं पर राहत: UP में खरीद नियमों में बड़ी ढील, किसानों को मिलेगा फायदा

बारिश से खराब गेहूं पर राहत: UP में खरीद नियमों में बड़ी ढील, किसानों को मिलेगा फायदा

Wheat Procurement in UP: शिथिल मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को सामान्य गेहूं से अलग रखा जाएगा और उसका अलग लेखा-जोखा होगा. इस गेहूं का उपयोग केवल उत्तर प्रदेश के भीतर ही किया जाएगा, ताकि गुणवत्ता प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके.

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क‍िसान तक
  • LUCKNOW,
  • Apr 23, 2026,
  • Updated Apr 23, 2026, 6:46 PM IST

उत्तर प्रदेश में असमय हुई बारिश से प्रभावित गेहूं की फसल को देखते हुए सरकार ने किसानों को बड़ी राहत दी है. रबी मार्केटिंग सीजन 2026-27 के लिए गेहूं की खरीद अब कई शर्तों में छूट के साथ की जाएगी. यानी गेहूं खरीदने के लिए पहले से जो नियम चले आ रहे हैं, उसमें सरकार ने ढील दी है. इसमें गेहूं की चमक और टूटे दानों को लेकर खरीदी के नियमों में छूट दी गई है. इसका उद्देश्य किसानों को नुकसान से बचाना और उन्हें मजबूरी में कम दाम पर फसल बेचने से रोकना है.

सरकार के निर्णय के अनुसार, अब प्रदेश में लस्टर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की स्वीकार्य सीमा को बढ़ाकर 70 प्रतिशत तक कर दिया गया है. वहीं सिकुड़े और टूटे दाने की सीमा, जो पहले 6 प्रतिशत थी, उसे बढ़ाकर 20 प्रतिशत तक कर दिया गया है. इससे बारिश के कारण गुणवत्ता प्रभावित होने के बावजूद किसानों का गेहूं खरीदा जा सकेगा.

अलग से भंडारण और राज्य में ही उपयोग

शिथिल मानकों के तहत खरीदे गए गेहूं को सामान्य गेहूं से अलग रखा जाएगा और उसका अलग लेखा-जोखा होगा. इस गेहूं का उपयोग केवल उत्तर प्रदेश के भीतर ही किया जाएगा, ताकि गुणवत्ता प्रबंधन सुनिश्चित किया जा सके.

भंडारण की जिम्मेदारी राज्य सरकार पर

सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस तरह खरीदे गए गेहूं के भंडारण के दौरान यदि गुणवत्ता में कोई गिरावट होती है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी. साथ ही, ऐसे गेहूं के स्टॉक को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा. इस फैसले से प्रदेश के लाखों किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनकी फसल हाल की बारिश से प्रभावित हुई है. सरकार का यह कदम किसानों के हितों की सुरक्षा और कृषि क्षेत्र को स्थिर बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है.

कई राज्यों में नियमों में छूट

उत्तर प्रदेश से पहले पंजाब, हरियाणा और राजस्थान जैसे राज्यों में भी केंद्र सरकार ने गेहूं खरीदी के नियमों में छूट दी है. इन सभी राज्यों में असमय बारिश और ओलावृष्टि से फसलों का नुकसान हुआ है, खासकर गेहूं पर प्रभाव अधिक है. इसे देखते हुए राज्य सरकारों ने खरीद की शर्तों में ढील देने की मांग की थी जिसे केंद्र सरकार ने मान लिया है. अब नियमों में ढील के साथ ही एफसीआई गेहूं की खरीद करेगा.

सीएम योगी ने दिए थे निर्देश

इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि बेमौसम बारिश से खराब हुई गेहूं की फसल के नुकसान का आकलन कराएं और समय पर मुआवजा दिलाएं. हर हाल में यह कोशिश करें कि आपदा का किसानों पर असर कम से कम हो. उन्होंने कहा कि जनहानि, पशुहानि, घायलों और प्रभावितों को निश्चित समय में मुआवजा देना सुनिश्चित करें. इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. किसानों को तुरंत मुआवजा दिया जाएगा.

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