
मध्य प्रदेश मंत्रि-परिषद ने पन्ना जिले की तीन प्रमुख सिंचाई परियोजनाओं—केन-बेतवा लिंक परियोजना, रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना और मझगांव मध्यम सिंचाई परियोजना—से प्रभावित डूब क्षेत्र के परिवारों को बड़ी राहत देते हुए पुनर्वास एवं विस्थापन के लिए 202 करोड़ 50 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है.इस निर्णय से हजारों प्रभावित परिवारों को बेहतर पुनर्वास सहायता मिल सकेगी और परियोजनाओं के निर्माण कार्य में भी तेजी आएगी.
मंत्रि-परिषद ने केन-बेतवा लिंक परियोजना के अंतर्गत पन्ना जिले के 8 ग्रामों में विशेष विस्थापन, पुनर्वास एवं पुनर्व्यवस्थापन पैकेज के लिए कट-ऑफ तिथि बढ़ाने को मंजूरी दी है. इसके तहत 313 नए संभावित परिवारों को भी पुनर्वास पैकेज का लाभ मिलेगा.
इन परिवारों के लिए 39 करोड़ 12.50 लाख रुपये की अतिरिक्त अनुदान राशि स्वीकृत की गई है. इसके साथ ही परियोजना के लिए पुनर्वास एवं विस्थापन पर कुल स्वीकृत व्यय बढ़कर 439 करोड़ 3.25 लाख रुपये हो जाएगा.
पहले परियोजना के लिए कृषि भूमि अधिग्रहण के तहत 21 जनवरी 2022 (भू-अर्जन अधिनियम 2013 की धारा-11 के प्रकाशन की तिथि) को कट-ऑफ माना गया था, जिसके आधार पर 1,890 परिवारों की गणना की गई थी.बाद में आबादी भूमि एवं निजी भूमि पर बने मकानों के मुआवजे के लिए धारा-11 का प्रकाशन 15 मार्च 2024 को हुआ. प्रभावित परिवारों और जनप्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए सरकार ने इसी तिथि को नया आधार मानते हुए कट-ऑफ बढ़ाने का फैसला किया, जिससे 313 अतिरिक्त परिवार विशेष पुनर्वास पैकेज के दायरे में शामिल हो गए.
मंत्रि-परिषद ने रूंज मध्यम सिंचाई परियोजना के 730 डूब प्रभावित परिवारों को भी बड़ी राहत दी है.पहले इन परिवारों को 5 लाख रुपये प्रति परिवार की एकमुश्त पुनर्वास सहायता स्वीकृत थी.अब केन-बेतवा परियोजना के समान पुनर्वास पैकेज उपलब्ध कराने के लिए प्रति परिवार 7.50 लाख रुपये अतिरिक्त मंजूर किए गए हैं.इस निर्णय से प्रत्येक परिवार को अब कुल 12.50 लाख रुपये का पुनर्वास पैकेज मिलेगा. इसके लिए सरकार ने 54 करोड़ 75 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि स्वीकृत की है. यह राशि परियोजना की पूर्व स्वीकृत 269 करोड़ 79 लाख रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति से अलग होगी.
मझगांव मध्यम सिंचाई परियोजना से प्रभावित 1,450 परिवारों को भी अब केन-बेतवा परियोजना के बराबर पुनर्वास सहायता मिलेगी.इन परिवारों को पहले 5 लाख रुपये प्रति परिवार की सहायता स्वीकृत थी. अब सरकार ने प्रति परिवार 7.50 लाख रुपये अतिरिक्त देने का निर्णय लिया है, जिससे कुल सहायता राशि 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार हो जाएगी.
इसके लिए 108 करोड़ 75 लाख रुपये की अतिरिक्त राशि मंजूर की गई है.यह राशि परियोजना के लिए भूमि एवं परिसंपत्ति अधिग्रहण हेतु पूर्व स्वीकृत 364 करोड़ 56 लाख रुपये से अतिरिक्त होगी.
राज्य सरकार का कहना है कि प्रभावित परिवारों की मांग, जनप्रतिनिधियों के सुझाव और परियोजनाओं के सुचारु एवं त्वरित क्रियान्वयन को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है. समान पुनर्वास पैकेज मिलने से विस्थापित परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी और सिंचाई परियोजनाओं के कार्यों में आने वाली बाधाएं भी कम होंगी.