दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अरहर फसल प्रदर्शनों का निरीक्षण किया गया.जिले में अरहर का रकबा पिछले वर्ष के 4,000 हेक्टेयर से बढ़कर 12,300 हेक्टेयर पहुंच गया है. अधिकारियों ने किसानों को उन्नत तकनीक, MSP पर खरीदी और कृषि मैपर एप पर पंजीयन की जानकारी दी.
भोपाल के रतुआ रतनपुर गांव के किसान भाई हेमंत और ओम कुशवाह ने महज 10 हजार पौधों से नर्सरी की शुरुआत की थी. आज उनकी आधुनिक नर्सरी में हर महीने करीब 15 लाख फूल और सब्जियों के पौधे तैयार हो रहे हैं. महाराष्ट्र, यूपी, दिल्ली व राजस्थान तक पौधों की सप्लाई कर रहे हैं.
जबलपुर की दीपिका जाट ने 2024 में घर से ‘बृजवासी ऑयल’ के नाम से कोल्ड प्रेस्ड ऑयल का कारोबार शुरू किया.मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से ₹6.80 लाख का ऋण लेकर शुरू हुआ यह कारोबार अब सालाना ₹10–12 लाख तक पहुंच गया है.
सिवनी के GI टैग प्राप्त जम्बो सीताफल को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की तैयारी है.‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के तहत किसान पंजीयन और सर्वे अंतिम चरण में हैं. जल्द ही बाजार, ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग और निर्यात की संभावनाओं पर जिला स्तरीय कार्यशाला होगी.
मध्यप्रदेश में गौशालाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 सितंबर को इंदौर से ₹66.74 करोड़ की सब्सिडी ऑनलाइन DBT के जरिए जारी करेंगे. इस राशि से 5.40 लाख से अधिक गोवंश के भरण-पोषण और बेहतर व्यवस्थापन में मदद मिलेगी.
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने किसानों के लिए बागवानी और सिंचाई योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है. उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये और तीन सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,600 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगर-मालवा में लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त के तहत प्रदेश की करीब सवा करोड़ महिलाओं के खातों में 1,835 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की. इस दौरान जिले में 255 करोड़ रुपये के 50 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया गया.
MP Ladli Behna Yojana की 40वीं किस्त 13 सितंबर को जारी होगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव आगर मालवा से 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में ₹1,835 करोड़ से ज्यादा ट्रांसफर करेंगे.जानिए किस्त, योजना की अब तक की राशि और आगर मालवा को मिलने वाली विकास कार्यों की सौगात.
बलराम कृषि महोत्सव में CM मोहन यादव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और कृषि यंत्रों के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने और 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने की जानकारी दी.
खेती में घाटा खाने वाले रायसेन के महेश रघुवंशी ने PMFME योजना से 35% अनुदान लेकर शुरू की 'वेदांश फ्लोर मिल'. अब रोज 35 क्विंटल आटा बेचकर 90 हजार महीना कमाई. 10 लोगों को दिया रोजगार.
मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में RUMSL और ADB के बीच समझौता हुआ.ओंकारेश्वर में 600 MW तक के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट समेत तीन नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी है.
मुरैना के किसानों के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कई बड़े ऐलान किए हैं.कैलारस शुगर फैक्ट्री को फिर शुरू कराने, दिन में 10 घंटे बिजली देने के प्रयास, 30 लाख सोलर पंप की योजना और दुग्ध समितियों के जरिए किसानों की आय बढ़ाने पर जोर दिया गया.
MP के मालवा-निमाड़ क्षेत्र में पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना ने रफ्तार पकड़ी है. अब तक 69,069 स्थानों पर सोलर प्लांट लगाए जा चुके हैं और करीब 65 हजार उपभोक्ताओं को ₹502 करोड़ से ज्यादा की सब्सिडी DBT के जरिए दी गई है. इंदौर करीब 30 हजार संयंत्रों के साथ सबसे आगे है.
मध्यप्रदेश में किसानों के लिए सरकार ने बड़े ऐलान किए हैं. दिन में 10 घंटे बिजली, अगले ढाई साल में 100 लाख हेक्टेयर सिंचाई का लक्ष्य, घर बैठे किसान क्रेडिट कार्ड और कृषक कवच योजना जैसी पहल से खेती को मजबूत करने पर जोर है.
मध्य प्रदेश में डेयरी सेक्टर को मजबूत करने के लिए 2,973 करोड़ रुपये की डेयरी विकास योजना को मंजूरी मिली है. अगले 5 साल में दुग्ध सहकारी समितियां 7,331 से बढ़कर 26 हजार गांवों तक पहुंचेंगी. दूध संग्रहण, प्रोसेसिंग और सांची दूध की बिक्री क्षमता को भी कई गुना बढ़ाने का लक्ष्य है.
मध्यप्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान बनाने का अभियान जारी है. Farmer ID में जमीन, फसल, पशुधन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी एक जगह होगी. AI, डेटा एनालिटिक्स और रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीकों से किसानों को नई डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ मिलेगा.
मध्यप्रदेश में बारिश, सूखा, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसल नुकसान का जोखिम बढ़ रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का अहम सहारा है.लेकिन सरकारी आंकड़े और किसानों की शिकायतें नुकसान के आकलन, क्लेम प्रक्रिया और भुगतान में देरी को लेकर कई सवाल खड़े करती हैं.
नरसिंहपुर की रोशन आरा ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की. करीब ₹8 लाख की मदद से उन्होंने JCB और खाद की दुकान जैसे व्यवसाय शुरू किए और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया.
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