मध्य प्रदेश में किसानों की आमदनी बढ़ाने और खेती को लाभकारी बनाने के लिए बलराम कृषि महोत्सव आयोजित किए जा रहे हैं. CM डॉ. मोहन यादव के मुताबिक, 9 अक्टूबर तक प्रदेश के 55 में से करीब 43 जिलों में महोत्सव हो चुके हैं.जानिए कैसे नई कृषि तकनीक, आधुनिक यंत्र और विशेषज्ञों की सलाह किसानों की समृद्धि का रास्ता खोल सकते हैं.
सिवनी की महिला उद्यमी ज्योति ठाकुर ने PMFME योजना की मदद से ‘जेके फूड’ नाम से खाद्य प्रसंस्करण इकाई शुरू की.9.55 लाख रुपये के ऋण और 3.34 लाख रुपये की अनुदान राशि से शुरू हुए कारोबार में केले और आलू के चिप्स के बाद अब नमकीन भी तैयार किए जा रहे हैं.
बालाघाट के सुरेंद्र जैतवार ने RAD योजना का लाभ लेकर खेती को विविधीकृत कृषि मॉडल में बदला. एक ही खेत में मछलीपालन, मुर्गीपालन, पशुपालन, फलोद्यान, हल्दी, सिंघाड़ा और जिमीकंद जैसी गतिविधियां संचालित हो रही हैं. खेत में 100 से अधिक फलदार और उपयोगी पौधे भी लगाए गए हैं.
बड़वानी की प्रमिला पाटीदार ने ₹3.5 करोड़ के निवेश से गंगा कावेरी इंडस्ट्रीज शुरू की.एमएसएमई प्रोत्साहन योजना के तहत 48% तक अनुदान मिला. कॉर्न फ्लेक्स उत्पादन से 20–25 लोगों को रोजगार और स्थानीय मक्का किसानों को बाजार मिला.
दलहन आत्मनिर्भरता मिशन के तहत छिंदवाड़ा और पांढुर्णा में अरहर फसल प्रदर्शनों का निरीक्षण किया गया.जिले में अरहर का रकबा पिछले वर्ष के 4,000 हेक्टेयर से बढ़कर 12,300 हेक्टेयर पहुंच गया है. अधिकारियों ने किसानों को उन्नत तकनीक, MSP पर खरीदी और कृषि मैपर एप पर पंजीयन की जानकारी दी.
जबलपुर की दीपिका जाट ने 2024 में घर से ‘बृजवासी ऑयल’ के नाम से कोल्ड प्रेस्ड ऑयल का कारोबार शुरू किया.मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना से ₹6.80 लाख का ऋण लेकर शुरू हुआ यह कारोबार अब सालाना ₹10–12 लाख तक पहुंच गया है.
भोपाल के रतुआ रतनपुर गांव के किसान भाई हेमंत और ओम कुशवाह ने महज 10 हजार पौधों से नर्सरी की शुरुआत की थी. आज उनकी आधुनिक नर्सरी में हर महीने करीब 15 लाख फूल और सब्जियों के पौधे तैयार हो रहे हैं. महाराष्ट्र, यूपी, दिल्ली व राजस्थान तक पौधों की सप्लाई कर रहे हैं.
सिवनी के GI टैग प्राप्त जम्बो सीताफल को देश-विदेश के बाजार तक पहुंचाने की तैयारी है.‘सीताफल से समृद्धि’ अभियान के तहत किसान पंजीयन और सर्वे अंतिम चरण में हैं. जल्द ही बाजार, ब्रांडिंग, प्रोसेसिंग और निर्यात की संभावनाओं पर जिला स्तरीय कार्यशाला होगी.
मध्यप्रदेश में गौशालाओं के लिए बड़ी राहत की खबर है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 17 सितंबर को इंदौर से ₹66.74 करोड़ की सब्सिडी ऑनलाइन DBT के जरिए जारी करेंगे. इस राशि से 5.40 लाख से अधिक गोवंश के भरण-पोषण और बेहतर व्यवस्थापन में मदद मिलेगी.
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने किसानों के लिए बागवानी और सिंचाई योजनाओं को जारी रखने की मंजूरी दी है. उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं के लिए 491 करोड़ रुपये और तीन सिंचाई परियोजनाओं के लिए 2,600 करोड़ रुपये से अधिक स्वीकृत किए गए हैं.
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आगर-मालवा में लाड़ली बहना योजना की 40वीं किस्त के तहत प्रदेश की करीब सवा करोड़ महिलाओं के खातों में 1,835 करोड़ रुपये की राशि ट्रांसफर की. इस दौरान जिले में 255 करोड़ रुपये के 50 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण भी किया गया.
MP Ladli Behna Yojana की 40वीं किस्त 13 सितंबर को जारी होगी. मुख्यमंत्री मोहन यादव आगर मालवा से 1.25 करोड़ से अधिक महिलाओं के खातों में ₹1,835 करोड़ से ज्यादा ट्रांसफर करेंगे.जानिए किस्त, योजना की अब तक की राशि और आगर मालवा को मिलने वाली विकास कार्यों की सौगात.
बलराम कृषि महोत्सव में CM मोहन यादव ने किसानों की आय बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक, गुणवत्तापूर्ण बीज और कृषि यंत्रों के इस्तेमाल पर जोर दिया. उन्होंने कृषि को लाभकारी व्यवसाय बनाने और 2026 को किसान कल्याण वर्ष के रूप में मनाए जाने की जानकारी दी.
खेती में घाटा खाने वाले रायसेन के महेश रघुवंशी ने PMFME योजना से 35% अनुदान लेकर शुरू की 'वेदांश फ्लोर मिल'. अब रोज 35 क्विंटल आटा बेचकर 90 हजार महीना कमाई. 10 लोगों को दिया रोजगार.
मध्यप्रदेश में ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की मौजूदगी में RUMSL और ADB के बीच समझौता हुआ.ओंकारेश्वर में 600 MW तक के फ्लोटिंग सोलर प्रोजेक्ट समेत तीन नवकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं को आगे बढ़ाने की तैयारी है.
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