मध्यप्रदेश में किसानों की डिजिटल पहचान बनाने का अभियान जारी है. Farmer ID में जमीन, फसल, पशुधन और सरकारी योजनाओं से जुड़ी जानकारी एक जगह होगी. AI, डेटा एनालिटिक्स और रिमोट सेंसिंग जैसी तकनीकों से किसानों को नई डिजिटल कृषि सेवाओं का लाभ मिलेगा.
मध्यप्रदेश में बारिश, सूखा, ओलावृष्टि और बेमौसम बारिश से फसल नुकसान का जोखिम बढ़ रहा है. ऐसे में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना किसानों के लिए आर्थिक सुरक्षा का अहम सहारा है.लेकिन सरकारी आंकड़े और किसानों की शिकायतें नुकसान के आकलन, क्लेम प्रक्रिया और भुगतान में देरी को लेकर कई सवाल खड़े करती हैं.
नरसिंहपुर की रोशन आरा ने स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम की. करीब ₹8 लाख की मदद से उन्होंने JCB और खाद की दुकान जैसे व्यवसाय शुरू किए और परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत बनाया.
मध्यप्रदेश को दुग्ध उत्पादन में अग्रणी राज्य बनाने की तैयारी तेज हो गई है.मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए NDDB के साथ एमओयू किया गया है और हर साल 1 लाख गिर नस्ल की बछिया तैयार करने की योजना जल्द शुरू होगी.
किसानों के लिए खाद खरीदना अब आसान होगा. ई-विकास 2.0 के तहत जबरन कॉम्बो की बाध्यता खत्म, टोकन की सीमा हटाई गई और जल्द WhatsApp से खाद का टोकन व स्टॉक की जानकारी मिलेगी. जानिए नई व्यवस्था में किसानों को क्या-क्या सुविधाएं मिलेंगी.
मध्यप्रदेश को ‘मिल्क कैपिटल’ बनाने की दिशा में सरकार ने डेयरी क्षेत्र में बड़ा कदम उठाया है. प्रदेश में करीब 2 हजार नई दुग्ध सहकारी समितियां गठित की गई हैं.दूध संग्रह में 27% की बढ़ोतरी के साथ 2028-29 तक 3,827 और समितियां बनाने का लक्ष्य रखा गया है.
मध्यप्रदेश कैबिनेट ने लाड़ली बहना योजना को 2030-31 तक जारी रखने के लिए ₹1.14 लाख करोड़, लाड़ली लक्ष्मी योजना के लिए ₹16,326 करोड़ और कृषि शिक्षा-अनुसंधान के लिए ₹870 करोड़ मंजूर किए.साथ ही नर्मदा संरक्षण के लिए ‘नमन मिशन’ के गठन को भी मंजूरी दी गई.
झाबुआ जिले के ग्राम चवरिया में जल जीवन मिशन के तहत हर घर नल से जल पहुंचने से 79 परिवारों को स्वच्छ पेयजल मिल रहा है.इससे महिलाओं को पानी लाने की परेशानी से मुक्ति मिली है और उनके समय, स्वास्थ्य व सम्मान में सुधार हुआ है.
मध्य प्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर किसानों की परेशानी एक बार फिर बढ़ गई है. सरकार और किसानों के बीच 60% कोटा यानी प्रति एकड़ 3 क्विंटल मूंग खरीदी पर सहमति बनी थी, लेकिन किसानों का आरोप है कि खरीदी केंद्रों पर 3 क्विंटल की जगह सिर्फ 2.88 क्विंटल की तुलाई हो रही है.
मध्यप्रदेश सरकार ने किसान वर्ष में सोयाबीन किसानों को बड़ी सौगात दी है. सीहोर जिले की इछावर तहसील के ग्राम भाऊखेड़ी में नेशनल सोयाबीन रिसर्च इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए 20 हेक्टेयर भूमि आवंटित करने को मंजूरी दी गई है. वहीं, जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 2026-27 से 2030-31 तक पांच वर्षों के लिए 795.59 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है.
धार के बदनावर का रूपाखेड़ा गांव आधुनिक संरक्षित खेती की मिसाल बनकर उभरा है. यहां 44 पॉलीहाउस में गुलाब, जरबेरा, लिलियम समेत विदेशी फूलों और 13 शेडनेट हाउस में उन्नत सब्जियों की खेती हो रही है.MIDH योजना और आधुनिक तकनीक ने किसानों की खेती और आमदनी की तस्वीर बदल दी है.
केंद्र सरकार ने मध्य प्रदेश के किसानों को बड़ी राहत दी है. अब MSP पर गर्मी की मूंग और उड़द की खरीद के दौरान आधार आधारित बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन फेल होने पर किसान अपने नॉमिनी प्रतिनिधि के जरिए उपज बेच सकेंगे. भुगतान सीधे किसान के बैंक खाते में ही जाएगा.
मध्य प्रदेश कैबिनेट ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सहकारिता विभाग की 'कवच योजना' को मंजूरी दी है. इस फैसले से सहकारी ऋण खातों में गड़बड़ियों के कारण सरकारी योजनाओं से वंचित करीब 5 हजार किसानों को राहत मिलेगी. साथ ही कैबिनेट ने 32,070 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास योजनाओं को भी स्वीकृति दी.
नरसिंहपुर में खाद वितरण के लिए नई हाईब्रिड व्यवस्था लागू कर दी गई है. अब किसान टोल-फ्री नंबर या डबल लॉक केंद्रों से टोकन लेकर निर्धारित समय पर उर्वरक प्राप्त कर सकेंगे.प्रशासन का दावा है कि इससे खाद वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी और लंबी कतारों से राहत मिलेगी.
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए MSP पर मूंग उपार्जन 25% से बढ़ाकर 60% करने का फैसला लिया है.साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त और उपार्जन की अंतिम तिथि 20 अगस्त कर दी गई है. खाद वितरण के लिए लागू ई-टोकन व्यवस्था भी फिलहाल स्थगित कर दी गई है.
मध्य प्रदेश में MSP पर 100% मूंग खरीदी की मांग को लेकर किसान आंदोलन तेज हो गया है.मुख्यमंत्री आवास के बाहर डटे किसानों के बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बयान से नया विवाद खड़ा हो गया है. शिवराज ने कहा कि केंद्र 87% खरीद की स्वीकृति पहले ही दे चुका है, जबकि अतिरिक्त खरीदी राज्य सरकार अपने बजट से कर सकती है.
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खंडवा में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव से मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना के तहत 82.70 लाख से अधिक किसानों के खातों में ₹3308 करोड़ की राशि सिंगल क्लिक से अंतरित की। कार्यक्रम में प्राकृतिक खेती, आधुनिक कृषि तकनीक, सिंचाई, डेयरी विकास और खंडवा के लिए कई बड़ी विकास परियोजनाओं की भी घोषणा की गई।
मध्यप्रदेश की आचार्य विद्यासागर गौ संवर्धन योजना ने सिवनी जिले के युवा रोबिन्स झारिया की जिंदगी बदल दी है. 10 लाख रुपये के बैंक ऋण और 33 प्रतिशत सब्सिडी की मदद से शुरू किए गए डेयरी व्यवसाय से वह आज हर महीने 60 से 75 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रहे हैं.उनकी सफलता अब क्षेत्र के अन्य युवाओं के लिए भी प्रेरणा बन गई है.
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