धार में बनेगा भव्य ‘सरस्वती लोक’, राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

धार में बनेगा भव्य ‘सरस्वती लोक’, राजा भोज शोध संस्थान की भी स्थापना होगी: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

धार में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोजशाला परिसर में भव्य ‘सरस्वती लोक’ और राजा भोज शोध संस्थान बनाने की घोषणा की. गंगा दशहरा पर आयोजित कार्यक्रम में 88 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया गया.

धर्मेंद्र सिंह
  • Bhopal ,
  • May 25, 2026,
  • Updated May 25, 2026, 7:38 PM IST

मध्यप्रदेश के धार जिले को जल्द ही सांस्कृतिक, धार्मिक और ऐतिहासिक पहचान के नए आयाम मिलने जा रहे हैं. मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला परिसर में राज्य सरकार भव्य ‘सरस्वती लोक’ का निर्माण कराएगी. इसके साथ ही यहां राजा भोज शोध संस्थान भी स्थापित किया जाएगा, ताकि प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृत भाषा और ऐतिहासिक धरोहरों को नई पहचान मिल सके.

मुख्यमंत्री सोमवार को धार में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के राज्यस्तरीय कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. गंगा दशहरा के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने भोजशाला पहुंचकर मां वाग्देवी के दर्शन एवं पूजन-अर्चन किया और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की.

भोजशाला को मिलेगा गौरवशाली स्वरूप

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि भोजशाला केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि राजा भोज द्वारा स्थापित वह ऐतिहासिक केंद्र है, जहां सदियों तक ज्ञान, विज्ञान, अनुसंधान और संस्कृत अध्ययन का प्रमुख केंद्र रहा. यहां देशभर से विद्वान और छात्र अध्ययन एवं शास्त्रार्थ के लिए आते थे. राज्य सरकार अब भोजशाला के उसी गौरवशाली स्वरूप को पुनर्जीवित करने की दिशा में कार्य करेगी.

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा दिए गए निर्णय का राज्य सरकार पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ पालन करेगी. मुख्यमंत्री ने इसे 750 वर्षों के संघर्ष की सफलता बताते हुए प्रदेशवासियों को बधाई दी.

धार में बहेगी विकास की नई धारा

मुख्यमंत्री ने कहा कि धार अब सांस्कृतिक ही नहीं, बल्कि औद्योगिक विकास के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है. पुरातत्व विभाग के समन्वय से धार और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक विकास कार्य कराए जाएंगे. उन्होंने कहा कि “राजा भोज की कर्मस्थली धार में अब विकास की नई धारा बहेगी ”

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 88.04 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले 12 विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया. इनमें चंबल नदी पर लेबड़-घाटाविल्लौद मार्ग पर 27.21 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले फोरलेन उच्च स्तरीय पुल का निर्माण कार्य भी शामिल है.

जल संरक्षण में आगे बढ़ रहा धार

मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में जल संरक्षण के महत्व पर भी जोर दिया.उन्होंने कहा कि राजा भोज जल प्रबंधन और संरक्षण के महान दूरदर्शी थे .धार को कभी तालाबों की नगरी कहा जाता था और यहां साढ़े बारह तालाबों की अद्भुत श्रृंखला बनाई गई थी, जो आपस में जुड़ी हुई थी.

प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत धार जिले में 5 हजार से अधिक जल संरक्षण कार्य पूरे किए जा चुके हैं. वहीं धार नगर क्षेत्र में 64 प्राचीन बावड़ियों और तालाबों का संरक्षण एवं जीर्णोद्धार किया जा रहा है. मुख्यमंत्री ने बताया कि इस अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में धार जिला प्रदेश में छठवें स्थान पर है.

शहीदों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये सहायता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने भोजशाला आंदोलन में शहादत देने वाले स्वर्गीय बनसिंह, अंतरसिंह और लक्ष्मण सिंह के निकटतम परिजनों को राज्य सरकार की ओर से 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा भी की.कार्यक्रम में तीनों शहीदों को मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई.

 

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