किसान, पशुपालक और डेयरी सेक्टर को बड़ी सौगात, पीएम मोदी गुजरात में लॉन्च करेंगे चार अहम प्रोजेक्ट

किसान, पशुपालक और डेयरी सेक्टर को बड़ी सौगात, पीएम मोदी गुजरात में लॉन्च करेंगे चार अहम प्रोजेक्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 अक्टूबर को गुजरात के बनासकांठा जिले में बनास डेयरी की 407.56 करोड़ रुपये की तीन प्रमुख परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे. इनमें भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर, फ्रेंच फ्राइज प्रोसेसिंग प्लांट और अत्याधुनिक स्वचालित भंडारण प्रणाली शामिल हैं. इसके साथ ही थराद और राधनपुर में दो नए बायो-सीएनजी संयंत्रों की आधारशिला भी रखी जाएगी.

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क‍िसान तक
  • Banaskantha,
  • Oct 29, 2026,
  • Updated Oct 29, 2026, 1:31 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 30 और 31 अक्टूबर को गुजरात के दो दिवसीय दौरे पर रहेंगे. इस दौरान वह 30 अक्टूबर को बनासकांठा जिले के भीलड़ी से बनास डेयरी की 407.56 करोड़ रुपये की तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं का लोकार्पण करेंगे. साथ ही थराद और राधनपुर में स्थापित होने वाले दो नए बायो-सीएनजी प्लांटों का ई-शिलान्यास भी करेंगे.

407.56 करोड़ रुपये की तीन बड़ी परियोजनाओं का लोकार्पण

प्रधानमंत्री जिन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे, उनमें सबसे प्रमुख भारत बोवाइन ब्रीडिंग एंड रिसर्च सेंटर (BBBRC) है. बनास डेयरी ने भीलड़ी में 127 एकड़ क्षेत्र में 324.77 करोड़ रुपये की लागत से इस अत्याधुनिक केंद्र का निर्माण किया है. यह पशु संवर्धन और नस्ल सुधार के क्षेत्र में उत्कृष्टता केंद्र के रूप में काम करेगा.

केंद्र सरकार के राष्ट्रीय गोकुल मिशन के तहत इस परियोजना के लिए 38.83 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं. परियोजना को पशुपालन अवसंरचना विकास निधि (AHIDF) के तहत मंजूरी मिली है, जबकि नाबार्ड ने वित्तीय सहायता दी है. इसका उद्देश्य उन्नत आनुवंशिकी और नवाचार के जरिए देश में पशुधन विकास को नई दिशा देना है.

आधुनिक स्वचालित भंडारण प्रणाली का भी उद्घाटन

प्रधानमंत्री पालनपुर में स्थापित 31.14 करोड़ रुपये लागत वाली ऑटोमेटेड स्टोरेज एंड रिट्रीवल सिस्टम (ASRS) सुविधा का भी ई-लोकार्पण करेंगे. यह यूएचटी (अल्ट्रा हाई टेम्परेचर) दूध और अन्य दुग्ध उत्पादों के भंडारण और वितरण के लिए पूरी तरह स्वचालित व्यवस्था है.

इस केंद्र में 9 मंजिल ऊंचे स्टील रैक बनाए गए हैं, जिनकी कुल भंडारण क्षमता 11,000 पैलेट है. बनास डेयरी द्वारा विकसित इस मॉडल से लागत में कमी आई है और इसका लाभ डेयरी से जुड़े 4.18 लाख दुग्ध उत्पादकों को मिल रहा है.

फ्रेंच फ्राइज प्रोसेसिंग प्लांट को मिलेगी नई रफ्तार

वाव-थराद जिले के सणादर गांव में 51.65 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित फ्रेंच फ्राइज प्रोसेसिंग प्लांट का भी ई-लोकार्पण किया जाएगा. इस प्लांट की उत्पादन क्षमता 2 टन प्रति घंटा से बढ़ाकर 5 टन प्रति घंटा की गई है.

बनास डेयरी ने आलू उत्पादन से लेकर फ्रेंच फ्राइज निर्माण तक की एकीकृत व्यवस्था विकसित की है. इसमें टेस्ट ट्यूब प्लांट, बीज उत्पादन, खेती, कोल्ड स्टोरेज और प्रोसेसिंग की पूरी श्रृंखला शामिल है. डेयरी का दावा है कि इस तरह की संपूर्ण एकीकृत व्यवस्था देश में किसी अन्य सहकारी संस्था के पास नहीं है.

थराद और राधनपुर में बनेंगे नए बायो-सीएनजी प्लांट

प्रधानमंत्री मोदी 30 अक्टूबर को थराद और राधनपुर में दो नए बायो-सीएनजी प्लांटों का ई-शिलान्यास भी करेंगे.

थराद प्लांट की क्षमता 75 मीट्रिक टन गोबर प्रतिदिन होगी. राधनपुर प्लांट की क्षमता 100 मीट्रिक टन गोबर प्रतिदिन होगी.

बनास डेयरी पहले से चार बायो-सीएनजी प्लांट संचालित कर रही है. इन प्लांटों में पशुओं के गोबर से बायो-सीएनजी और जैविक खाद तैयार की जाती है. इससे एक ओर स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलता है तो दूसरी ओर पशुपालकों को अतिरिक्त आय का स्रोत भी मिलता है.

किसानों और पशुपालकों को मिलेगा लाभ

बनास डेयरी की ये परियोजनाएं आधुनिक कृषि, पशुपालन, स्वच्छ ऊर्जा और तकनीक आधारित ग्रामीण विकास का उदाहरण मानी जा रही हैं. इनसे किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने, पर्यावरण संरक्षण को प्रोत्साहन देने और सहकारी मॉडल को मजबूत करने में मदद मिलेगी. प्रधानमंत्री का यह दौरा गुजरात के डेयरी और कृषि क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है.(बृजेश दोषी का इनपुट)

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