केंद्र ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को दी मंजूरी, 5 साल में खर्च होंगे 7,395 करोड़, जानिए प्‍लान

केंद्र ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को दी मंजूरी, 5 साल में खर्च होंगे 7,395 करोड़, जानिए प्‍लान

केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना को मंजूरी दी है. यह योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए लागू होगी. इस पर 7,395 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.

PM viksit gram swaraj yojnaPM viksit gram swaraj yojna
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Oct 28, 2026,
  • Updated Oct 28, 2026, 4:06 PM IST

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में आज यूनियन कैब‍िनेट ने 4 अहम फैसले लिए हैं. इनमें कंटेनर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए 10,000 करोड़ रुपये, खेल सामान के निर्माण के लिए 1,856 करोड़ रुपये और प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना के लिए 7,395 करोड़ रुपये का प्रावधान शामिल है. इसके अलावा, महंगाई भत्ते और महंगाई राहत से जुड़े फैसले के तहत 10,016 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं. इन पर कुल 29,267 करोड़ रुपये खर्च होंगे. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना (PMVG SY) को मंजूरी दे दी है. यह केंद्र प्रायोजित योजना वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल के लिए लागू होगी.

योजना पर कुल 7,395 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे. इसका उद्देश्य पंचायतों को सशक्त, आत्मनिर्भर, जवाबदेह और बेहतर प्रदर्शन करने वाली स्थानीय स्वशासन संस्थाओं के रूप में विकसित करना है. इस योजना के दायरे में देशभर के 2.78 लाख से अधिक ग्रामीण स्थानीय निकाय और पारंपरिक निकाय आएंगे. इसके तहत करीब 32 लाख निर्वाचित प्रतिनिधियों को सीधे लाभ मिलने की उम्मीद है. योजना सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगी. इसमें उन क्षेत्रों की ग्रामीण स्थानीय शासन संस्थाओं को भी शामिल किया गया है, जो संविधान के भाग IX के दायरे में नहीं आते.

पंचायतों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने पर जोर

योजना के तहत पंचायतों को उपलब्ध धनराशि का बेहतर इस्तेमाल करने, वित्त आयोग से मिलने वाले अनुदान का प्रभावी इस्‍तेमाल करने और राजस्व के अपने स्रोत (OSR) बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इसका उद्देश्य पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत और आत्मनिर्भर बनाना है. इसके अलावा ग्राम सभाओं को मजबूत करने और पंचम जैसे जनसंपर्क माध्यमों के जरिए जमीनी स्तर पर लोगों की भागीदारी और जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा.

पंचायत विकास योजनाओं में शामिल होंगे सतत विकास के लक्ष्य

योजना के तहत सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) से जुड़े नौ स्थानीय विषयों को पंचायत विकास योजनाओं में शामिल किया जाएगा. इसके जरिए पंचायतों की विकास योजनाओं को बेहतर तरीके से तैयार करने और विकसित भारत @2047 के लक्ष्य के अनुरूप विभिन्न विभागों के बीच समन्वय बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.

डिजिटल प्लेटफॉर्म पर एक साथ आएंगी पंचायत से जुड़ी योजनाएं

प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना के तहत एक डिजिटल प्लेटफॉर्म विकसित करने पर जोर दिया जाएगा. इस पर पंचायत केंद्रित योजनाओं को एक साथ लाकर ग्राम पंचायत विकास योजनाओं (GPDP) को तैयार करने में सहयोग मिलेगा.

योजना से जुड़ी डिजिटल व्यवस्था में विभिन्न योजनाओं, लाभार्थियों और ग्रामीण परिसंपत्तियों से संबंधित आंकड़ों का इस्तेमाल किया जाएगा. इससे साक्ष्य आधारित योजना बनाने, विकास कार्यों की निगरानी करने और उपलब्ध संसाधनों के बेहतर उपयोग में मदद मिलेगी.

पंचायत प्रतिनिधियों को मिलेगा प्रशिक्षण

योजना के तहत पंचायत प्रतिनिधियों की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, क्षेत्रीय भाषाओं में अध्ययन सामग्री और जरूरी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जाएगा. इसके लिए सिविल सेवा क्षमता निर्माण की राष्ट्रीय अकादमी से जुड़े एकीकृत सरकारी ऑनलाइन प्रशिक्षण मंच (iGOT) जैसे माध्यमों का भी उपयोग किया जाएगा.

विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ी योजना

प्रधानमंत्री विकसित ग्राम स्वराज योजना का उद्देश्य पंचायतों की कार्यक्षमता और जवाबदेही बढ़ाना है, ताकि वे स्थानीय स्तर पर विकास कार्यों को अधिक प्रभावी तरीके से संचालित कर सकें. यह पहल विकसित भारत के लक्ष्य के अनुरूप ग्रामीण स्थानीय स्वशासन संस्थाओं को मजबूत बनाने पर केंद्रित है.

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