बाढ़ प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा, आवेदन के लिए सिर्फ 24 घंटे बाकी

बाढ़ प्रभावित किसानों को मिलेगा मुआवजा, आवेदन के लिए सिर्फ 24 घंटे बाकी

सितंबर में आई बाढ़ से फसल नुकसान झेलने वाले किसानों के लिए मुआवजे को लेकर जरूरी खबर है. प्रभावित किसानों से मुआवजे के लिए आवेदन मांगे गए हैं. आवेदन की समयसीमा खत्म होने में अब सिर्फ 24 घंटे बाकी हैं, इसलिए किसानों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है.

बाढ़ से फसल नुकसान पर मुआवजाबाढ़ से फसल नुकसान पर मुआवजा
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Oct 24, 2026,
  • Updated Oct 24, 2026, 1:50 PM IST

सितंबर महीने के आखिरी सप्ताह में नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण बिहार के करीब 9 जिलों में आई बाढ़ की वजह से किसानों की फसलों को काफी नुकसान हुआ था. वहीं, अब बिहार सरकार के कृषि विभाग की ओर से बाढ़ प्रभावित जिलों के किसानों को ऑनलाइन आवेदन करने के लिए कहा गया है. सरकार की ओर से जो तारीख तय की गई है, उसमें महज अब 24 घंटे ही शेष बचे हैं. कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि बिहार सरकार बाढ़ से प्रभावित किसानों को फसल क्षति की भरपाई के लिए कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत आर्थिक सहायता करेगी. ऐसे में उन्होंने किसानों से जल्द से जल्द आवेदन करने की अपील की है.

9 जिलों के किसान कर सकते हैं आवेदन

कृषि मंत्री ने बताया कि सितंबर महीने के आखिरी सप्ताह में आई बाढ़ की वजह से 9 जिलों के 43 प्रखंडों की 289 पंचायतों के किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिसमें दरभंगा, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, वैशाली, सारण, कटिहार और पटना जिले शामिल हैं. वहीं, चिह्नित प्रखंडों और पंचायतों के बाढ़ प्रभावित किसान इस योजना के तहत 25 अक्टूबर तक आवेदन कर सकते हैं. प्रभावित प्रखंडों और पंचायतों की सूची डीबीटी कृषि पोर्टल पर उपलब्ध है.

विभिन्न कैटेगरी में फसलों पर मिलेगी सब्सिडी

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने बताया कि कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत फसल क्षति के लिए अलग-अलग दरों पर सहायता राशि निर्धारित की गई है. वर्षाश्रित (असिंचित) फसल क्षेत्र के लिए 8,500 रुपये प्रति हेक्टेयर, सिंचित क्षेत्र के लिए 17,000 रुपये प्रति हेक्टेयर और बहुवर्षीय फसलों, जिनमें गन्ना भी शामिल है, इसके लिए 22,500 रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से सब्सिडी दी जाएगी. जबकि अधिकतम दो हेक्टेयर क्षेत्र के लिए अनुदान देय होगा. वहीं, न्यूनतम सहायता राशि असिंचित क्षेत्र के लिए 1,000 रुपये, सिंचित क्षेत्र के लिए 2,000 रुपये और बहुवर्षीय फसलों के लिए 2,500 रुपये निर्धारित की गई है.

सब्सिडी के इन दस्तावेजों की होगी जरूरत

कृषि विभाग की ओर से फसल क्षति को लेकर मिलने वाले सरकारी लाभ का फायदा रैयत और गैर-रैयत किसानों को मिलेगा, जिसमें रैयत किसानों के एक परिवार से केवल एक ही व्यक्ति को इसका लाभ मिलेगा. वहीं, उन्हें अपने परिवार का विवरण भी देना होगा. साथ ही, रैयत किसानों को अद्यतन यानी वित्तीय वर्ष 2023-24, 2024-25 या 2025-26 की एलपीसी (भूमि कब्जा प्रमाणपत्र) या लगान रसीद देना होगा. इसके अलावा गैर-रैयत किसानों को वार्ड सदस्य, मुखिया या सरपंच और कृषि समन्वयक से प्रमाणित स्वघोषणा प्रमाणपत्र देना होगा.

किसान इस आधिकारिक वेबसाइट पर करें आवेदन

आवेदन करने के लिए किसान https://state.bihar.gov.in/krishi/CitizenHome.html पर उपलब्ध लिंक और डीबीटी कृषि पोर्टल https://dbtagriculture.bihar.gov.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं. आवेदन के लिए 13 अंकों की किसान पंजीकरण संख्या अनिवार्य है.

इस साल दूसरी बार सरकार दे रही है फसल क्षति का पैसा

सितंबर महीने से पहले अगस्त महीने के आखिरी सप्ताह और सितंबर के शुरुआती दिनों में बिहार के 18 जिलों में बाढ़ का कहर देखने को मिला था. इसको लेकर विभाग की ओर से क्षतिग्रस्त फसलों के लिए कृषि इनपुट अनुदान-2026 के तहत ऑनलाइन आवेदन 29 सितंबर तक मांगे गए थे. वहीं, अक्टूबर महीने के मध्य में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने फसल क्षति झेलने वाले 2,48,704 किसानों के बैंक खातों में कृषि इनपुट अनुदान योजना के तहत डीबीटी के माध्यम से 112.52 करोड़ रुपये की राशि भेजी थी.

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