PM Kisan Yojana में करोड़ों की धोखाधड़ी, सरकारी पोर्टल से फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा

PM Kisan Yojana में करोड़ों की धोखाधड़ी, सरकारी पोर्टल से फर्जीवाड़े का हुआ खुलासा

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में पीएम-किसान सम्मान निधि योजना में कथित करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पुलिस ने सरकारी पोर्टल का दुरुपयोग कर अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Oct 28, 2026,
  • Updated Oct 28, 2026, 12:38 PM IST

उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ में प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना में कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. पुलिस ने सरकारी पोर्टल का दुरुपयोग कर अपात्र लोगों को योजना का लाभ दिलाने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच में दूसरे जिलों तक फैले गिरोह की मिलीभगत भी सामने आई है. प्रतापगढ़ के अपर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) आलोक कुमार ने मंगलवार को बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवकुमार यादव, अनुराग गुप्ता और जितेंद्र कुमार के रूप में हुई है. तीनों प्रतापगढ़ जिले के रहने वाले हैं. पुलिस के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर सरकारी व्यवस्था में मौजूद अपनी पहुंच का इस्तेमाल कर योजना में गड़बड़ी कर रहे थे.

सीएससी ऑपरेटर पर फर्जी एंट्री करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, शिवकुमार यादव एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) में ऑपरेटर के तौर पर काम करता था. उस पर योजना के लिए अपात्र लोगों से पैसे लेकर उनकी जानकारी सीधे पोर्टल पर दर्ज करने का आरोप है. इस तरह कथित तौर पर अयोग्य लोगों को सरकारी योजना का लाभ दिलाया जाता था.

सरकारी आईडी और पासवर्ड लीक करने का आरोप

दूसरे आरोपी अनुराग गुप्ता की भूमिका भी जांच के दायरे में है. पुलिस के मुताबिक, वह कुंडा तहसील में संविदा पर वीआरसी ऑपरेटर के रूप में काम करता था. उस पर सरकारी आईडी और पासवर्ड लीक करने का आरोप है, जिससे योजना के पोर्टल पर अनधिकृत तरीके से जानकारी दर्ज करना संभव हुआ.

फर्जी कमाई के लेनदेन में तीसरे आरोपी की भूमिका

पुलिस के मुताबिक, तीसरा आरोपी जितेंद्र कुमार गिरोह के नेटवर्क से जुड़ा था. उस पर कथित धोखाधड़ी से हासिल रकम के अवैध हस्तांतरण और मनी लॉन्ड्रिंग में मदद करने का आरोप है. हालांकि, मामले में कुल कितनी रकम का गबन हुआ है, इसका विस्तृत ब्योरा अभी सामने नहीं आया है.

लैपटॉप, मोबाइल और फिंगरप्रिंट स्कैनर बरामद

आरोपियों के पास से पुलिस ने दो लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन, सात चालू सिम कार्ड, एक फिंगरप्रिंट स्कैनर और अन्य साक्ष्य बरामद किए हैं. पुलिस अब गिरोह के काम करने के तरीके और इस मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है. आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि पूरी तरह केंद्र सरकार की वित्तपोषित योजना यानी सेंट्रल सेक्‍टर स्‍कीम है. इसके तहत पात्र भूमिधारक किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती है. यह रकम 2,000 रुपये की तीन समान किस्तों में सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जाती है. (पीटीआई)

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