बिहार में पशु-मत्स्य पालन को बढ़ावा: CM सम्राट चौधरी ने तय किए बड़े लक्ष्य, उत्पादन बढ़ाने पर फोकस

बिहार में पशु-मत्स्य पालन को बढ़ावा: CM सम्राट चौधरी ने तय किए बड़े लक्ष्य, उत्पादन बढ़ाने पर फोकस

बिहार सरकार ने पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्रों को मजबूत करने के लिए बड़े लक्ष्य तय किए हैं. मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मछली उत्पादन को 9 लाख मीट्रिक टन से बढ़ाकर 25 लाख मीट्रिक टन और दुग्ध उत्पादन को 40 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 1.25 करोड़ लीटर प्रतिदिन करने का लक्ष्य रखा है. साथ ही उन्नत नस्ल के पशु उपलब्ध कराने और नए बाजार विकसित करने पर जोर दिया गया है, ताकि किसानों, पशुपालकों और युवाओं की आय में वृद्धि हो सके और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिले.

अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • May 25, 2026,
  • Updated May 25, 2026, 1:36 PM IST

कृषि के क्षेत्र में पशुपालन और मछली पालन बिहार जैसे राज्य के किसानों के लिए आमदनी का सबसे बड़ा माध्यम है. बिहार सरकार पशुपालन, डेयरी और मत्स्य क्षेत्र को मजबूत बनाने को लेकर काफी एक्टिव दिख रही है और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए जा रहे हैं. इसी क्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि इन क्षेत्रों में उत्पादन बढ़ाने, किसानों की आय सुधारने और नए बाजार विकसित करने पर जोर दिया जाए. मुख्यमंत्री ने कॉम्फेड के माध्यम से राज्य के पशुपालकों को उन्नत नस्ल की गाय, भैंस और बकरी उपलब्ध कराने का स्पष्ट निर्देश दिया. उन्होंने मछली उत्पादन और दूध उत्पादन बढ़ाने पर बल देते हुए कहा कि अब तक हर साल हो रहे उत्पादन में और अधिक वृद्धि करने की जरूरत है.

मत्स्य उत्पादन 25 लाख मीट्रिक टन करने का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मत्स्य उत्पादन और बाजार विस्तार पर विशेष फोकस करते हुए अधिकारियों से कहा कि नेपाल और सीमावर्ती राज्यों के मछली बाजार में बिहार के मत्स्य पालकों की मछली की पहुंच सुनिश्चित की जाए, ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो. इसके साथ ही उन्होंने मत्स्य उत्पादन को मौजूदा 9 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष से बढ़ाकर 25 लाख मीट्रिक टन प्रतिवर्ष करने का लक्ष्य निर्धारित किया. यह विस्तार न केवल उत्पादन बढ़ाएगा, बल्कि मत्स्य पालकों की आय में भी बड़ी वृद्धि करेगा.

दुग्ध उत्पादन का लक्ष्य 1 करोड़ लीटर से अधिक

सीएम सम्राट चौधरी ने डेयरी क्षेत्र से संबंधित अधिकारियों और संस्थाओं को निर्देश देते हुए डेयरी क्षेत्र में सुधा के माध्यम से दुग्ध उत्पादन को 40 लाख लीटर प्रतिदिन से बढ़ाकर 1 करोड़ 25 लाख लीटर प्रतिदिन करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा. उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता जन कल्याण है और किसानों और पशुपालकों की आय बढ़ाने के लिए तेज गति से काम किए जा रहे हैं. 

स्वरोजगार और किसान कल्याण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसे क्षेत्र ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. इन क्षेत्रों को मजबूत करने से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि युवाओं को स्वरोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे. उन्होंने विभागीय अधिकारियों को योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने और समयबद्ध लक्ष्यों को हासिल करने के निर्देश दिए.

किसान, पशुपालक और मत्स्य पालकों का विकास सरकार का लक्ष्य

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बार-बार इस बात पर जोर दिया कि सरकार का फोकस किसान, पशुपालक और मत्स्य पालकों का उत्थान करना है, जिसको लेकर इन क्षेत्रों को नई गति देने की दिशा में तेजी से काम हो रहा है. वहीं, यह समीक्षा बैठक बिहार को डेयरी, पशुपालन और मत्स्य उत्पादन के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है. डेयरी और मछली उत्पादन को लेकर आयोजित समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव दीपक कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव लोकेश कुमार सिंह, संजय कुमार सिंह, सहकारिता विभाग के सचिव धर्मेंद्र सिंह सहित दोनों विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

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