भारत एक कृषि प्रधान देश हैं, जहां की आधा से ज्यादा आबादी कृषि पर निर्भर है. किसानों को खेती करने और खेती से जुड़ी जानकारियों के लिए हमेशा परेशानियों का सामना करना पड़ता है. उन्हीं सब समस्याओं और किसानों के सुझावों को सुनने के लिए बिहार सरकार ने एक अहम और किसानों के हित में कदम उठाया है. जिसके जरिए बिहार के कृषि मंत्री कुमार सर्वजीत सिंह अब हर महीने के पहले शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए किसानों से बात कर फीडबैक लेंगे और सुझाव और समस्याओं को सुनकर उनका समाधान करेंगे.
कृषि मंत्री की पहल के अनुसार अब हर माह के पहले शुक्रवार को किसानों से बात करते हुए उनसे सरकारी योजनाओं का फीडबैक लेंगे. किसानों से मिले फीडबैक और सुझाव के आधार पर इन समस्याओं का सुधार किया जाएगा. वहीं कृषि से जुड़ी योजनाओं में भी फीडबैक के आधार पर सुधार किया जाएगा.
कृषि मंत्री के साथ बिहार सरकार द्वारा नए साल में नई शुरुआत की जा रही है. बिहार कृषि विश्वविद्यालय के तहत 20 कृषि विज्ञान केंद्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किसानों को जोड़ा जाएगा. यह कार्यक्रम हर महीने के पहले शुक्रवार को 11 बजे से 1 बजे तक होगा. जिसमें किसान और कृषि मंत्री एक दुसरे से रुबरु होंगे.
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इस संबंध में गुरुवार को बिहार के कृषि सचिव डॉ. एन सरवण कुमार ने आदेश जारी किया. इस पहल से किसानों की समस्याओं को जानने में सुविधा होगी और उन समस्याओं के आधार पर समाधान पर योजना तैयार की जाएगी. इसको लेकर आत्मा के परियोजना निदेशक किसानों को कृषि विज्ञान केंद्र में एक्सपोजर विजिट के लिए लाएंगे. जिसमें किसानों को वहां से जुड़ी चीजों के बारे में बताया जाएगा.
इस वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग कार्यक्रम में अधिकारियों और संस्थानों को भी काम करने का दायित्व आ गया है. जिसमें कार्यक्रम समन्वयक या कृषि विज्ञान केंद्र प्रभारी, वैज्ञानिक, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और इससे जुड़ी सभी चीजों की व्यवस्था करेंगे. बैठक की कार्यवाही का संचालन करने की जवाबदेही कृषि विज्ञान केंद्र की होगी. आईटी मैनेजर या सूचना उप निदेशक कृषि मंत्री के कार्यालय और विश्वविद्यालय के बीच संपर्क स्थापित कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जोड़ने का करेंगे.
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