Beej Ki Kheti: गेहूं के 'बीज उत्‍पादन' पर MSP से 30 फीसदी ज्‍यादा फायदा, ऐसे मिलेगा योजना का लाभ

Beej Ki Kheti: गेहूं के 'बीज उत्‍पादन' पर MSP से 30 फीसदी ज्‍यादा फायदा, ऐसे मिलेगा योजना का लाभ

Bihar Farmer Scheme: बिहार सरकार ने बीज उत्पादन योजना शुरू की है, जिसमें किसानों को एमएसपी से 30% ज्यादा भुगतान मिलेगा. योजना का लाभ लेने के लिए रजिस्ट्रेशन के बाद किसानों को फाउंडेशन और ब्रीडर सीड दिए जाते हैं. जानिए पूरी प्रक्रिया...

Gehu Gyan Wheat Seed ProductionGehu Gyan Wheat Seed Production
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Nov 29, 2025,
  • Updated Nov 29, 2025, 10:30 AM IST

बिहार सरकार ने किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण योजना शुरू की है, जिसके तहत बीज उत्पादन करने वाले किसानों को एमएसपी (न्यूनतम समर्थन मूल्य) से 30% अधिक लाभ मिलेगा. यह योजना विशेष रूप से छोटे और सीमांत किसानों के लिए आर्थिक स्थिति सुधारने का एक बेहतरीन अवसर प्रदान करती है. बिहार राज्य बीज निगम के बीज उत्पादन प्रमुख, डॉ. राजेश कुमार शर्मा ने बताया कि बीज उत्पादन के लिए किसानों को क्षेत्रीय कार्यालय में जाकर निबंधन (रजिस्‍ट्रेशन) करना होगा.

रजिस्‍ट्रेशन के बाद किसानों को फाउंडेशन और ब्रीडर सीड उपलब्ध कराए जाएंगे. इन बीजों का उत्पादन करने के बाद, किसानों को अपने उत्पादित बीज निगम के संग्रहण केंद्र पर जमा करना होगा. डॉ. शर्मा ने कहा, "हमारे क्षेत्रीय कार्यालयों में निबंधन प्रक्रिया पूरी करने के बाद किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाता है. बीज कलेक्‍शन और जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद किसानों को एमएसपी के आधार पर भुगतान किया जाता है."

ऐसे मिलेगा 30 प्रति‍शत ज्‍यादा लाभ

बीज उत्पादन योजना के तहत, किसानों को उनके उत्पादित बीज का भुगतान एमएसपी से 30% अधिक दर पर किया जाता है. यह लाभ गेहूं, दलहन और तिलहन जैसी फसलों पर लागू होता है. डॉ. शर्मा ने बताया कि बीज की गुणवत्ता जांच के बाद ही भुगतान किया जाता है. उन्होंने कहा, "हमारे राजकीय बीज विश्लेषण प्रयोगशाला में बीज का अंकुरण और अन्य मानकों की जांच की जाती है. जांच पूरी होने के बाद, किसानों को 10-15 दिनों के भीतर भुगतान कर दिया जाता है."

प्रोसेसिंग प्लांट और सुविधाएं

बिहार में बीज प्राेसेसिंग के लिए 20 से अधिक प्लांट लगाए गए हैं. इनमें से पांच बड़े प्लांट हाजीपुर, शेरघाटी, बेगूसराय, भागलपुर और कैमूर में स्थित हैं. इन प्लांट्स की क्षमता प्रति घंटे 4-40 टन तक है. इसके अलावा, 15 मिनी प्लांट भी विभिन्न जिलों में कार्यरत हैं. डॉ. शर्मा ने कहा, "हमारे प्रोसेस‍िंग प्लांट्स में बीज की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाती है. यह प्रक्रिया किसानों को उच्च गुणवत्ता वाले बीज उत्पादन में मदद करती है."

बीज उत्‍पादन में आत्‍मनिर्भर बनेगा बिहार

बिहार सरकार की यह पहल किसानों को परंपरागत खेती से हटकर बीज उत्पादन की ओर प्रोत्साहित करती है. यह योजना न केवल किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद करेगी, बल्कि राज्य को बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में भी योगदान देगी. डॉ. शर्मा ने कहा, "हमारे राज्य में बीज उत्पादन बढ़ने से बाहर के राज्यों से बीज मंगाने की जरूरत कम होगी. यह योजना किसानों और राज्य दोनों के लिए लाभकारी है." किसानों को सलाह दी जाती है कि वे अपने नजदीकी क्षेत्रीय कार्यालय से संपर्क करें और इस योजना का लाभ उठाएं. अभी गेहूं की बुवाई का समय चल रहा है, ऐसे में किसान इस अवसर का लाभ लेकर अपनी आय बढ़ा सकते हैं.

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