फार्मर आईडी पर बड़ा अपडेट: बिना आईडी भी नहीं रुकेगा योजनाओं का लाभ, कृषि मंत्री ने दूर किया सस्पेंस

फार्मर आईडी पर बड़ा अपडेट: बिना आईडी भी नहीं रुकेगा योजनाओं का लाभ, कृषि मंत्री ने दूर किया सस्पेंस

बिहार के कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने स्पष्ट किया कि फार्मर आईडी बनने तक भी किसानों को किसी योजना का लाभ मिलने में रुकावट नहीं होगी. राज्य में मिशन मोड में फार्मर रजिस्ट्री का काम तेजी से चल रहा है, जहां 85.53 लाख पीएम किसान लाभार्थियों में से 45.18 लाख किसानों की आईडी बन चुकी है. सरकार का लक्ष्य डिजिटल कृषि को बढ़ावा देना और बिचौलियों को खत्म कर योजनाओं का लाभ सीधे किसानों तक पहुंचाना है.

फार्मर आईडी के फायदे और पात्रताफार्मर आईडी के फायदे और पात्रता
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • PATNA,
  • Feb 18, 2026,
  • Updated Feb 18, 2026, 6:57 PM IST

बिहार में मिशन मोड में कृषि विभाग के कृषि समन्वयकों या किसान सलाहकारों और राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के राजस्व कर्मचारियों के द्वारा कैंप के माध्यम से फार्मर रजिस्ट्री का काम किया जा रहा है. बिहार में कुल पीएम किसान लाभार्थियों की संख्या 85.53 लाख है, जिसमें से कुल 45.18 लाख किसानों का फार्मर आईडी बन चुकी है.

फार्मर आईडी रहने पर किसानों को तुरंत किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) लोन दिया जाएगा. यह जानकारी बुधवार को सूचना भवन के संवाद कक्ष में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने दी. इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों की जानकारी दी गई.

सरकार का उद्देश्य, बिचौलियों का खात्मा हो: मंत्री

कृषि मंत्री ने कहा कि, हम किसानों का फार्मर आईडी बनाने में शत-प्रतिशत उपलब्धि हासिल करेंगे लेकिन तब तक किसानों को किसी योजनाओं का लाभ लेने से वंचित नहीं किया जाएगा. राज्य सरकार डिजिटल कृषि को बढ़ावा देने के लिए प्रयास कर रही है. इसके पीछे सरकार का उद्देश्य है कि कृषि में बिचौलियों का खात्मा हो और सीधे किसानों तक योजनाओं का लाभ पहुंच सके.

उन्होंने कहा कि, कृषि विभाग छोटे और सीमांत किसान की आय बढ़ाने, जोखिम को कम करने के लगातार प्रयास कर रहा है. हमलोग कृषि उद्यमी, वैज्ञानिक और स्टार्टअप से जुड़े लोगों के साथ मिलकर कृषि का विकास करेंगे. फसल प्रोसेसिंग और बेहतर बाजार पर हमारा जोर है. इससे राज्य में न सिर्फ बेरोजगारी दूर होगी बल्कि किसानों के जीवन में समृद्धि भी आएगी.

प्रेस कॉन्फ्रेंस में कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल ने कहा कि किसानों की आय बढ़ाने के लिए धान-गेहूं की जगह अधिक मूल्य वाली फसलों की खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. फसलों की मार्केटिंग की उचित व्यवस्था की जा रही है.

वहीं कृषि निदेशक सौरभ सुमन यादव ने कहा कि, बीते 20 वर्षों में धान-गेहूं और मक्का के उत्पादन और उत्पादकता में तेजी से बढ़ोतरी हुई है. दलहन और तिलहन का उत्पादन और उत्पादकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है. राज्य में उर्वरकों की कोई कमी नहीं है, उर्वरक से संबंधित शिकायतों पर विभाग लगातार कार्रवाई कर रहा है. कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए आधुनिक मशीनें अनुदान पर उपलब्ध कराई जा रही हैं.

ग्रामीण हाटों को किया जाएगा विकसित

उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार ने बताया कि छोटे और सीमांत किसानों की आय बढ़ाने के लिए क्लस्टर आधारित खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है. कृषि आधारित स्टार्टअप और कोल्ड चेन की व्यवस्था का विकास किया जा रहा है. वहीं कृषि विभाग में विपणन निदेशक शैलेंद्र कुमार ने बताया कि राज्य के 54 में से 22 कृषि बाजारों को अपग्रेड किया गया है. आने वाले समय में ग्रामीण हाटों को भी विकसित किया जाएगा.

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