
बिहार में गन्ने की खेती में मशीनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के उद्देश्य से चल रही गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत 324 किसानों को मशीन खरीदने की परमिट दी गई है. गन्ना उद्योग विभाग के एक बयान के मुताबिक, 300 से ज्यादा किसानों ने खेत की तैयारी से लेकर गन्ना कटाई तक इस्तेमाल होने वाली मशीनों की खरीद भी कर ली है. योजना के अंतर्गत मशीनों की कीमत पर किसानों को 50 से 60 प्रतिशत तक सब्सिडी दी जा रही है. गन्ना उद्योग विभाग ने राज्य सरकार के निर्देश पर यह योजना लागू की है.
राज्य सरकार की इस योजना का मकसद गन्ना की खेती को ज्यादा व्यावहारिक बनाना और श्रम पर निर्भरता को कम करना है. इसके तहत गन्ना उत्पादक किसानों को खेती में काम आने वाली कुल 11 प्रकार की मशीनों की खरीद पर सब्सिडी दी जा रही है.
विभाग के अनुसार, गन्ना उत्पादन के लिए डिस्क हैरो, पावर वीडर, पावर टिलर, लैंड लेवलर, लेजर लेवलर, रैटून मैनेजमेंट डिवाइस, रोटावेटर, मिनी ट्रैक्टर 4WD, ट्रैक्टर माउंटेड हाइड्रॉलिक स्प्रेयर, शुगरकेन कटर प्लांटर और हाइड्रॉलिक डिस्क हैरो जैसी मशीनों की जरूरत होती है. इन्हीं मशीनों को योजना में शामिल किया गया है, ताकि किसान समय और लागत दोनों की बचत कर सकें.
योजना के तहत फरवरी महीने में राज्य की विभिन्न चीनी मिलों में यंत्रीकरण कैंप आयोजित किए गए. 5 और 6 फरवरी को बगहा, लौरिया, मझौलिया, नरकटियागंज और हरिनगर चीनी मिलों में कैंप लगाए गए.
इसके बाद 9 और 10 फरवरी को सुगौली, सिधवलिया, विष्णु और प्रतापपुर चीनी मिलों, 11 और 12 फरवरी को समस्तीपुर जिले के हसनपुर चीनी मिल तथा 13 और 14 फरवरी को सीतामढ़ी जिले के रीगा चीनी मिल में किसानों के लिए कैंप आयोजित किए गए.
इन कैंपों के दौरान बड़ी संख्या में किसानों ने मशीनों की एडवांस बुकिंग और खरीद की. विभाग ने कहा कि आगे भी अन्य क्षेत्रों में यंत्रीकरण कैंप लगाए जाएंगे, ताकि अधिक किसानों को योजना का लाभ मिल सके.
गन्ना उद्योग विभाग के अपर मुख्य सचिव के. सेंथिल कुमार ने कहा कि गन्ना यंत्रीकरण योजना के तहत चयनित किसानों को मशीन खरीद की परमिट दी जा रही है, जिससे वे सब्सिडाइज्ड रेट पर आधुनिक मशीनें लेकर खेती को बेहतर तरीके से कर सकें.