
बिहार की 18वीं विधानसभा और बिहार की नई सरकार का पहला आम बजट मंगलवार को पेश हुआ. वित्त मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाल रहे विजेंद्र कुमार यादव ने वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए 3 लाख 47 हजार 589 करोड़ रुपये का बजट पेश किया, जो पिछले बजट 3.16 लाख करोड़ रुपये से 30,694.74 करोड़ रुपये अधिक है. अपने बारह मिनट के बजट भाषण में उन्होंने सात निश्चय-3 योजना के जरिए बिहार को विकसित राज्यों की श्रेणी में लाने की बात कही. साथ ही उन्होंने कहा कि कृषि रोड मैप के जरिए मखाना, कृषि,डेयरी उद्योग और मत्स्य उद्योग को प्रोत्साहित किया जाएगा. साथ ही अब राज्य के किसानों को 3000 रुपये मुख्यमंत्री सम्मान निधि के तहत दी जाएगी.
वित्त मंत्री ने अपने भाषण में रोजगार, स्वास्थ्य, महिला उत्थान, एक्सप्रेस-वे और शिक्षा को लेकर कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं.
वित्त मंत्री विजेंद्र कुमार यादव ने अपने बजट भाषण में बताया कि राज्य में पांच नए एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे और सभी सिंगल लेन सड़कों को डबल लेन किया जाएगा. इसके साथ ही बिहार को देश के गरीब राज्यों की श्रेणी से बाहर निकालने और प्रति व्यक्ति आय को दोगुना करने के लिए एक करोड़ रोजगार सृजित किए जाएंगे. महिलाओं को व्यवसाय करने के लिए 2,00,000 रुपये तक की राशि भी दी जाएगी. हाल के समय में राज्य की करीब 1.56 करोड़ से अधिक स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को 10 हजार रुपये की राशि मिल चुकी है. उन्होंने कहा कि 94 लाख गरीब परिवारों को सूक्ष्म उद्यमी बनाने की योजना है.
बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य में कृषि, पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में उद्योगों को कृषि रोड मैप के जरिए प्रोत्साहित किया जाएगा. इसके साथ ही इन क्षेत्रों में आय बढ़ाने को लेकर करीब 50,000 करोड़ रुपये के निजी निवेश को लाने का लक्ष्य सरकार की ओर से रखा गया है. इसके साथ ही प्रत्येक प्रखंड में आदर्श विद्यालय और जिला अस्पतालों को सुपर स्पेशलिटी अस्पताल बनाने को लेकर भी सरकार की ओर से ठोस कार्य किए जाएंगे. ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बेहतर आधार देते हुए लघु उद्योगों के जरिए बिहार को आगे बढ़ाने का कार्य आने वाले समय में किया जाएगा.
इस बजट की सबसे बड़ी घोषणाओं में किसानों को लेकर की गई घोषणा अहम रही. सरकार की ओर से मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत अब राज्य के किसानों को 3000 रुपये की अतिरिक्त सालाना राशि दी देने की बातें कही गईं. वर्तमान समय में बिहार के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत प्रतिवर्ष 6000 रुपये की राशि तीन किस्तों में दी जाती है, जिससे अब कुल मिलाकर किसानों को सालाना 9000 रुपये की राशि मिलेगी.
बता दें कि एनडीए गठबंधन की ओर से जारी संकल्प पत्र में राज्य की ओर से अतिरिक्त 3000 रुपये प्रतिवर्ष देने की बात कही गई थी. हालांकि, एनडीए की ओर से सम्मान निधि का नाम “कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि योजना” रखने को लेकर विवाद बढ़ता दिख रहा है. कई लोगों का कहना है कि इस योजना का नाम सहजानंद सरस्वती के नाम पर रखा जाना चाहिए था.
अपने 12 मिनट के बजट भाषण में वित्त मंत्री ने बताया कि वर्ष 2026–27 में शिक्षा और उच्च शिक्षा पर 68,216.95 करोड़ रुपये का व्यय अनुमानित है, जिसमें मुख्य रूप से हर प्रखंड में डिग्री और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने पर सरकार का विशेष जोर रहेगा. उन्होंने ग्रामीण विकास पर 23,701.18 करोड़ रुपये, स्वास्थ्य पर 21,270.40 करोड़ रुपये, गृह विभाग पर 20,132.87 करोड़ रुपये, ऊर्जा विभाग के अंतर्गत 18,737.06 करोड़ रुपये, और राज्य की शहरी एवं ग्रामीण सड़कों के लिए ग्रामीण कार्य विभाग और पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत 18,716.97 करोड़ रुपये खर्च करने की बात कही.
बता दें कि वित्तीय वर्ष 2026–27 में कुल राजस्व व्यय 2,84,133.92 करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है, जो कुल व्यय का 81.74 प्रतिशत है और वित्तीय वर्ष 2025–26 के बजट अनुमान 2,52,000.26 करोड़ रुपये से 32,133.66 करोड़ रुपये अधिक है. वहीं राजकोषीय घाटा 39,111.80 करोड़ रुपये अनुमानित किया गया है.