
बागवानी के क्षेत्र में बिहार के खेतों और बागानों से उगाए गए आम, लीची, केला, मखाना सहित अन्य उत्पादों की पहुंच न केवल देश में बल्कि विदेशों तक है. इसी क्रम में कृषि विभाग के उद्यान निदेशालय की ओर से पैक-हाउस, प्री-कूलिंग, कोल्ड-चेन, प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स, ब्रांडिंग और निर्यात से जुड़ी निवेश संभावनाओं को लेकर बिहार हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट सोसाइटी (BHDS) के संयुक्त तत्वावधान में राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) के क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम (CDP) के अंतर्गत निवेशकों, एग्री-प्रेन्योर और कृषि-उद्यम फर्मों के लिए उन्मुखीकरण-सह-जागरुकता एवं निवेशक ऊर्जा-संचार कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का उद्देश्य निवेशकों को आवश्यक मार्गदर्शन और हैंडहोल्डिंग उपलब्ध कराना था.
राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड के क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम को लेकर आयोजित बैठक में बताया गया कि बिहार सरकार नकदी फसलों के प्रोत्साहन, मूल्य-वर्धन आधारित निवेश, मधु-क्रांति, प्रस्तावित बिहार कोल्ड-चेन आधारभूत संरचना नीति और फल-सब्जी, मसाला और मशरूम क्षेत्र में पांच वर्षीय कार्ययोजना के जरिए राज्य में निवेश-अनुकूल वातावरण को सुदृढ़ कर रही है. इसके साथ ही मखाना क्षेत्र में मखाना बोर्ड के माध्यम से कृषि-आधारित उद्योगों के नए अवसरों के सृजन को लेकर भी पहल की जा रही है. जिसको देखते हुए विभाग की ओर से इच्छुक निवेशकों से BHDS के माध्यम से अपने निवेश प्रस्ताव प्रस्तुत करने का आह्वान किया गया.
कृषि मंत्री राम कृपाल यादव ने राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (NHB) और क्लस्टर डेवलपमेंट प्रोग्राम (CDP) के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से बिहार की प्रचुर कृषि-उत्पादन क्षमता को ठोस आर्थिक मूल्य में रूपांतरित करने पर जोर दिया. कृषि मंत्री के अनुसार कोल्ड-चेन, भंडारण और प्रोसेसिंग अवसंरचना में निवेश से कृषि उपज का अपव्यय उल्लेखनीय रूप से कम होगा, किसानों को उनकी उपज का उचित और बेहतर मूल्य प्राप्त होगा और राज्य के युवाओं के लिए स्थानीय स्तर पर स्थायी और सम्मानजनक रोजगार के व्यापक अवसर बनेंगे.
कृषि विभाग के प्रधान सचिव नर्मदेश्वर लाल के मार्गदर्शन में आने वाले दिनों में बिहार हॉर्टिकल्चर डेवलपमेंट सोसाइटी (BHDS) को निवेश प्रस्तावों के लिए एक सुदृढ़, एकीकृत और समयबद्ध निष्पादन तंत्र के रूप में विकसित किया जाएगा. इसके साथ ही FPO-आधारित समेकन, गुणवत्ता आश्वासन के लिए सशक्त ट्रेसबिलिटी व्यवस्था और विभिन्न सरकारी योजनाओं को आगे बढ़ाकर उसके माध्यम से परियोजनाओं को पारदर्शी, बैंक-योग्य और निवेशकों के लिए विश्वसनीय बनाया जाएगा, जिससे बिहार बागवानी और कृषि-आधारित निवेश का एक अग्रणी और आकर्षक केंद्र बनकर उभरे.