
हरियाणा के सोनीपत में शुगर मिल की समस्याओं को लेकर किसानों ने बड़ी महापंचायत की. इसमें प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से किसान और किसान नेता पहुंचे. किसानों ने कहा कि सोनीपत शुगर मिल में लंबे समय से कई परेशानियां चल रही हैं. गन्ने का सीजन आते ही किसानों की मुश्किलें और बढ़ जाती हैं. महापंचायत में किसानों ने सरकार से जल्द नया शुगर मिल बनाने की मांग की.
किसानों का कहना है कि सोनीपत और आसपास के इलाकों में गन्ने की पैदावार काफी होती है. जब गन्ने का सीजन आता है तो मिल पर काम का दबाव बढ़ जाता है. मिल की क्षमता कम होने के कारण किसानों का गन्ना समय पर नहीं पिस पाता. इससे किसानों को अपनी फसल लेकर लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है. किसानों का कहना है कि गन्ने की पिराई में देरी से उनकी परेशानी लगातार बढ़ रही है.
किसानों ने महापंचायत में गन्ने के भुगतान का मुद्दा भी उठाया. किसानों का कहना है कि जब गन्ना मिल में पहुंच जाता है, तब भी उन्हें कई बार समय पर पैसे नहीं मिलते. खेती में खाद, बीज, मजदूरी और सिंचाई पर पहले ही काफी खर्च हो जाता है. ऐसे में गन्ने की पेमेंट में देरी होने से किसानों के लिए अगली फसल की तैयारी करना मुश्किल हो जाता है.
महापंचायत में किसानों ने मुख्यमंत्री से जल्द नया शुगर मिल बनाने की घोषणा करने की मांग की. किसानों का कहना है कि पुरानी मिल की क्षमता अब उनकी जरूरत के हिसाब से कम पड़ रही है. अगर नया शुगर मिल बनता है तो सोनीपत और आसपास के किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है. इससे गन्ने की समय पर पिराई होगी और किसानों को अपनी फसल के लिए ज्यादा इंतजार नहीं करना पड़ेगा.
किसानों ने यह भी कहा कि नया शुगर मिल बनने में समय लग सकता है. इसलिए तब तक मौजूदा मिल की मशीनों को ठीक करना बहुत जरूरी है. किसानों की मांग है कि मशीनों की मरम्मत और उन्हें बेहतर बनाने का काम किसी अच्छी और भरोसेमंद कंपनी को दिया जाए. इससे पुरानी मिल बेहतर तरीके से चल सकेगी और किसानों को गन्ने की पिराई में कम परेशानी होगी.
किसानों का कहना है कि सोनीपत शुगर मिल सिर्फ सोनीपत के किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि आसपास के कई गांवों के किसानों के लिए भी जरूरी है. अगर मिल की क्षमता बढ़ती है और नया मिल तैयार होता है तो बड़ी संख्या में किसानों को फायदा मिलेगा. किसानों को गन्ना लेकर दूर के मिलों में जाने की जरूरत भी कम हो सकती है.
किसानों की मांगों को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के प्रदेश अध्यक्ष रतन मान का बयान भी सामने आया. उन्होंने किसानों की पैदल यात्रा का समर्थन किया है. किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल की ओर से अलग-अलग किसान संगठनों को पैदल यात्रा में शामिल होने के लिए पत्र भेजे जाने पर रतन मान ने कहा कि इस मुद्दे पर जल्द ही किसान नेताओं के साथ बातचीत की जाएगी. इसके बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी.
रतन मान ने सरकार पर किसानों की मांगों को दबाने का आरोप भी लगाया. उन्होंने कहा कि सरकार को किसानों की समस्याओं को सुनना चाहिए और उनका समाधान करना चाहिए. उन्होंने बॉर्डर सील किए जाने के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा. किसान नेता का कहना है कि किसानों को अपनी मांग रखने और अपनी बात सरकार तक पहुंचाने का अधिकार है.
रतन मान ने उत्तर प्रदेश के इकबालपुर का मामला भी उठाया. उन्होंने कहा कि वहां किसानों का गन्ने का करोड़ों रुपये का पैसा बकाया है और किसानों को अभी तक उनका भुगतान नहीं मिला है. उन्होंने कहा कि गन्ना किसानों की आर्थिक स्थिति को देखते हुए भुगतान में देरी नहीं होनी चाहिए. किसानों को उनकी फसल का पैसा समय पर मिलना जरूरी है.
सोनीपत की महापंचायत में किसानों ने साफ कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा. किसानों को नए शुगर मिल की जरूरत है और सरकार को इस दिशा में जल्द काम शुरू करना चाहिए. किसानों की मांग है कि जब तक नया मिल नहीं बनता, तब तक मौजूदा शुगर मिल की मशीनों को ठीक कराया जाए और उसकी व्यवस्था बेहतर की जाए. किसानों का कहना है कि इससे गन्ने की समय पर पिराई और भुगतान की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है.
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