28 अगस्त तक खनौरी पर डटे रहेंगे किसान, डल्लेवाल ने मोदी सरकार से दिल्ली मार्च की इजाजत मांगी

28 अगस्त तक खनौरी पर डटे रहेंगे किसान, डल्लेवाल ने मोदी सरकार से दिल्ली मार्च की इजाजत मांगी

खनौरी बॉर्डर पर किसान 28 अगस्त तक शांतिपूर्ण धरना जारी रखेंगे. किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से किसानों को दिल्ली की ओर पैदल मार्च करने की अनुमति देने की अपील की. किसानों की प्रमुख मांगों में MSP की कानूनी गारंटी, कर्ज माफी और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करना शामिल है.

Farmers Protest Khanauri BorderFarmers Protest Khanauri Border
क‍िसान तक
  • जींद,
  • Aug 17, 2026,
  • Updated Aug 17, 2026, 11:49 AM IST

खनौरी बॉर्डर पर किसान धरने पर बैठे हैं. अब किसान 28 अगस्त तक खनौरी बॉर्डर के पंजाब वाले हिस्से में अपना शांतिपूर्ण धरना जारी रखेंगे. विरोध प्रदर्शन करते हुए दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों के एक समूह ने सड़क पर ही अपने बिस्तर बिछा लिए और पंजाब-हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर रात बिताने की तैयारी की. उधर जींद में भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर के प्रमुख जगजीत सिंह डल्लेवाल ने रविवार रात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और हरियाणा सरकार से अपील की कि वे भारत-अमेरिका के बीच हुए अंतरिम व्यापार समझौते के विरोध में प्रदर्शन कर रहे किसानों को दिल्ली की ओर बढ़ने दें. उन्होंने कहा कि उनकी योजना सीमित संख्या में शांतिपूर्ण तरीके से पैदल मार्च करने की है.

खनौरी चेकपॉइंट पर भारी बैरिकेडिंग

विरोध प्रदर्शन करते हुए दिल्ली की ओर बढ़ रहे किसानों के एक समूह ने सड़क पर ही अपने बिस्तर बिछा लिए और पंजाब-हरियाणा के बीच खनौरी बॉर्डर पर रात बिताने की तैयारी की. हरियाणा पुलिस ने दिल्ली की ओर किसानों के नए मार्च को रोकने के लिए खनौरी चेकपॉइंट पर भारी बैरिकेडिंग की थी. डल्लेवाल ने कहा, "अब आधी रात बीत चुकी है. आप देख सकते हैं कि किसान सड़क के किनारे सो रहे हैं. अभी तक उनमें से बहुत कम लोग ही यहाँ पहुंचे हैं."

उन्होंने आगे कहा, "हमारे संगठन, हमारे गैर-राजनीतिक समूह में हजारों किसानों को यहां लाने की क्षमता है. हालांकि, हमारी योजना सीमित संख्या में लोगों के साथ शांतिपूर्वक, पैदल आगे बढ़ने की है." डल्लेवाल ने बताया कि किसान पैदल ही निकले थे, लेकिन उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया और अब वे उसी जगह पर फंसे हुए हैं.

हरियाणा सरकार से झगड़ा नहीं-डल्लेवाल

डल्लेवाल ने कहा, "हरियाणा सरकार के साथ हमारा कोई झगड़ा नहीं है. मैं हरियाणा सरकार और भारत के प्रधानमंत्री से अपील करना चाहता हूं कि कृपया हमें आगे बढ़ने दें." उन्होंने बताया कि किसानों की मांगों में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, कृषि ऋण माफी और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना भी शामिल है.

उन्होंने कहा, "व्यापार समझौता एक बहुत ही महत्वपूर्ण मुद्दा है. किसानों के लिए MSP की गारंटी देने वाला कानून बनाना बहुत जरूरी है. किसानों का कर्ज माफ करना और स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट को लागू करना भी मुख्य मांगें हैं." इसके अलावा, उन्होंने इस मुद्दे को सुलझाने के लिए अदालतों से कानूनी हस्तक्षेप की भी मांग की.

किसान नेता ने कहा, "सरकार को इन मांगों पर कार्रवाई करनी चाहिए... पीएम मोदी को उनकी तकलीफ और दर्द को समझने की कोशिश करनी चाहिए. दूसरी बात, पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट इस मामले का संज्ञान ले सकता है. सुप्रीम कोर्ट भी इस मामले का संज्ञान ले सकता है और आगे का रास्ता दिखा सकता है."

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