
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के प्रमुख शरद पवार ने पार्टी में संभावित टूट की अटकलों पर सीधी टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. बारामती में पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने केवल इतना कहा कि अभी इस विषय पर बात करने का समय नहीं है. उनके इस जवाब के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में चल रही चर्चाओं ने और जो पकड़ लिया है. शरद पवार का यह रुख जून महीने में दिए गए उनके बयान से अलग माना जा रहा है. उस समय उन्होंने साफ कहा था कि अन्य दलों में फूट हो सकती है, लेकिन उनकी पार्टी का कोई सांसद अलग नहीं होगा. उन्होंने अपनी पार्टी में किसी भी तरह के आंतरिक मतभेद या टूट की संभावना से इनकार किया था. इस दौरान उन्होंने किसानों की कर्जमाफी पर अपनी बात रखी.
शरद पवार ने किसानों की कर्जमाफी के मुद्दे पर कहा कि महाराष्ट्र सरकार को अपने घोषित समयसीमा के अनुसार योजना लागू करनी चाहिए. उन्होंने कहा कि किसानों को कर्ज से राहत मिलना सबसे बड़ी प्राथमिकता है. अगर सरकार कर्जमाफी लागू करती है तो उनकी पार्टी को कोई आपत्ति नहीं होगी, लेकिन वादा पूरा नहीं होने पर राज्यभर में आंदोलन किया जाएगा.
उधर, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि राज्य सरकार ने कर्जमाफी की सीमा बढ़ाकर 2 लाख रुपये करने के साथ महाराष्ट्र के इतिहास की सबसे बड़ी कृषि कर्जमाफी योजना लागू की है.
उन्होंने बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले कर्जमाफी योजना का लाभ पहले ले चुके और बाद में फिर से डिफॉल्टर बने किसानों को भी पहली बार इस योजना में शामिल किया गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 दिसंबर 2019 के सरकारी प्रस्ताव के अनुसार लागू महात्मा ज्योतिबा फुले कर्जमाफी योजना के तहत 50 हजार रुपये तक के बकाया फसल ऋण और पुनर्गठित या पुनर्निर्धारित फसल लोन वाले पात्र किसानों को लाभ दिया गया है.
वहीं, NCP (SP) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने भी सोशल मीडिया मंच X पर बयान जारी कर NDA के साथ किसी गठबंधन, विलय या पर्दे के पीछे बातचीत की खबरों को निराधार बताया. उन्होंने कहा कि परिसीमन के मुद्दे पर पार्टी ने किसी मीडिया संस्थान से कोई आधिकारिक चर्चा नहीं की है. उन्होंने साफ किया कि पार्टी का रुख आंतरिक विचार-विमर्श और INDIA गठबंधन के सहयोगियों से चर्चा के बाद ही तय किया जाता है.
सुप्रिया सुले ने कहा कि जब तक केंद्र सरकार संशोधित परिसीमन विधेयक संसद में पेश नहीं करती, तब तक किसी प्रस्ताव पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा. अभी किसी संभावित विधेयक की सामग्री या पार्टी के रुख को लेकर की जा रही अटकलें समय से पहले हैं.
हाल के दिनों में मुंबई में एनसीपी-एसपी के नेता जयंत पाटिल की सत्तारूढ़ एनसीपी के नेता प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के साथ हुई बैठकों के बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हो गई थीं. हालांकि, एनसीपी-एसपी ने इन बैठकों को प्रशासनिक विषयों से जुड़ा बताया.
राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा है कि लोकसभा परिसीमन विधेयक को लेकर जरूरी समर्थन जुटाने के लिए NDA शरद पवार के गुट को साथ लाने की कोशिश कर सकता है. हालांकि, इस बारे में किसी भी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है. (एएनआई)