छत्तीसगढ़ विधानसभा में खाद-बीज को लेकर कांग्रेस का हंगामा, वि‍धायक बोले- DAP और धान बीज की कमी से किसान परेशान

छत्तीसगढ़ विधानसभा में खाद-बीज को लेकर कांग्रेस का हंगामा, वि‍धायक बोले- DAP और धान बीज की कमी से किसान परेशान

छत्तीसगढ़ विधानसभा में खरीफ सीजन के दौरान खाद और बीज की कमी को लेकर जोरदार हंगामा हुआ. कांग्रेस ने DAP, पोटाश और धान के बीज की कमी का आरोप लगाते हुए सरकार को किसान विरोधी बताया.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jul 14, 2026,
  • Updated Jul 14, 2026, 3:46 PM IST

छत्तीसगढ़ विधानसभा के मॉनसून सत्र में मंगलवार को किसानों के लिए खाद और बीज की उपलब्धता का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा. कांग्रेस ने राज्य सरकार पर खरीफ सीजन के दौरान किसानों को जरूरत के लिहाज से पर्याप्‍त खाद और क्‍वालिटी वाले बीज उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगाया. विपक्ष ने सरकार को किसान विरोधी बताते हुए इस विषय पर स्थगन प्रस्ताव के जरिए विस्तृत चर्चा की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने स्थगन प्रस्ताव नामंजूर कर दिया. 

इसके बाद सदन में हंगामा शुरू हो गया. कांग्रेस के 34 विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के एक विधायक सदन के वेल में पहुंच गए. विधानसभा के नियमों के तहत सभी को कुछ समय के लिए निलंबित कर दिया गया. बाद में अध्यक्ष ने निलंबन वापस लेते हुए सदन की कार्यवाही फिर से शुरू कराई.

DAP, पोटाश और धान के बीज की कमी का आरोप

नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत, पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और अन्य कांग्रेस विधायकों ने कहा कि खरीफ धान सीजन के बीच किसान कई समस्याओं से जूझ रहे हैं. उन्‍हाेंने कहा कि राज्य में DAP, पोटाश और ज्‍यादा पैदावार देने वाली धान की किस्मों के बीज पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं.

भूपेश बघेल ने कहा कि प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) में DAP और पोटाश जैसी जरूरत की खाद का पर्याप्त भंडार नहीं है, जबकि यूरिया और नैनो उर्वरक, जिनकी तत्काल जरूरत नहीं है, उनकी ज्‍यादा मात्रा में उपलब्धता दिखाई जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार कुल खाद भंडार का आंकड़ा दिखाकर वास्तविक कमी को छिपाने की कोशिश कर रही है.

कम बारिश और बीज की कमी से बढ़ी किसानों की चिंता

कांग्रेस ने कहा कि किसानों की पसंद वाली धान की कई प्रमुख किस्मों के बीज उपलब्ध नहीं हैं. कम बारिश के कारण किसानों को सिंचाई के लिए पंप सेट का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे खेती की लागत भी बढ़ रही है.

विपक्ष ने एग्रीस्टैक पोर्टल को लेकर भी सवाल उठाए. कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि किसानों को रजिस्‍ट्रेशन, जमीन रिकॉर्ड और फसल विवरण में सुधार कराने में दिक्कतें आ रही हैं. साथ ही पोर्टल पर रजिस्‍ट्रेशन को फसल लोन और न्यूनतम समर्थन मूल्य पर उपज बेचने के लिए अनिवार्य बनाए जाने से किसानों की परेशानी बढ़ी है.

कृषि मंत्री ने कहा- खाद और बीज की कोई कमी नहीं

वहीं, कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि राज्य में खाद और प्रमाणित बीज की कोई कमी नहीं है. उन्होंने बताया कि खरीफ सीजन के लिए 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य रखा गया था, जिसके मुकाबले 14.06 लाख टन यानी करीब 90 प्रतिशत भंडारण पहले ही किया जा चुका है.

उन्होंने कहा कि 4.95 लाख क्विंटल लक्ष्य के मुकाबले 4.76 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का भंडारण किया गया है. वहीं, 4.79 लाख क्विंटल मांग के मुकाबले 4.72 लाख क्विंटल प्रमाणित धान बीज उपलब्ध करा दिया गया है.

रामविचार नेताम ने कहा कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद राज्य में 1.67 लाख टन DAP का भंडारण किया गया है, जो निर्धारित लक्ष्य का 56 प्रतिशत है. इसके साथ ही पोटाश का 99 प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया गया है.

उन्होंने कहा कि किसानों की फास्फोरस और पोटाश संबंधी जरूरत केवल DAP और पोटाश से ही पूरी नहीं होती. NPK उर्वरक और सिंगल सुपर फॉस्फेट जैसे विकल्प भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं. सहकारी समितियों में NPK उर्वरकों का 95 प्रतिशत और सिंगल सुपर फॉस्फेट का 146 प्रतिशत तक भंडारण किया जा चुका है.

बारिश की कमी से निपटने के लिए सरकार ने किए इंतजाम

कृषि मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार लगातार केंद्र सरकार, रसायन एवं उर्वरक मंत्रालय और प्रधानमंत्री कार्यालय के संपर्क में है, जिसके कारण पिछले साल की तुलना में इस समय करीब 96 हजार मीट्रिक टन अधिक खाद उपलब्ध है.

उन्होंने बताया कि सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है और डीजल पंप का इस्‍तेमाल करने वाले किसानों के लिए डीजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं. कम बारिश की स्थिति को देखते हुए सभी जिलों के लिए आकस्मिक कार्ययोजना तैयार की गई है और किसानों को समय-समय पर कृषि सलाह भी जारी की जा रही है. (पीटीआई)

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