
न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी, भारत-अमेरिका ट्रेड डील के विरोध और अन्य किसान मांगों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा (नॉन-पॉलिटिकल) की अपील पर मंगलवार को पंजाब भर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया गया. भारतीय किसान यूनियन सिद्धूपुर सहित अलग-अलग किसान संगठनों के कार्यकर्ताओं ने राज्य के 43 टोल प्लाजाओं पर एकत्र होकर सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक टोल वसूली बंद कर दी. इस दौरान सभी गाड़ियों को बिना टैक्स के गुजरने दिया गया.
बठिंडा-चंडीगढ़ नेशनल हाईवे पर स्थित कालाझाड़ टोल प्लाजा पर भी बड़ी संख्या में किसान पहुंचे. किसानों ने शांतिपूर्ण ढंग से टोल लेन संभाली और आम लोगों के लिए रास्ता खुला रखा. स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस भी सतर्क रही और पूरे क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई.
किसान नेताओं ने कहा कि प्रस्तावित भारत-अमेरिका ट्रेड डील से कृषि क्षेत्र पर खराब असर पड़ने की आशंका है. उनका आरोप है कि विदेशी कृषि उत्पादों के आयात में वृद्धि होने पर पंजाब सहित देश के किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य मिलने में कठिनाई हो सकती है. इसके अलावा किसानों ने राज्य की लैंड पूलिंग नीति वापस लेने, एमएसपी को कानूनी दर्जा देने और बैंकों द्वारा भेजे जा रहे नोटिस तत्काल रद्द करने की मांग उठाई.
विरोध प्रदर्शन के दौरान किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि कई मामलों में किसान वर्षों पहले अपना लोन चुका चुके हैं, फिर भी उन्हें बकाया राशि के नाम पर नोटिस भेजे जा रहे हैं. किसान नेताओं ने कहा कि यदि रिकॉर्ड संबंधी गड़बड़ी या अधिकारियों की लापरवाही के कारण ऐसी स्थिति पैदा हुई है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे को लेकर राज्य के कई बैंकों के बाहर धरने पहले से जारी हैं.
आंदोलन के तहत दोपहर करीब 1 बजे राज्य के अलग-अलग टोल प्लाजाओं पर एलईडी स्क्रीन के जरिये किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल का संबोधन भी दिखाया गया. डल्लेवाल ने किसानों से एकजुट रहने और अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष जारी रखने की अपील की.
शाम 4 बजे तक टोल-मुक्त अभियान जारी रहने के बाद किसान संगठनों ने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं की तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और तेज किया जाएगा. फिलहाल पूरे राज्य में प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने की जानकारी सामने आई है.
भारतीय किसान यूनियन (BKU-राजेवाल) ने चंडीगढ़ में सोमवार को प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते और अन्य मुद्दों के खिलाफ मोटरसाइकिल रैली निकाली और चेतावनी दी कि अगर समझौते पर हस्ताक्षर हुए तो वे देशव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे.
चंडीगढ़ में किसानों के विरोध प्रदर्शन के कारण, इस दौरान कई रास्तों पर ट्रैफिक पर रोक लगाई गई थी.
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को रद्द करने की मांग करते हुए, प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि सरकार की व्यापार नीतियां किसानों और डेयरी सेक्टर के नुकसान पर मल्टीनेशनल कंपनियों और ग्लोबल व्यापार हितों का पक्ष लेती हैं.
उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी किसानों को बड़े पैमाने पर सरकारी मदद मिलती है और वे बड़े स्तर पर काम करते हैं, जिससे भारतीय किसानों के लिए मुकाबला करना मुश्किल हो जाता है, जिनके पास ज्यादातर छोटी जमीनें हैं.
प्रदर्शनकारियों ने यह भी दावा किया कि किसानों की आय और कृषि अर्थव्यवस्था पर असर पड़ सकता है क्योंकि इस समझौते के कारण भारतीय बाजारों में कृषि उत्पादों, दालों, फलों, सब्जियों और अन्य खाद्य पदार्थों की बड़े पैमाने पर एंट्री हो सकती है.
BKU (राजेवाल) के प्रमुख बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा, "अगर अमेरिका के साथ द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर हस्ताक्षर होते हैं, तो उसी दिन पूरे देश में विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे." उन्होंने आगे कहा, "प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 17 जुलाई को पंजाब में सड़कों पर सभी टोल दो घंटे के लिए एक दिन के लिए फ्री कर दिए जाएंगे."(कुलवीर सिंह का इनपुट)