
महाराष्ट्र के कोल्हापुर स्थित गोकुल डेयरी में सरकारी सदस्यों की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद बढ़ गया है. महाराष्ट्र सरकार ने 500 करोड़ रुपये से अधिक सालाना कारोबार वाली सहकारी संस्थाओं की प्रबंध समितियों में पांच सरकारी सदस्यों को नामित करने का फैसला किया है. इनमें चार को मतदान का अधिकार मिलेगा. विपक्ष का आरोप है कि इस फैसले से गोकुल डेयरी के चुनावी नतीजों और अध्यक्ष पद के चुनाव का समीकरण बदलने की कोशिश हो रही है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इसे दूध उत्पादकों के जनादेश के साथ धोखा करार दिया, जबकि एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने 10 नवंबर को डेयरी का घेराव करने की अपील की है.
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बीजेपी और महाराष्ट्र सरकार पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि गोकुल डेयरी के चुनाव में दूध उत्पादकों ने बीजेपी को हरा दिया, लेकिन अब सरकार चुनाव के बाद नियम बदलकर अपना संख्या बल बढ़ाने की कोशिश कर रही है.
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि चार सरकारी निदेशकों को मतदान का अधिकार देकर बोर्ड में बीजेपी समर्थित सदस्यों की संख्या बढ़ाने की कोशिश की जा रही है. उन्होंने इसे दूध उत्पादकों के वोटों की चोरी और जनादेश में मिलावट बताया. राहुल ने कहा कि सत्ता बचाने के लिए बीजेपी हर जगह किसी भी हद तक जा रही है. दूध उत्पादकों के वोटों के साथ छेड़छाड़ करने वालों को याद रखना चाहिए कि किसान सब याद रखते हैं.
गोकुल डेयरी के चुनाव में कांग्रेस एमएलसी सतेज पाटिल समर्थित राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी ने 25 में से 13 सीटें जीती थीं. वहीं, बीजेपी के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन को 12 सीटें मिली थीं. इस तरह विपक्ष समर्थित पैनल ने बहुमत हासिल किया था.
हालांकि, अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए जरूरी 14 निदेशकों का कोरम पूरा नहीं होने से चुनाव नहीं हो सका. महायुति समर्थित निदेशकों की अनुपस्थिति के कारण प्रक्रिया अटक गई. इसके बाद बॉम्बे हाईकोर्ट ने 10 नवंबर को दोबारा चुनाव कराने का निर्देश दिया.
महाराष्ट्र कैबिनेट ने बुधवार को 500 करोड़ रुपये से अधिक सालाना कारोबार वाली सहकारी संस्थाओं की प्रबंध समितियों में पांच सरकारी सदस्यों को नामित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी. जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को इससे बाहर रखा गया है. इनमें चार सदस्यों को निदेशक मंडल में मतदान का अधिकार मिलेगा.
कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने भी सरकार के फैसले की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि निर्वाचित बोर्ड की संरचना बदलकर लोकतांत्रिक जनादेश को प्रभावित किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी जा रही है.
एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने गुरुवार को लोगों से 10 नवंबर को गोकुल डेयरी के बाहर जुटने और घेराव करने की अपील की. उन्होंने कहा कि डेयरी के चुनाव में 5.5 लाख मतदाताओं ने अपना जनादेश दिया था, जिसे सरकार नामित सदस्यों की नियुक्ति करके दरकिनार करना चाहती है.
रोहित पवार ने सरकार के फैसले को लोकतंत्र और संविधान के खिलाफ बताते हुए कहा कि गोकुल डेयरी का मुद्दा केवल सतेज पाटिल या कोल्हापुर का नहीं है, यह उन सभी लोगों का सवाल है जो लोकतंत्र में विश्वास रखते हैं. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर आज सहकारी संस्था में जनादेश को प्रभावित किया जा रहा है, तो भविष्य में दूसरे चुनावों में भी ऐसा हो सकता है. (पीटीआई)