बिहार में बड़े किसान आंदोलन का ऐलान, राकेश टिकैत ने जमीन के उचित मुआवजे समेत उठाईं ये मांगें

बिहार में बड़े किसान आंदोलन का ऐलान, राकेश टिकैत ने जमीन के उचित मुआवजे समेत उठाईं ये मांगें

BKU नेता राकेश टिकैत ने बिहार में राज्यव्यापी किसान आंदोलन का आह्वान किया है. उन्होंने किसानों की जमीन के उचित मुआवजे, बिहार शहर विकास अधिनियम को रद्द करने, कर्जमाफी, C2+50 फॉर्मूले पर MSP और किसानों-मजदूरों के लिए मासिक पेंशन की मांग उठाई है.

किसान नेता राकेश टिकैतकिसान नेता राकेश टिकैत
क‍िसान तक
  • पटना,
  • Oct 07, 2026,
  • Updated Oct 07, 2026, 7:03 PM IST

भारतीय किसान यूनियन (BKU) के नेता राकेश टिकैत ने बिहार में राज्यव्यापी किसान आंदोलन का आह्वान किया है. टिकैत ने सरकार की ओर से अधिग्रहित की जा रही किसानों की जमीन का उचित मुआवजा देने और 'बिहार शहर विकास अधिनियम' को रद्द करने की मांग की है. बिहार में प्रस्तावित सैटेलाइट टाउनशिप के लिए कृषि भूमि के अधिग्रहण को लेकर किसान समय-समय पर विरोध करते रहे हैं.

टिकैत ने बुधवार को कहा कि बिहार के किसानों को अपने अधिकारों के लिए एकजुट होकर लड़ना होगा. उन्होंने कहा कि राज्य से बड़ी संख्या में लोग रोजगार के लिए बाहर रहते हैं. ऐसे में बिहार में किसानों का आंदोलन शुरू होने पर दूसरे राज्यों में रहने वाले बिहार के लोगों को भी अपने-अपने स्थान पर इसका समर्थन करना चाहिए.

जमीन अधिग्रहण को लेकर जताई नाराजगी

राकेश टिकैत ने आरोप लगाया कि पहले बिहार में कृषि मंडियों और बाजार समितियों को खत्म कर किसानों को कमजोर किया गया और अब उनकी जमीन को निशाना बनाया जा रहा है. टिकैत के मुताबिक किसान अब इस स्थिति को समझ रहे हैं और अपने अधिकारों के लिए आंदोलन करने को तैयार हैं.

BKU ने भी बिहार में किसानों की जमीन से जुड़े कानूनों पर सवाल उठाए हैं. संगठन ने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे कानून बनाए गए हैं, जिनसे किसानों के हित प्रभावित हो सकते हैं. संगठन ने 'बिहार शहर विकास अधिनियम' को वापस लेने की मांग करते हुए सैटेलाइट टाउनशिप के बजाय 'स्मार्ट गांव' विकसित करने की मांग उठाई है.

कर्जमाफी और MSP का मुद्दा भी उठाया

BKU ने जमीन अधिग्रहण के अलावा किसानों से जुड़ी कई दूसरी मांगें भी सरकार के सामने रखी हैं. संगठन ने किसानों का कर्ज माफ करने और सभी फसलों पर C2+50 प्रतिशत फॉर्मूले के आधार पर MSP देने की मांग की है.

इसके साथ ही 60 साल से ज्यादा उम्र के किसानों और मजदूरों को हर महीने 10 हजार रुपये पेंशन देने की मांग भी उठाई गई है.

टिकैत ने राजनीतिक मुद्दों पर भी साधा निशाना

राकेश टिकैत ने अपने संबोधन में राजनीतिक मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की. उन्होंने लोगों से धार्मिक ध्रुवीकरण से बचने की अपील करते हुए कहा कि देश का शासन संविधान के मुताबिक चलना चाहिए. टिकैत ने केंद्र की मौजूदा व्यवस्था को लेकर भी कई आरोप लगाए और कॉरपोरेट प्रभाव के खिलाफ लोगों से एकजुट होने का आह्वान किया.

MORE NEWS

Read more!