
महाराष्ट्र के बुलढाणा के किसान नेता रविकांत तुपकर ने किसानों की कर्जमाफी समेत कई मांगों को लेकर 27 अगस्त को मुंबई में बड़ा आंदोलन करने का ऐलान किया है. उन्होंने सरकार को चेतावनी दी है कि इस दिन मंत्रालय के सामने मंत्रियों के सरकारी बंगलों और वाहनों को सांकेतिक रूप से जब्त कर उनकी नीलामी की जाएगी. तुपकर के इस ऐलान के बाद पुलिस प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और उन्हें कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर नोटिस जारी किया गया है.
27 अगस्त को मुंबई में होने वाले आंदोलन को लेकर बुलढाणा सिटी पुलिस स्टेशन के थानेदार खुद रविकांत तुपकर के घर नोटिस लेकर पहुंचे. पुलिस ने नोटिस में आंदोलन के दौरान किसी भी तरह की गैरकानूनी गतिविधि नहीं करने की हिदायत दी है. साथ ही पुलिस ने साफ किया है कि आंदोलन के दौरान शांति और कानून-व्यवस्था प्रभावित नहीं होनी चाहिए और किसी भी सरकारी संपत्ति को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.
जब पुलिस अधिकारी नोटिस देने के लिए तुपकर के घर पहुंचे, उस समय उनकी पत्नी भी वहां मौजूद थीं, जो पेशे से वकील हैं. पुलिस की ओर से दिए गए नोटिस में 27 अगस्त को मुंबई में होने वाले आंदोलन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने को लेकर उन्हें आगाह किया गया है.
किसान नेता रविकांत तुपकर किसानों की कर्जमाफी और दूसरी मांगों को लेकर पहले भी आंदोलन कर चुके हैं. करीब एक महीने पहले उन्होंने अपने घर के सामने अन्न त्याग आंदोलन शुरू किया था. इस दौरान उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं का समाधान करने की मांग की थी. करीब पांच दिन तक चले इस आंदोलन के बाद सरकार की ओर से चर्चा और किसानों की मांगों पर बातचीत का आश्वासन दिया गया था. इसके बाद तुपकर ने अपना अनशन समाप्त कर दिया था. हालांकि, उनके मुताबिक सरकार की ओर से उनकी मांगों पर कोई ठोस समाधान नहीं निकला. इसके बाद उन्होंने दोबारा आंदोलन का रास्ता अपनाने का फैसला किया.
रविकांत तुपकर ने किसानों की मांगों को लेकर 27 अगस्त को मुंबई में आंदोलन करने की जानकारी सरकार को लिखित रूप से दी थी. अपने ज्ञापन में उन्होंने कहा था कि किसान मुंबई पहुंचेंगे और मंत्रालय के सामने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया जाएगा. तुपकर ने अपने आंदोलन के तरीके के बारे में कहा है कि मंत्रालय के सामने मंत्रियों के सरकारी बंगलों और सरकारी वाहनों को सांकेतिक रूप से जब्त किया जाएगा और उनकी नीलामी की जाएगी. उनका कहना है कि यह कार्रवाई किसानों की समस्याओं और सरकार के प्रति उनके विरोध को दिखाने के लिए सांकेतिक तौर पर की जाएगी.
पुलिस का नोटिस मिलने के बाद रविकांत तुपकर ने सरकार और पुलिस प्रशासन पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग की ओर से मिलने वाले नोटिसों से उनके घर की अलमारियां भर चुकी हैं. उनका कहना है कि इससे उन्हें डराने या आंदोलन रोकने की कोशिश की जा रही है, लेकिन वे पीछे हटने वाले नहीं हैं. तुपकर ने दावा किया कि 27 अगस्त को महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से किसान मुंबई पहुंचेंगे और आंदोलन होकर रहेगा. उन्होंने कहा कि पुलिस उन्हें रोक नहीं सकती. उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें रोकने के लिए गोलियां चलानी पड़ें, तब भी किसान आंदोलन से पीछे नहीं हटेंगे.
रविकांत तुपकर इससे पहले भी किसानों की विभिन्न मांगों को लेकर मुंबई में आंदोलन कर चुके हैं. वे किसानों की कर्जमाफी, फसलों के उचित दाम और किसानों से जुड़े अन्य मुद्दों को लेकर लगातार सरकार के खिलाफ आवाज उठाते रहे हैं. उनके आंदोलन कई बार सरकार और प्रशासन के लिए चुनौती बन चुके हैं. खासतौर पर मुंबई में होने वाले उनके आंदोलनों को लेकर पुलिस प्रशासन पहले से सतर्क रहता है. अब 27 अगस्त के आंदोलन के ऐलान के बाद पुलिस ने उन्हें नोटिस जारी कर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की चेतावनी दी है. ऐसे में अब सभी की नजरें 27 अगस्त को मुंबई में होने वाले इस किसान आंदोलन पर टिकी हैं.
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