पंजाब विधानसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रस्ताव, किसानों के हितों को लेकर जताई चिंता

पंजाब विधानसभा में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रस्ताव, किसानों के हितों को लेकर जताई चिंता

पंजाब विधानसभा ने भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रस्ताव पास कर किसानों के हितों को लेकर चिंता जताई है. मुख्यमंत्री भगवंत मान सहित कई नेताओं ने कहा कि इस समझौते से सस्ती विदेशी फसलें भारत में आ सकती हैं, जिससे किसानों को नुकसान होगा. विधायकों ने चेतावनी दी कि अगर किसानों की अनदेखी हुई तो देश में फिर से बड़ा आंदोलन हो सकता है.

India–US Trade Deal पर पंजाब में सियासी एकजुटताIndia–US Trade Deal पर पंजाब में सियासी एकजुटता
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Mar 11, 2026,
  • Updated Mar 11, 2026, 9:04 AM IST

पंजाब विधानसभा ने मंगलवार को भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) के खिलाफ एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव पास किया. इस प्रस्ताव को आम आदमी पार्टी (AAP), कांग्रेस, शिरोमणि अकाली दल (SAD) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) के विधायकों ने मिलकर समर्थन दिया. सभी दलों के नेताओं ने कहा कि अगर यह समझौता किसानों के हितों को ध्यान में रखे बिना किया गया, तो इससे देश के किसानों, खासकर पंजाब के किसानों को बड़ा नुकसान हो सकता है. इसलिए केंद्र सरकार को इस समझौते से पहले किसानों की चिंताओं को गंभीरता से समझना चाहिए.

किसानों के भविष्य को लेकर चिंता

विधानसभा में चर्चा के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अगर भारत अपने कृषि बाजार को अमेरिका के लिए खोल देता है, तो वहां से सस्ती और सब्सिडी वाली फसलें भारत में आने लगेंगी. इससे भारतीय किसानों के लिए प्रतिस्पर्धा करना बहुत मुश्किल हो जाएगा. उन्होंने कहा कि पंजाब के किसान पहले से ही कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और ऐसे में यह समझौता उनकी स्थिति को और कमजोर कर सकता है.

मुख्यमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों के हितों को नजरअंदाज कर रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि इतने बड़े अंतरराष्ट्रीय समझौते पर राज्यों से राय क्यों नहीं ली गई. उनका कहना था कि खेती से जुड़े फैसलों में राज्यों की भागीदारी होना जरूरी है.

सस्ती फसलों और जीएमओ उत्पादों का खतरा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने यह भी चिंता जताई कि इस समझौते के बाद अमेरिका से सोयाबीन, मक्का और कपास जैसी फसलें सस्ती कीमतों पर भारत आ सकती हैं. इससे भारतीय किसानों की फसलें बाजार में प्रतिस्पर्धा नहीं कर पाएंगी और उनकी आमदनी पर असर पड़ेगा. इसके अलावा उन्होंने कहा कि अमेरिका से जेनेटिकली मॉडिफाइड (GMO) उत्पादों के आने का भी खतरा है, जिससे पंजाब की खेती और फसल विविधता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है.

फिर शुरू हो सकता है किसान आंदोलन

विधानसभा में कई विधायकों ने चेतावनी दी कि अगर केंद्र सरकार अमेरिका के दबाव में आकर यह समझौता करती है और किसानों की चिंताओं को नजरअंदाज करती है, तो देश में एक बार फिर बड़ा किसान आंदोलन शुरू हो सकता है. नेताओं ने कहा कि किसान देश की रीढ़ हैं और उनके हितों की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है.

कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने विधानसभा में इस मुद्दे पर प्रस्ताव पेश किया. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि किसी भी व्यापार समझौते से किसानों के अधिकारों पर असर न पड़े. खासकर किसानों के बीज बचाने और इस्तेमाल करने के अधिकार की रक्षा की जानी चाहिए.

मंडी व्यवस्था और डेयरी सेक्टर पर असर

विधानसभा में कई नेताओं ने यह भी कहा कि इस समझौते से पंजाब की मंडी व्यवस्था को नुकसान हो सकता है. सरदूलगढ़ के विधायक गुरप्रीत सिंह बनावाली ने कहा कि अगर यह समझौता लागू होता है, तो धीरे-धीरे मंडी प्रणाली कमजोर हो सकती है. इससे किसानों के साथ-साथ मजदूरों और आढ़तियों को भी नुकसान होगा.

जालालाबाद के विधायक जगदीप कम्बोज गोल्डी ने कहा कि इस समझौते से डेयरी सेक्टर को भी भारी नुकसान हो सकता है. अगर अमेरिका के डेयरी उत्पाद भारत में आने लगे, तो भारतीय डेयरी किसानों के लिए मुश्किलें बढ़ सकती हैं.

विपक्ष और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया

विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अमेरिका के दबाव में आकर यह समझौता किया है. वहीं कांग्रेस के विधायक परगट सिंह ने कहा कि इस समझौते की जानकारी सबसे पहले सोशल मीडिया पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पोस्ट के जरिए सामने आई, जो काफी हैरान करने वाली बात है. उन्होंने इस समझौते को “ट्रेड डील नहीं बल्कि सरेंडर” बताया.

कई अन्य विधायकों ने भी इस मुद्दे पर चिंता जताई और कहा कि पंजाब के किसान, मजदूर और व्यापारी ऐसे किसी भी समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे, जो उनके हितों के खिलाफ हो.

सर्वसम्मति से पास हुआ प्रस्ताव

लंबी चर्चा और बहस के बाद पंजाब विधानसभा ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के खिलाफ यह प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास कर दिया. सभी दलों के नेताओं ने एकजुट होकर केंद्र सरकार से मांग की कि किसी भी अंतरराष्ट्रीय समझौते से पहले किसानों के हितों को सबसे ऊपर रखा जाए.

पंजाब सरकार के मंत्रियों और विधायकों ने यह भी कहा कि वे किसानों के अधिकारों और उनकी आजीविका की रक्षा के लिए हमेशा उनके साथ खड़े रहेंगे. उनका कहना है कि अगर यह समझौता किसानों के खिलाफ हुआ, तो पंजाब इसके खिलाफ आवाज उठाता रहेगा.

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