हरियाणा में जल्द धान खरीद शुरू करने की मांगहरियाणा में धान की सरकारी खरीद 1 अक्टूबर से शुरू करने की घोषणा के बीच किसान इसे पहले शुरू करने की मांग कर रहे हैं. करनाल अनाज मंडी पहुंचे किसानों का कहना है कि खेतों में धान की फसल पककर तैयार हो चुकी है. ऐसे में खरीद में देरी होने पर किसानों को कटी हुई फसल संभालने के साथ मंडियों में भीड़ और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है.
फिलहाल करनाल समेत प्रदेश की कुछ मंडियों में धान की आवक शुरू हो गई है. मंडियों में 1509 किस्म का धान भी पहुंच रहा है, जिसकी सरकारी खरीद नहीं होती. किसानों के मुताबिक इस बार 1509 धान के दाम पिछले साल के मुकाबले बेहतर मिल रहे हैं. वहीं, किसान अब पीआर धान की सरकारी खरीद भी 1 अक्टूबर से पहले शुरू करने की मांग कर रहे हैं.
किसान शेर सिंह ने कहा कि धान की फसल पूरी तरह पककर तैयार हो चुकी है. ऐसे में किसान तैयार फसल को लंबे समय तक कहां और कैसे संभालकर रखेगा. उन्होंने सरकार से 1 अक्टूबर से पहले खरीद शुरू करने की मांग की.
उनका कहना है कि खरीद जल्दी शुरू होने से मंडियों में एक साथ ज्यादा भीड़ नहीं होगी और फसल की बिक्री और उठान की प्रक्रिया भी सुचारू तरीके से चल सकेगी. इससे किसानों के साथ सरकार और मंडी प्रशासन को भी सुविधा होगी. उन्होंने समय पर खाद और यूरिया उपलब्ध कराने की भी मांग की. किसान के मुताबिक इस बार बारिश कम होने के बावजूद धान की पैदावार ठीक रहने की उम्मीद है.
किसान भूपेश ने भी धान खरीद के लिए तय तारीख की बाध्यता पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा कि किसान की फसल जब पककर तैयार हो जाए और वह उसे लेकर मंडी पहुंच जाए तो उसकी खरीद होनी चाहिए. इससे किसानों की परेशानी कम होने के साथ मंडियों में यातायात और फसल प्रबंधन की व्यवस्था भी बेहतर रह सकती है.
धान खरीद को लेकर करनाल पहुंचे हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि प्रदेश में 249 मंडियां हैं और अभी करीब 15 से 20 मंडियों में ही बासमती धान की आवक हुई है. सामान्य धान की आवक फिलहाल कम है.
कृषि मंत्री के मुताबिक सामान्य धान की खरीद से जुड़े सिस्टम और मंडियों की व्यवस्थाओं को पूरा किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि एक-दो दिन में व्यवस्था पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री केंद्र सरकार से बातचीत कर खरीद को लेकर अनुमति दे सकते हैं.
ऐसे में अब किसानों की नजर सरकार के अगले फैसले पर है. किसानों की मांग है कि खेतों में तैयार धान और मंडियों की व्यवस्था को देखते हुए सरकारी खरीद 1 अक्टूबर का इंतजार किए बिना जल्द से जल्द शुरू की जाए.
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