खनौरी बॉर्डर पर किसानों का बड़ा ऐलान, आज बैरिकेड तक मार्च कर उतारेंगे कमीजें

खनौरी बॉर्डर पर किसानों का बड़ा ऐलान, आज बैरिकेड तक मार्च कर उतारेंगे कमीजें

खनौरी बॉर्डर पर किसानों के धरने के तीसरे दिन किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने 19 अगस्त को हरियाणा की ओर लगाए गए बैरिकेड तक मार्च करने का ऐलान किया है. किसान वहां पहुंचकर केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे और प्रतीकात्मक रूप से अपनी कमीजें उतारकर उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजेंगे. किसानों का कहना है कि उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से दिल्ली जाने से रोका जा रहा है. वहीं, 20 अगस्त को देशभर में जिला स्तर पर किसान रैलियां भी निकाली जाएंगी.

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क‍िसान तक
  • संगरूर,
  • Aug 19, 2026,
  • Updated Aug 19, 2026, 11:08 AM IST

खनौरी बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के बीच किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने आज यानी 19 अगस्त को बड़ा प्रदर्शन करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि किसान हरियाणा की ओर लगाए गए बैरिकेड तक जाएंगे और वहां केंद्र और हरियाणा सरकार के खिलाफ विरोध जताएंगे.

डल्लेवाल के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान किसान अपनी कमीजें उतारेंगे. इन कपड़ों को प्रतीकात्मक रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेजा जाएगा, ताकि किसानों का विरोध और उनकी मांगें सरकार तक पहुंच सकें.

गौरतलब है कि 16 अगस्त को किसानों ने खनौरी-डाटा सिंहवाला बॉर्डर से दिल्ली की ओर पैदल मार्च शुरू करने की कोशिश की थी. हालांकि, हरियाणा प्रशासन ने 51 किसानों के पहले जत्थे को आगे बढ़ने से रोक दिया और सीमा पर कई स्तर की बैरिकेडिंग कर दी. इसके बाद किसानों ने पंजाब की तरफ ही धरना जारी रखने का फैसला किया.

20 अगस्त को किसान रैलियां आयोजित होंगी

किसान नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली जाना चाहते हैं, लेकिन उन्हें रास्ता नहीं दिया जा रहा. इसी मुद्दे को लेकर 20 अगस्त को देशभर के जिला मुख्यालयों पर किसान रैलियां भी आयोजित की जाएंगी.

किसानों की प्रमुख मांगों में प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से कृषि क्षेत्र को बाहर रखना, सभी फसलों पर कानूनी एमएसपी गारंटी, किसानों का कर्ज माफ करना और स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करना शामिल है.

इससे पहले सोमवार को डल्लेवाल ने कहा, "सरकार ने यह नैरेटिव बनाया है कि किसान सड़कें जाम कर रहे हैं, लेकिन जैसा कि हर कोई देख सकता है, हम सर्विस रोड के किनारे बैठे हैं, जबकि हरियाणा प्रशासन ने कंक्रीट स्लैब लगाकर हाईवे को ब्लॉक कर दिया है."

उन्होंने कहा, "वे कहते थे कि किसानों को ट्रैक्टर और दूसरी गाड़ियों के साथ नहीं आने दिया जाएगा, लेकिन अब वे हमें पैदल भी नहीं जाने दे रहे हैं. इस बार, 300 से भी कम किसान शांतिपूर्ण तरीके से दिल्ली तक मार्च करना चाहते हैं, लेकिन फिर भी सरकार को हमसे दिक्कत है. क्या हमें अपनी राष्ट्रीय राजधानी पैदल जाने का बुनियादी अधिकार भी नहीं है?"

हरियाणा सरकार और किसानों के बीच बातचीत बेनतीजा

रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के प्रतिनिधियों और हरियाणा सरकार के अधिकारियों के बीच तीन दौर की बातचीत हुई, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला.

डल्लेवाल ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मिलने के प्रस्ताव को ठुकरा दिया और अपने मुख्य मुद्दे - प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते - पर चर्चा करने के लिए केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से मिलने की मांग पर अड़े रहे.

पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद, डल्लेवाल ने कहा कि वे खनौरी बॉर्डर पॉइंट पर शांतिपूर्वक बैठेंगे.

SKM (गैर-राजनीतिक) ने हरियाणा-पंजाब बॉर्डर पर स्थित दाता सिंह वाला गांव से दिल्ली के जंतर-मंतर तक "किसान बचाओ पदयात्रा" की घोषणा की थी, जिसका समापन 29 अगस्त को राष्ट्रीय राजधानी में किसानों की पंचायत के साथ होना था.

यह मार्च प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में और न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर फसलों की खरीद की कानूनी गारंटी की मांग के लिए आयोजित किया गया था.(कुलवीर सिंह का इनपुट)

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