
कर्नाटक में कमजोर मानसून के बीच सूखे की आशंका को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है. विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और भाजपा नेता आर. अशोक ने बुधवार को चित्रदुर्ग जिले का दौरा कर फसलों की स्थिति का जायजा लिया. इस दौरान उन्होंने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन पर किसानों की अनदेखी करने का आरोप लगाया. मीडिया से बातचीत में आर. अशोक ने कहा कि जिले में बारिश नहीं होने से किसान गंभीर संकट का सामना कर रहे हैं.
आर. अशोक ने दावा किया कि कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर मौजूद तो हैं, लेकिन अब तक किसी भी अधिकारी ने किसानों के खेतों का वास्तविक सर्वे नहीं किया है. अधिकारी दफ्तरों में बैठकर रिपोर्ट तैयार कर रहे हैं, जिससे बड़ी संख्या में प्रभावित किसान सरकारी योजनाओं के दायरे से बाहर हो सकते हैं.
आर. अशोक ने आरोप लगाया कि चित्रदुर्ग जिले में फसल बीमा योजना का पर्याप्त प्रचार-प्रसार नहीं किया गया है. जागरूकता की कमी के कारण कई किसानों तक योजना की जानकारी ही नहीं पहुंच पा रही है, जिससे जरूरतमंद किसान इसका लाभ लेने से वंचित रह सकते हैं.
इससे पहले भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बी.वाई. विजयेंद्र ने भी कांग्रेस सरकार पर किसानों की उपजाऊ जमीन जबरन अधिग्रहित करने का आरोप लगाया था. बिदादी के किसानों के समर्थन में आयोजित विरोध प्रदर्शन को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि सैटेलाइट टाउनशिप परियोजना के नाम पर सरकार किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि जबरन अधिग्रहित करना चाहती है. यह फैसला किसानों के हित में नहीं, बल्कि रियल एस्टेट से जुड़े हितों को साधने के लिए लिया जा रहा है.
विजयेंद्र ने कहा कि जिन परिवारों के पास केवल चार से पांच एकड़ जमीन है, उनकी आजीविका खतरे में पड़ रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि गरीब किसानों की जमीन अधिग्रहित की जा रही है, जबकि कांग्रेस से जुड़े कई नेताओं और विधायकों के पास उसी इलाके में सैकड़ों-हजारों एकड़ जमीन होने के बावजूद उन पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही. यह सरकार के दोहरे रवैये को दर्शाता है.
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर कर्नाटक के किसानों की समस्याओं पर ध्यान देने के बजाय कांग्रेस सरकार बिदादी टाउनशिप और कनकपुरा हवाई अड्डे जैसी परियोजनाओं को प्राथमिकता दे रही है. विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री बनने से पहले डीके शिवकुमार ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी से बिदादी टाउनशिप विकसित करने और डीएलएफ कंपनी को अवसर देने का वादा किया था.
विजयेंद्र ने आरोप लगाया कि जो किसान अपनी जमीन देने से इनकार कर रहे हैं, उनके घरों तक लोगों को भेजकर उन्हें "तुम बच नहीं पाओगे" जैसी धमकियां दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर कहती है कि जमीन का जबरन अधिग्रहण नहीं होगा, जबकि दूसरी ओर आंदोलन कर रहे किसानों के खिलाफ झूठे मामले दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है. यह सत्ता के अहंकार का उदाहरण है.
भाजपा नेता ने कांग्रेस सरकार पर कृषि विभाग की अनदेखी करने का आरोप लगाते हुए तंज कसा कि सरकार बनने के इतने समय बाद भी यह साफ नहीं है कि राज्य का कृषि मंत्री कौन है. उन्होंने कहा कि अगर किसानों को न्याय नहीं मिल रहा है और सरकार का पूरा ध्यान रियल एस्टेट परियोजनाओं पर है तो कृषि विभाग का नाम बदलकर 'रियल एस्टेट कांग्रेस विभाग' कर देना चाहिए. (एएनआई)