फरीदकोट किसान पंचायत से पहले पुलिस एक्शन, डल्लेवाल समेत कई किसान नेता हिरासत में

फरीदकोट किसान पंचायत से पहले पुलिस एक्शन, डल्लेवाल समेत कई किसान नेता हिरासत में

फरीदकोट में भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) की किसान पंचायत से पहले पुलिस ने यूनियन अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया. किसान संगठन ने सरकार पर लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का आरोप लगाया है. वहीं, किसानों की मांगों में आत्महत्या करने वाले किसान परिवारों को मुआवजा, PADB बैंकों में OTS योजना और आंदोलन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई शामिल है.

जगजीत सिंह डल्लेवालजगजीत सिंह डल्लेवाल
क‍िसान तक
  • फरीदकोट/चंडीगढ़,
  • Sep 10, 2026,
  • Updated Sep 10, 2026, 12:39 PM IST

पंजाब में किसानों की आवाज बुलंद करने के लिए बुलाई गई किसान पंचायत से पहले पुलिस और किसान संगठनों के बीच टकराव की स्थिति देखने को मिली. बुधवार को फरीदकोट में आयोजित भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) की किसान पंचायत से पहले यूनियन के अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने एहतियातन हिरासत में ले लिया. इसके बाद किसान संगठनों ने राज्य सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन करने के आरोप लगाए हैं.

जानकारी के अनुसार, पुलिस ने दक्षिण मालवा क्षेत्र के कई जिलों में विशेष निगरानी रखी. बठिंडा, मानसा और फरीदकोट सहित कई स्थानों पर पुलिस बल तैनात किया गया, जहां किसान यूनियन के स्वयंसेवकों और समर्थकों को कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की गई. फरीदकोट पंचायत में शामिल होने जा रहे कई किसानों को रास्ते में ही हिरासत में लिया गया.

इन मांगों को लेकर बुलाई गई थी किसान पंचायत

भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) ने किसानों की अलग-अलग मांगों को लेकर यह पंचायत बुलाई थी. संगठन की प्रमुख मांगों में फरीदकोट के हरि नौ गांव के उन दो किसान भाइयों के परिवारों को उचित मुआवजा देना शामिल है, जिन्होंने इसी वर्ष मार्च महीने में आत्महत्या कर ली थी.

इसके अलावा किसानों की मांग है कि प्राइमरी कोऑपरेटिव एग्रीकल्चरल डेवलपमेंट बैंकों (PADBs) में भी कमर्शियल बैंकों की तरह वन टाइम सेटलमेंट (OTS) योजना लागू की जाए, ताकि कर्जदार किसानों को राहत मिल सके. किसान संगठन शंभू और खनौरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान कथित तौर पर चोरी या क्षतिग्रस्त हुए सामान के लिए भी मुआवजे की मांग कर रहे हैं.

डल्लेवाल बोले, सुबह से घरों के बाहर तैनात थी पुलिस

पुलिस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाल ने कहा कि बुधवार तड़के ही यूनियन के प्रमुख नेताओं के घरों के बाहर पुलिस बल तैनात कर दिया गया था. इससे नेताओं की आवाजाही प्रभावित हुई और बड़ी संख्या में समर्थक पंचायत में शामिल नहीं हो सके.

डल्लेवाल ने आरोप लगाया कि किसानों की जायज मांगों को सुनने के बजाय प्रशासन दमनकारी रवैया अपना रहा है. उनका कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले किसानों को रोकना उचित नहीं है.

BKU ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

भारतीय किसान यूनियन (एकता सिद्धूपुर) के राज्य उपाध्यक्ष काका सिंह कोटरा ने पुलिस कार्रवाई की कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार किसानों के शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक विरोध को दबाने की कोशिश कर रही है.

कोटरा ने कहा कि किसान नेताओं और कार्यकर्ताओं को बिना किसी बड़े कारण के हिरासत में लेना लोकतंत्र की भावना के खिलाफ है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार किसानों की मांगों की अनदेखी करती रही तो आंदोलन को और तेज किया जा सकता है.

केंद्र सरकार के साथ हाल में हुई थी अहम बैठक

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) के संयोजक जगजीत सिंह डल्लेवाल के नेतृत्व में किसान प्रतिनिधिमंडल ने गुरुग्राम में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ तीन घंटे से अधिक समय तक बैठक की थी. इस दौरान किसानों के 10 सूत्रीय मांग पत्र पर विस्तृत चर्चा हुई थी.

प्रतिनिधिमंडल को यह भी भरोसा दिया गया था कि जल्द ही केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के साथ भी बैठक कराई जाएगी, ताकि किसानों के मुद्दों पर आगे बातचीत हो सके.

मार्च 2025 के बाद फिर शुरू हुई है बातचीत

केंद्र और किसान संगठनों के बीच हालिया बातचीत को महत्वपूर्ण माना जा रहा है. दरअसल, 19 मार्च 2025 को चंडीगढ़ में केंद्रीय मंत्रियों के समूह के साथ बैठक के बाद किसान नेताओं जगजीत सिंह डल्लेवाल और सरवन सिंह पंधेर समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया गया था. इसके बाद वार्ता की प्रक्रिया रुक गई थी.

किसान संगठन लगातार केंद्र सरकार पर वार्ता दोबारा शुरू करने का दबाव बना रहे थे. इसी क्रम में 16 अगस्त को किसान संगठनों को 4 सितंबर को केंद्रीय मंत्रियों के साथ बैठक का आश्वासन दिया गया था, जिसके बाद संवाद प्रक्रिया फिर आगे बढ़ती दिखाई दी.

भारत-अमेरिका FTA पर भी उठाया गया किसानों का मुद्दा

डल्लेवाल के मुताबिक, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर के साथ हुई बैठक में प्रस्तावित भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर भी चर्चा हुई. उन्होंने बताया कि किसानों ने कृषि, डेयरी, पोल्ट्री, मत्स्य पालन और मधुमक्खी पालन क्षेत्रों पर संभावित प्रभावों को लेकर चिंता जताई थी.

डल्लेवाल का कहना है कि केंद्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि व्यापार वार्ता के दौरान किसानों और कृषि क्षेत्र के हितों की रक्षा की जाएगी और किसी भी ऐसे निर्णय से बचा जाएगा जिससे किसानों को नुकसान हो.

कुल मिलाकर, फरीदकोट किसान पंचायत से पहले हुई पुलिस कार्रवाई ने पंजाब की किसान राजनीति को एक बार फिर गरमा दिया है. एक तरफ किसान संगठन अपनी मांगों को लेकर संघर्ष तेज करने की बात कर रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार कानून-व्यवस्था बनाए रखने की दलील दे रही है. आने वाले दिनों में किसानों और सरकार के बीच होने वाली बैठकों पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी.

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