
भेड़ाघाट के मजीठा स्थित वेयरहाउस के सामने किसानों ने फसल का भुगतान न होने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया. सैकड़ों ट्रैक्टरों की रैली निकालकर किसानों ने अपनी नाराजगी जताई. मूंग और उड़द का उपार्जन होने के बावजूद भी सरकार द्वारा भुगतान नहीं किए जाने से किसान खफा हैं. इस वेयरहाउस में सैकड़ों किसानों की फसल रखी हुई है, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बावजूद भुगतान नहीं हुआ है. किसानों का कहना है कि अगर जल्द भुगतान नहीं किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे.
हाल ही में मूंग और उड़द की खरीदी में धांधली के मामले सामने आए थे. इस मामले में 10 लोगों पर FIR दर्ज की गई है. इसी वजह से किसानों के करोड़ों रुपये का भुगतान अटका हुआ है.
किसानों ने सरकार से अपील की है कि जल्द से जल्द उनका भुगतान किया जाए. उनका कहना है कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे. मूंग और उड़द बेचने वाले किसानों का गुस्सा लगातार बढ़ रहा है. फसल भुगतान में देरी और धांधली के मामलों से किसान काफी परेशान हैं और सरकार से तुरंत कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं.
मजीठा वेयरहाउस स्थित उपार्जन केंद्र पर किसानों ने ट्रैक्टरों के साथ पहुंचकर प्रदर्शन किया. उनका कहना था कि उन्होंने तय प्रक्रिया के अनुसार मूंग और उड़द उपार्जन केंद्र पर जमा की थी और रसीद भी उन्हें मिल गई थी. लेकिन महीनों बीत जाने के बावजूद न तो भुगतान मिला और न ही प्रशासन द्वारा कोई स्पष्ट जवाब दिया जा रहा है.
किसानों ने साफ कहा कि अगर सरकार भुगतान नहीं कर सकती, तो उनकी उपज उन्हें लौटा दी जाए. कई किसानों का कहना था कि उपज बेचने के लिए उन्होंने कर्ज लिया था, अब भुगतान न होने से आर्थिक संकट गहरा गया है. वेयरहाउस में जमा लाखों रुपये की दाल उनके लिए उम्मीद का सहारा बनी हुई है.
जिला प्रशासन का कहना है कि मूंग‑उड़द खरीदी में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है. जांच के बाद करीब 10 आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है. प्रशासन का तर्क है कि जब तक आरोपियों से राशि की वसूली नहीं हो जाती, किसानों को भुगतान कर पाना संभव नहीं होगा.
इस घोटाले में किसानों का करोड़ों रुपये अटका हुआ है. किसान कहते हैं कि गड़बड़ी उन्होंने नहीं की, फिर भी नुकसान उन्हें झेलना पड़ रहा है. भुगतान न मिलने से कई किसान बीज, खाद और सिंचाई के खर्च पूरे नहीं कर पा रहे हैं. उनकी फसलों की अगली तैयारी भी प्रभावित हो रही है.
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस समाधान नहीं निकला, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा. उनका कहना था कि भरोसेमंद व्यवस्था न होने से उनका भविष्य अधर में लटका है.
एसडीएम ऋषभ जैन ने किसानों को आश्वस्त किया कि दोषियों की संपत्ति कुर्क कर राशि वसूली जाएगी और वह रकम किसानों को दी जाएगी. इस आश्वासन के बाद किसानों ने आंदोलन को 15 दिन के लिए स्थगित कर दिया है.
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