
बिहार सरकार में विभागों का बंटवारा हो गया है. इसमें 29 विभाग मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास हैं जिसमें गृह विभाग भी है. उनके पास कृषि विभाग भी है जिसे अभी तक रामकृपाल यादव संभाल रहे थे. इसके अलावा 10 विभाग उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी के पास हैं और 8 विभाग बिजेंद्र यादव को दिया गया है. उपमुख्यमंत्री बिजेंद्र यादव और विजय चौधरी दोनों जनता दल यूनाइटेड कोटे से हैं. जनता दल यूनाइटेड के दोनों उपमुख्यमंत्री के पास कुल 18 विभाग हैं तो सम्राट चौधरी के पास 29 विभाग.
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता सम्राट चौधरी ने बुधवार को ही बिहार के 24वें मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली है. यह पहली बार है जब BJP का कोई नेता राज्य के इस सबसे बड़े पद पर पहुंचा है. मुख्यमंत्री ने फिलहाल अपने पास 29 विभाग रखे हैं, जिनमें गृह, कृषि, सतर्कता, राजस्व और भूमि सुधार, और स्वास्थ्य जैसे अहम विभाग शामिल हैं.
मुख्यमंत्री के पास जो अन्य विभाग हैं, उनमें श्रम संसाधन और प्रवासी श्रमिक कल्याण, आपदा प्रबंधन, पंचायती राज और उद्योग शामिल हैं.
अधिसूचना में कहा गया है कि सम्राट चौधरी के पास कुल मिलाकर 29 विभाग हैं, साथ ही "अन्य सभी ऐसे विभाग भी हैं जो किसी और को आवंटित नहीं किए गए हैं".
विजय कुमार चौधरी को 10 विभाग आवंटित किए गए हैं, जिनमें जल संसाधन, संसदीय कार्य और सूचना एवं जनसंपर्क शामिल हैं—ये वही विभाग हैं जो उनके पास पिछली नीतीश कुमार सरकार में भी थे.
यादव के पास आठ विभाग होंगे, जिनमें ऊर्जा, वित्त और योजना एवं विकास शामिल हैं—ये वही विभाग हैं जिनकी ज़िम्मेदारी उन्हें पिछली सरकार में भी सौंपी गई थी. उन्हें मद्यनिषेध, उत्पाद शुल्क और पंजीकरण विभाग भी आवंटित किया गया है.
इससे पहले, ऐसी अटकलें जोरों पर थीं कि JD(U) गृह विभाग अपने पास रखने पर जोर देगा, क्योंकि इस विभाग के पास राज्य पुलिस का नियंत्रण होता है. JD(U) के प्रमुख नीतीश कुमार ने अपने 20 साल के लंबे कार्यकाल के ज्यादातर समय तक गृह विभाग पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी थी, लेकिन पिछले साल नवंबर में लगातार पांचवीं बार सत्ता में लौटने के बाद वे इस विभाग को छोड़ने पर सहमत हो गए थे.
राज्य के अहम विभागों में कृषि भी शामिल है जिसका जिम्मा अभी मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के पास है. इससे पहले बीजेपी नेता रामकृपाल यादव यह विभाग संभाल रहे थे. उनसे पहले कृषि मंत्रालय उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ बीजेपी नेता विजय कुमार सिन्हा के पास था. जानकारों के मुताबिक, मंत्रालय बंटवारे के बाद कृषि विभाग किसी अन्य नेता के पास जाएगा, लेकिन उससे पहले इससे जुड़े सभी काम मुख्यमंत्री की देखरेख में ही निपटाए जाएंगे.
सामान्य प्रशासन, गृह, मंत्रिमंडल सचिवालय, निगरानी, निर्वाचन, राजस्व एवं भूमि सुधार, खान एवं भू-तत्व, नगर विकास एवं आवास, स्वास्थ्य, विधि, उद्योग पथ निर्माण, कृषि, लघु जल संसाधन, श्रम संसाधन एवं प्रवासी श्रमिक कल्याण, पर्यटन, युवा, रोजगार एवं कौशल विकास, कला एवं संस्कृति, डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन, आपदा प्रबंधन, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण, सूचना प्राद्योगिकी, खेल, सहकारिता, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन, गन्ना उद्योग, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण, पंचायती राज
जल संसाधन, संसदीय कार्य, सूचना एवं जन-संपर्क, भवन निर्माण, अल्पसंख्यक कल्याण, शिक्षा, विज्ञान प्राद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा, ग्रामीण विकास, परिवहन,
उच्च शिक्षा
ऊर्जा, योजना एवं विकास, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन, वित्त, वाणिज्य-कर, समाज कल्याण, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण, ग्रामीण कार्य