
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के कई हिस्सों के लिए आंधी, बिजली, तेज हवाओं और भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. उत्तर-पश्चिम, मध्य और पूर्वी भारत में 30-31 मई के दौरान 50 से 80 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना है. वहीं पूर्वोत्तर भारत और दक्षिण प्रायद्वीपीय राज्यों में अगले कई दिनों तक भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है. दूसरी ओर, मध्य भारत के अधिकांश हिस्सों में लू की स्थिति कमजोर पड़ चुकी है और तापमान में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है.
वहीं, दक्षिण-पश्चिम मानसून ने 30 मई को अरब सागर, बंगाल की खाड़ी और लक्षद्वीप क्षेत्र के कुछ और हिस्सों में प्रगति की है. मौसम विभाग के अनुसार अगले 4-5 दिनों में मॉनसून केरल, तमिलनाडु, लक्षद्वीप और आसपास के समुद्री क्षेत्रों के अतिरिक्त भागों में आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनी हुई हैं.
मौसम विभाग के अनुसार, 31 मई को उत्तर भारत के कई राज्यों में मौसम सक्रिय बना रहेगा. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश तथा तेज हवाएं चलने की संभावना है. कुछ क्षेत्रों में 60 से 70 किमी प्रति घंटा तक की रफ्तार से झोंके चल सकते हैं. उत्तराखंड में भी बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रहने का अनुमान है.
पूर्वी भारत में बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में बादल छाए रहने, बारिश और बिजली गिरने की संभावना है. ओडिशा में भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है.
इसके अलावा दक्षिण भारत में तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और पुडुचेरी में कई स्थानों पर बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां बनी रहेंगी. पूर्वोत्तर भारत में असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है.
31 मई को दिल्ली-NCR में आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहेगा और शाम या रात के समय बहुत हल्की से हल्की बारिश के साथ गरज-चमक की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं.
इस दौरान 40 से 50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनके झोंके 60 किमी प्रति घंटा तक पहुंच सकते हैं. अधिकतम तापमान 36 से 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 23 से 25 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है.
1 जून को दिल्ली में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है. अधिकतम तापमान 37 से 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 से 26 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है. 2 जून को तापमान में हल्की बढ़ोतरी दर्ज हो सकती है और अधिकतम तापमान 38 से 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है.
1 जून के बाद राजस्थान के कुछ हिस्सों में आंधी और तेज हवाओं की गतिविधियां बनी रह सकती हैं. 4 और 5 जून को जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना है. उत्तर-पश्चिम भारत में 31 मई से 5 जून के बीच अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की क्रमिक बढ़ोतरी होने का अनुमान है.
IMD के मुताबिक, 1 से 5 जून के बीच असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. 4 और 5 जून को उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश हो सकती है. ओडिशा में 1 जून तक भारी बारिश का असर बना रह सकता है.
मध्य प्रदेश, विदर्भ और छत्तीसगढ़ में 3 जून तक गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं. पश्चिम मध्य प्रदेश में 1 जून तक कहीं-कहीं भारी बारिश की संभावना है. इसके बाद तापमान में बहुत बड़ा बदलाव नहीं होने का अनुमान है.
गुजरात में 2 जून तक तेज हवाओं और बारिश का दौर जारी रह सकता है तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश की संभावना है. कोंकण-गोवा में 4 जून तक और मराठवाड़ा में 3 जून तक बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं.
केरल और माहे में 5 जून तक, तमिलनाडु में 3 जून तक और आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में शुरुआती जून तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है. कई इलाकों में भारी बारिश की भी संभावना बनी हुई है.
मौसम विभाग ने जिन क्षेत्रों में आंधी, तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है वहां किसानों को खेतों में कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थान पर रखने और तिरपाल से ढकने की सलाह दी है. बागवानी फसलों, सब्जियों और फलदार पौधों को सहारा देने की व्यवस्था करें ताकि तेज हवाओं से नुकसान कम हो सके. भारी बारिश वाले क्षेत्रों में सिंचाई फिलहाल टालें और खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था रखें.
पशुपालकों को पशुओं को खुले में न छोड़कर सुरक्षित शेड में रखने, पर्याप्त स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने और चारे को सुरक्षित स्थान पर संग्रहित करने की सलाह दी गई है. मछली पालन करने वाले किसानों को तालाबों की निकासी व्यवस्था मजबूत रखने की सलाह दी गई है ताकि अधिक वर्षा की स्थिति में नुकसान से बचा जा सके.