
महाराष्ट्र में प्याज खरीद की कीमतें (किसानों से) गिरने का मामला अब नई दिल्ली में सत्ता के गलियारों तक पहुंचने की संभावना है. 'Mid Day' की एक रिपोर्ट के अनुसार, बुधवार को सत्ताधारी गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं के केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह से मिलने की उम्मीद है, ताकि प्याज किसानों के लिए तत्काल राहत उपायों की मांग की जा सके. ये किसान गिरती कीमतों के कारण भारी नुकसान का सामना कर रहे हैं. बढ़ते दबाव के बीच, राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के उपाय के तौर पर प्याज के लिए 1580 रुपये प्रति क्विंटल न्यूनतम खरीद कीमत की घोषणा की है.
रिपोर्ट के अनुसार, 'महायुति' गठबंधन के नेताओं के केंद्रीय मंत्री अमित शाह से मिलने की संभावना है, ताकि कीमतों में भारी गिरावट से प्रभावित प्याज किसानों के लिए अतिरिक्त समर्थन और राहत उपायों की मांग की जा सके. सरकार कीमतों को स्थिर करने और किसानों को और अधिक आर्थिक संकट से बचाने के लिए हस्तक्षेप के उपायों पर जोर दे सकती है, जिसमें खरीद में सहायता और निर्यात से संबंधित राहत शामिल है.
दूसरी ओर, महाराष्ट्र NCP (SP) के विधायक रोहित पवार ने सोमवार को मांग की कि सरकार प्याज को 25 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदे और उन किसानों को मुआवजा दे जिन्होंने प्याज की गिरती कीमतों के चलते अपनी उपज बहुत कम कीमतों पर बेच दी थी.
पवार, अपने पार्टी सांसदों नीलेश लंके और भास्कर भागरे के साथ, नासिक में लासलगांव कृषि उपज मंडी समिति (APMC) में प्याज किसानों की एक ट्रैक्टर रैली और धरने में शामिल हुए. यह देश के सबसे बड़े प्याज व्यापार केंद्रों में से एक है.
प्रदर्शनकारियों ने किसानों की दुर्दशा की ओर ध्यान खींचने के लिए प्रतीकात्मक रूप से प्याज और भाकरी (बाजरे की रोटी) खाई. बता दें कि पश्चिम एशिया संकट के कारण निर्यात प्रभावित होने से प्याज की कीमतें गिर गई हैं.
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुक्रवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार किसानों से प्याज 12.35 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदेगी.
सोमवार को एक विरोध प्रदर्शन में बोलते हुए, पवार ने दावा किया कि महाराष्ट्र में प्याज किसान अपनी उत्पादन लागत भी वसूल नहीं कर पा रहे हैं, और कई किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है.
विपक्षी NCP (SP) के विधायक ने कहा कि कई किसानों को प्याज बहुत कम कीमतों पर बेचने के बाद ढुलाई का खर्च अपनी जेब से उठाना पड़ा. पवार के अनुसार, प्याज उगाने की लागत 17 से 20 रुपये प्रति किलो के बीच है, जबकि किसानों को अभी लगभग 12.50 रुपये प्रति किलोग्राम मिल रहे हैं, जिसे उन्होंने एक घोर अन्याय बताया.
उन्होंने कहा कि सरकार को नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के जरिए खरीद पर निर्भर रहने के बजाय, बाजार समितियों में किसानों से सीधे 25 रुपये प्रति किलो की दर से सारा प्याज खरीदना चाहिए.
पवार ने उन किसानों के लिए 15 से 20 रुपये प्रति किलो की सब्सिडी की भी मांग की, जिन्होंने पहले बहुत कम कीमतों पर प्याज बेची थी. उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार इस मुद्दे को हल करने और प्याज उगाने वालों की मांगों को मानने में नाकाम रहती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज किया जाएगा.