
देश ने शनिवार को 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे उत्साह और गौरव के साथ मनाया. दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित मुख्य समारोह में समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से करीब 5,000 खास मेहमान शामिल हुए. इन मेहमानों में किसान, महिला उद्यमी, युवा इनोवेटर, वैज्ञानिक, सरकारी योजनाओं के लाभार्थी और अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले लोग शामिल रहे. इस बार खास मेहमानों की सूची में समाज के उन लोगों को जगह दी गई, जिन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर अपने क्षेत्र में बेहतर काम किया है या देश के विकास में योगदान दिया है. इनमें पीएम मुद्रा योजना के तहत सफल महिला उद्यमी, पीएम स्वनिधि योजना से जुड़े स्ट्रीट वेंडर और प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी के बेहतर प्रदर्शन करने वाले लाभार्थी शामिल रहे.
समारोह में किसानों को भी खास जगह दी गई. प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्धि सह-योजना (PM-MKSSY) के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले किसानों को आमंत्रित किया गया. इसके अलावा नमस्ते (NAMASTE), पीएम अजय (PM AJAY) और सीड जैसी योजनाओं के लाभार्थी भी लाल किले पर आयोजित समारोह का हिस्सा बने. स्वच्छ भारत मिशन से जुड़े शहरी सफाई कर्मचारियों को भी खास मेहमान के रूप में बुलाया गया. इसके अलावा दिल्ली मेट्रो के बेहतर प्रदर्शन करने वाले कर्मचारी, कर्तव्य पथ और सेंट्रल विस्टा से जुड़े कर्मचारी और दिल्ली के सरकारी अस्पतालों के कर्मचारी भी समारोह में मौजूद रहे.
देश में नई सोच और इनोवेशन को बढ़ावा देने वाले युवाओं को भी इस समारोह में सम्मान मिला. राष्ट्रीय नवाचार कार्यक्रमों से जुड़े युवा इनोवेटर, अलग-अलग क्षेत्रों के वैज्ञानिक और प्रधानमंत्री इंटर्नशिप योजना के इंटर्न इसमें शामिल हुए. इसके अलावा स्टार्टअप इंडिया सीड फंड के तहत बेहतर प्रदर्शन करने वाले स्टार्टअप और दूसरी सरकारी योजनाओं के जरिए सहायता प्राप्त सफल स्टार्टअप को भी आमंत्रित किया गया. पीएम कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षित युवाओं को भी समारोह में शामिल होने का मौका मिला.
प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगर, पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लाभार्थी और प्रधानमंत्री श्रम योगी मानधन योजना से जुड़े लोग भी लाल किले पर मौजूद रहे. दिल्ली में काम करने वाले भारत टैक्सी के कैब ड्राइवर और पीएम स्वनिधि के तहत काम करने वाले स्ट्रीट वेंडर भी इस खास सूची में शामिल थे.
समारोह में देश की सांस्कृतिक विविधता की भी खास झलक देखने को मिली. अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से 1,500 से अधिक लोग पारंपरिक वेशभूषा में लाल किले पहुंचे. इससे समारोह में भारत की अलग-अलग भाषाओं, संस्कृतियों और परंपराओं का रंग देखने को मिला. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को लाल किले से 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह का नेतृत्व किया. इस बार का समारोह राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के मौके से भी जुड़ा रहा. खास बात यह रही कि लाल किले के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पहली बार ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया.
इस तरह 80वें स्वतंत्रता दिवस का समारोह सिर्फ एक सरकारी कार्यक्रम नहीं रहा, बल्कि इसमें किसानों, मजदूरों, महिलाओं, युवाओं, उद्यमियों, वैज्ञानिकों, कारीगरों और आम नागरिकों की भागीदारी के जरिए देश की विविधता और विकास की तस्वीर भी दिखाई दी. (PTI)